पश्चिम बंगाल: विधानसभा चुनाव से पहले कोलकाता के दागी उपद्रवियों की सूची तैयार
कोलकाता पुलिस ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए शहर में संभावित उपद्रवियों की पहचान करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।

कोलकाता। कोलकाता पुलिस ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए शहर में संभावित उपद्रवियों की पहचान करने के लिए विशेष अभियान शुरू किया है।
पुलिस आयुक्त ने हाल ही में शहर के सभी थानों के उपद्रव-विरोधी अधिकारियों (एआरओ) को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने पुलिस उपायुक्तों को एक ‘रफ रजिस्टर’ प्रस्तुत करें, जिसमें उनके अधिकार क्षेत्र के उपद्रवियों के नाम और विस्तृत विवरण दर्ज हों।
एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, यह रिपोर्ट सोमवार को लालबाजार पुलिस मुख्यालय में जमा कराई गई।
पुलिस के खुफिया विभाग के अनुसार, अब तक लगभग 83 ‘दागी’ उपद्रवियों के नाम लालबाजार को सौंपे जा चुके हैं।
ये नाम बेलियाघाटा, टॉपसिया, करेआ, फूलबागान, भांगर पुलिस थाना क्षेत्रों तथा कोलकाता पुलिस के अधिकार क्षेत्र में हाल ही में शामिल इलाकों से सामने आए हैं।
इसके अलावा, बेहाला, परनाश्री और ठाकुरपुकुर क्षेत्रों के उपद्रवियों को भी सूची में शामिल किया गया है।
लालबाजार के अधिकारियों का कहना है कि इन थानों के अधिकार क्षेत्र में और भी संदिग्ध उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। विधानसभा चुनाव के दौरान संभावित हिंसा को रोकने के लिए अग्रिम तैयारियों के तहत फिलहाल 83 लोगों को संभावित उपद्रवी के रूप में चिन्हित किया गया है।
पुलिस के अनुसार, सूची तैयार करने में खुफिया विभाग के जांचकर्ताओं ने प्रत्येक थाने के एआरओ की मदद की। यह सूची मुख्य रूप से 2021 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव और 2024 भारतीय आम चुनाव के दौरान हुई हिंसक घटनाओं से जुड़े आंकड़ों, पुलिस रिकॉर्ड और चार्जशीट के आधार पर तैयार की गई है।
सूत्रों का कहना है कि सूची में शामिल उपद्रवियों की संख्या आगे बढ़ सकती है। इनमें से 64 व्यक्तियों के खिलाफ पहले ही कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है, जबकि शेष 19 लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई शुरू की जाएगी।
पुलिस की आंतरिक रिपोर्ट के मुताबिक, कोलकाता पुलिस के बेहाला और दक्षिण-पूर्वी डिवीजन में सबसे अधिक कुख्यात अपराधियों की पहचान की गई है, जहां से 11-11 नाम दर्ज हुए हैं। इसके बाद भांगर और पूर्वी डिवीजन का स्थान है, जहां से 10-10 लोगों की पहचान की गई है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पिछले चुनावों के अनुभव से पता चला है कि मतदान के दौरान उपद्रवी तत्व ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं। इसलिए लंबे समय से फरार उपद्रवियों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि राज्य में विधानसभा चुनाव की तारीखों की अभी घोषणा नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने एहतियात के तौर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं।


