मजदूरों को भोजन देने की योजना अधर में
बिलासपुर ! जिले के मजदूरों को दोपहर का भोजन मुफ्त में देने की शासन की योजना अभी तक अधर में लटकी है।

श्रम विभाग अभी तक पूरा नहीं कर पाया सर्वे
हजारों मजदूरों को योजना की जानकारी तक नहीं
बिलासपुर ! जिले के मजदूरों को दोपहर का भोजन मुफ्त में देने की शासन की योजना अभी तक अधर में लटकी है। इस पर अभी तक सर्वे ही किया जा रहा है। वहीं जिले के कई दिहाड़ी मजदूर श्रम विभाग के बारे में नहीं जानते और अपना पंजीयन नहीं कराया है। शासन का कहना है कि योजना का लाभ पंजीकृत मजदूरों को ही मिलेगा। फिलहाल श्रम विभाग में 97 हजार असंगठित, 98 हजार संगठित व 98 हजार भवन निर्माण मजदूर पंजीकृत है। सभी लाभान्वित मजदूरों को श्रम विभाग से कूपन दिया जाना है।
गौरतलब है कि राज्य शासन द्वारा सबसे गरीब सरकार के सबसे करीब के उद्देश्य की पूर्ति के लिए मुख्यमंत्री अन्न वितरण योजना शुरू की जा रही है जिसके तहत दिहाड़ी मजदूरों को भोजन मुफ्त दिया जाना है, लेकिन इस योजना के तहत अब तक कोई ठोस कार्ययोजना नहीं बन पाई है और श्रम विभाग सर्वे में ही जुटी है। वहीं जिले के कई मजदूरों को श्रम विभाग में क्या होता है वह पता नहीं है और नहीं उनका पंजीयन हुआ है। ऊपर से शासन का यह भी फरमान है कि योजना का लाभ केवल पंजीकृत मजदूरों को ही दी जाएगी। गांव-देहात के भी दर्जनों मजदूर रोज काम की तलाश में शहर आते हैं।
भोजन वितरण का काम भी मजदूर करें
चांटीडीह निवासी राधेलाल ने बताया कि वह श्रम विभाग का नाम पहली बार सुन रहा है। जहां मजदूरों का पंजीयन होता है हमें भोजन देने की शुरुआत तो शासन को पहले ही कर देनी चाहिए थी लेकिन भोजन बनाने व वितरण का काम भी हम मजदूरों को ही देना चाहिए ताकि हमारे जैसे मजदूरों को काम मिल सके।
योजना की जानकारी नहीं
सिरगिट्टी बन्नाक चौक में रोज काम के तलाश में आने वाले शामिल राम पिता उमेदराम का कहना है कि शासन की अन्न वितरण योजना की हमें कोई जानकारी नहीं है। यदि शासन हमें मुफ्त में भोजन देना शुरू करेगी तो हमारे लिए अच्छी बात है।


