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महिला तस्करों व नशे के सौदागरों पर पुलिस की नजर

रायपुर ! शहर में तेजी से पनप रहे नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिये पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है।

महिला तस्करों व नशे के सौदागरों पर पुलिस की नजर
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अवैध कारोबार पर नकेल कसने पुलिस का अभियान
रायपुर ! शहर में तेजी से पनप रहे नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिये पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी कड़ी में उन कॉलोनी और बस्तियों में छापामार अभियान शुरू किया गया है जो पिछले दिनों उक्त क्षेत्रों में अन्य राज्यों से आकर बसे हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि तस्करी के बड़े रैकेट बस्तियों से संचालित हो रहे है। क्योंकि इन स्थानों पर अनजान और नये व्यक्तियों को लेकर खास खोजबिन नहीं की जाती। इसलिये तस्कर ठिकाना बनाते है। ज्यादातर अपराध पनपने के पीछे नई कॉलोनी में रहने वाले किराएदार रूपी बदमाश होते हैं। इसलिये पुलिस ने उन बदमाशों को बेनकाब करने के लिये रणनीति के तौर पर कार्रवाई शुरू की है। एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक अब नियमित तौर पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जायेगी। साथ ही कहा कि हर कीमत पर अपराध को रोकने के प्रयास करेंगे। उनका मानना है कि प्रत्येक व्यक्ति को सुरक्षा दे पाना मुश्किल है लेकिन सामूहिक प्रयास से अपराध नियंत्रण में सफलता पाई जा सकती है।
उल्लेखनीय है कि पुलिस ने एक ताजातरीन कार्रवाई में पंडरी के रिहायशी क्षेत्रों में कार्रवाई कर महिला तस्करों को पकड़ा है जो हाईटेक तरीके से पुरुष दलालों के माध्यम से नशे का कारोबार कर रही थी। इसमें पकड़ी गई महिलाओं ने घटनास्थल पर बकायदा कैमरा लगाया रखा था और हर गतिविधि पर नजर रखने के साथ तस्करी के सामान की बिक्री कर रही थी। इसी के मद्देनजर पुलिस ने बोरियाखुर्द हाऊसिंग बोर्ड कालोनी में कार्रवाई की है। यहां से 10 लोगों को संदिग्ध हालत में पकड़ा गया है जिनकी गतिविधियां असामान्य बताई जा रही है। पकड़े गये संदिग्धों से पूछताछ चल रही है। इसी तरह की कार्रवाईयां नगर के नई कालोनी वाले इलाकों में, बस्तियों में और राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे रिहायशी क्षेत्रों में कार्रवाई की प्लानिंग है। तस्करी के जोन- राजधानी में दो दर्जन से अधिक स्थान चिन्हित है जहां तस्करी के सामान उतारे और चढ़ाये जाते है। बाद में उन सामानों को निर्दारित ठिकानों पर पहुंचाकर नशे का कारोबार किया जाता है। इसमें एक बड़ी कार्रवाई संभव है। उड़ीसा के रास्ते गांजा, अफीम की तस्करी होती है। यह सामान आरंग, मंदिर हसौद, धरसींवा के साथ रेल मार्ग से शहर पहुंचता है। बाद में रामनगर, ताजनगर, गाजी नगर, संतोषीनगर, मदौहापारा, कटोरातालाब, राजातालाब, छोटापारा, नेहरूनगर, पुरानी बस्ती, डब्ल्यूआरएस कालोनी में पहुंचाकर फैलाया जाता है। ऐसे कैमरों पर पुलिस की निगरानी होने जा रही है। नाबालिग सप्लाई के मुख्यकर्ता- बताया जा रहा है कि नशा का कारोबार फैलाने के लिये नाबालिग बच्चों का प्रयोग तस्कर करते रहे हैं। रामनगर, गाजीनगर, ताजनगर, राजातालब, संतोषीनगर, बीरगांव, उरला, अछोली में नाबालिग सप्लायरों को पाया जा सकता है जो खुद नशे के शिकार हो रहे हैं। वीआईपी मदद पर होगी कार्रवाई- बताया जा रहा है कि नशा व अन्य मादक पदार्थों को शहर में फैलाने के पीछे सफेद पोश वीआईपी मददगार शामिल रहते हैं। ऐसे मददगारों को भी बेनकाब करने के लिये पुलिस ने प्लानिंग की है। आरंग, मंदिर हसौद, अभनपुर, धरसींवा, बलौदाबाजार क्षे्त्र से आयतित नशा को फैलाने में उक्त वीआईपी भूमिका पाई गई। लेकिन अब इन जगहों पर पुलिस की विशेष रणनीति कार्रवाई के साथ अभियान चलाने जा रही है।


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