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पश्चिम बंगाल चुनाव: तृणमूल कांग्रेस ने जारी किया 10 सूत्रीय घोषणापत्र

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आगामी दो चरणों में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को अपना 10 सूत्रीय चुनावी घोषणापत्र जारी किया

पश्चिम बंगाल चुनाव: तृणमूल कांग्रेस ने जारी किया 10 सूत्रीय घोषणापत्र
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कोलकाता। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने आगामी दो चरणों में होने वाले पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए शुक्रवार को अपना 10 सूत्रीय चुनावी घोषणापत्र जारी किया।

घोषणापत्र में सबसे पहला वादा महिलाओं के लिए ‘लक्ष्मी भंडार’ योजना से जुड़ा है। पार्टी ने सत्ता में वापसी होने पर सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये और आरक्षित वर्ग की महिलाओं को 1,700 रुपये प्रतिमाह देने का आश्वासन दिया है।

युवाओं के लिए ‘बांग्लार युवा साथी’ योजना के तहत माध्यमिक परीक्षा पास 21 से 40 वर्ष तक के युवाओं को नौकरी मिलने तक 1,500 रुपये मासिक सहायता देने का वादा किया गया है।

टीएमसी ने हर परिवार को पक्का मकान उपलब्ध कराने का भी वादा किया है। साथ ही 30,000 करोड़ रुपये के कृषि बजट का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें किसानों और भूमिहीन कृषि परिवारों के लिए विशेष पैकेज शामिल होगा।

घोषणापत्र में राज्य के भौगोलिक पुनर्गठन का प्रस्ताव भी रखा गया है, जिसके तहत सात नए जिलों के गठन और शहरी निकायों के विस्तार की बात कही गई है, ताकि नागरिक सुविधाओं में सुधार हो सके।

वरिष्ठ नागरिकों के लिए मौजूदा पेंशन योजनाओं को जारी रखने और दायरा बढ़ाने का वादा किया गया है। इसके अलावा हर घर तक पाइपलाइन के जरिए पीने का पानी पहुंचाने की योजना भी शामिल है।

राज्य को पूर्वी भारत का व्यापारिक केंद्र बनाने के लिए बंदरगाह, सड़क और आधुनिक वर्ल्ड ट्रेड सेंटर जैसे बुनियादी ढांचे के विकास का भी वादा किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं को ब्लॉक और नगर स्तर तक पहुंचाने तथा शिक्षा क्षेत्र में सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का भी आश्वासन दिया गया है।

घोषणापत्र जारी करने के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार और भारत निर्वाचन आयोग (ईसीआई) पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की सत्तारूढ़ भाजपा चुनाव आयोग का इस्तेमाल कर राज्य में अप्रत्यक्ष रूप से राष्ट्रपति शासन लागू करने की कोशिश कर रही है।

उन्होंने यह भी आशंका जताई कि चुनाव के बाद राज्य के कई लोगों की नागरिकता छीनने और उन्हें देश से बाहर करने की कोशिश हो सकती है।

मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे अपनी चिंता नहीं है, बल्कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को लेकर चिंता है। इसी कारण मैं केंद्र की इस कथित सत्तावादी नीति के खिलाफ लड़ रही हूं और लगातार चुनाव आयोग को पत्र लिख रही हूं।”


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