डोर टू डोर कचरा कलेक्शन योजना से महिलाएं हो रही आत्मनिर्भर
क्षेत्र में शासन द्वारा महिलाओं के लिये चलाई जा रही योजनाओं का असर अब दिखाई पड़ने लगा है

मनेन्द्रगढ़। क्षेत्र में शासन द्वारा महिलाओं के लिये चलाई जा रही योजनाओं का असर अब दिखाई पड़ने लगा है। महिला सशक्तिकरण की दिशा में किये गये प्रयासों का ही परिणाम है कि वे महिलाएं जो लंबे समय से बेरोजगारी का दंश झेल रही थी उन्हें अब आजीविका मिशन के तहत् स्वरोजगार मिलने लगा है जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार दिखाई पड़ने लगा है।
महिला स्व सहायता समूहों के लिये चलाई गई एक ऐसी योजना है डोर टू डोर कचरा कलेक्शन योजना है जिससे महिलाएं अब आत्मनिर्भर हो रही हैं।
जिले के सभी विकासखंडों में जहां नगरीय निकाय संचालित हैं उन नगरीय निकायों में महिला स्व सहायता समूहों को स्वच्छता अभियान से जोड़ा गया है।
इस अभियान के तहत् नगर पालिका निगम चिरमिरी, नगर पालिका परिषद् बैकुंठपुर, नगर पालिका शिवपुर चरचा, नगर पालिका बैकुंठपुर के साथ झगराखाण्ड, लेदरी व खोंगापानी में संचालित नगर पंचायतों के सभी वार्डो में कचरा कलेक्शन के लिये महिला स्व सहायता समूहों को कचरा कलेक्शन का कार्य दिया गया है।
इसके लिये महिलाओं को रिक्शा भी दिया जा रहा है जिसमें वे सूखा और गीला कचरा संग्रहित कर शहर को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान दे रही हैं। इस कार्य से जहां शहरी क्षेत्रों में लोगों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता आई है वहीं महिलाओं को स्वावलंबी बनाने की दिशा में भी तेजी से कार्य हो रहा है।
ये महिलाएं सुबह होते ही रिक्शा लेकर कचरा कलेक्शन के कार्य में निकल पड़ती हैं। इन समूहों को अलग अलग वार्डो में जाकर कचरा कलेक्शन करना होता है। महिलाओं को इस काम में लगाने से जहां उन्हें स्वरोजगार मिल रहा है वहीं उनकी आर्थिक स्थिति में भी सुधार दिखाई पड़ने लगा है।
ये महिलाएं संग्रहित कचरे को निर्धारित स्थल में इकट्ठा करती हैं जहां से कचरे का निष्पादन किया जाता है। इस मामले में अधिकारियों का कहना है कि स्व सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं पुरूषों की अपेक्षा बेहतर तरीके से इस अभियान को निरंतर आगे बढ़ा रही हैं।


