Top
Begin typing your search above and press return to search.

पश्चिम बंगाल: सरकारी संपत्तियों को भगवा रंग से रंगने के खिलाफ पीआईएल वापस, हाई कोर्ट ने किया खारिज

कलकत्ता हाई कोर्ट ने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा कथित तौर पर सार्वजनिक स्थानों और सरकारी संपत्तियों को भगवा रंग से रंगने के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज कर दिया।

पश्चिम बंगाल: सरकारी संपत्तियों को भगवा रंग से रंगने के खिलाफ पीआईएल वापस, हाई कोर्ट ने किया खारिज
X

कोलकाता। कलकत्ता हाई कोर्ट ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा कथित तौर पर सार्वजनिक स्थानों और सरकारी संपत्तियों को भगवा रंग से रंगने के फैसले को चुनौती देने वाली जनहित याचिका को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज कर दिया।

मुख्य न्यायाधीश आरवी घुगे और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। याचिकाकर्ता पेशे से वकील हैं और उन्होंने सार्वजनिक स्थानों एवं संरचनाओं को भगवा रंगने पर सरकारी धन खर्च किए जाने पर सवाल उठाया था।

याचिकाकर्ता ने दलील दी कि इस काम पर बिना किसी स्पष्ट सार्वजनिक उद्देश्य के सरकारी धन खर्च किया जा रहा है और यह जनता के पैसे का अनावश्यक खर्च है।

याचिका में उदाहरण के तौर पर कोलकाता के प्रमुख सांस्कृतिक संस्थान एकेडमी ऑफ फाइन आर्ट्स की दीवारों का जिक्र किया गया। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि इसकी दीवारों को भगवा रंग से रंगा गया है। इसके अलावा एक मीडिया संस्थान के गेट को भी कथित तौर पर भगवा रंगने का मुद्दा अदालत के सामने उठाया गया।

हालांकि, खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता ऐसा कोई मामला पेश नहीं कर सके, जिसमें अदालत के हस्तक्षेप की आवश्यकता हो।

इसके बाद अदालत ने याचिकाकर्ता को जनहित याचिका वापस लेने की अनुमति दे दी और याचिका को वापस लिए जाने के आधार पर खारिज कर दिया।

इससे दो दिन पहले कलकत्ता हाई कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस के नेता एवं डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के मध्य कोलकाता स्थित कैमक स्ट्रीट कार्यालय को लेकर पश्चिम बंगाल अग्निशमन सेवा विभाग की ओर से जारी बेदखली नोटिस को रद्द कर दिया था।

न्यायमूर्ति कृष्ण राव की एकल पीठ ने अग्निशमन विभाग को निर्देश दिया था कि वह पहले तृणमूल कांग्रेस को कार्यालय के निरीक्षण की तारीख की जानकारी देते हुए नोटिस जारी करे।

अदालत ने यह भी कहा था कि अग्निशमन विभाग कार्यालय में आवश्यक अग्नि सुरक्षा उपायों के बारे में पार्टी को जानकारी दे। इसके बाद तृणमूल कांग्रेस को निर्धारित दिशानिर्देशों के अनुसार सुरक्षा से जुड़े जरूरी कदम उठाने होंगे।

अदालत ने स्पष्ट किया था कि अगर इसके बाद भी जरूरी दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया जाता है तो अग्निशमन विभाग कानूनी प्रावधानों के अनुसार उचित कार्रवाई कर सकता है।

अभिषेक बनर्जी का कैमक स्ट्रीट स्थित कार्यालय पिछले महीने उस समय विवाद में आया था, जब कोलकाता नगर निगम के कर्मचारियों और पुलिस ने इमारत की छत पर लगे एक कथित अवैध होर्डिंग को हटा दिया था।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it