Top
Begin typing your search above and press return to search.

बंगाल में मतदान की दर अच्छी है, यहां की जनता बाकी राज्यों से अलग: मजीद मेमन

पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु चुनावों को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व सांसद मजीद मेमन ने कहा कि इस बार मतदान की दर बहुत अच्छी रही है

बंगाल में मतदान की दर अच्छी है, यहां की जनता बाकी राज्यों से अलग: मजीद मेमन
X

मुंबई। पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु चुनावों को लेकर वरिष्ठ अधिवक्ता और पूर्व सांसद मजीद मेमन ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा कि इस बार मतदान की दर बहुत अच्छी रही है। दोनों ही राज्यों के लोगों ने चुनावों में बढ़-चढ़कर हिस्साा लिया। लोग बड़े उत्साह के साथ कतारों में खड़े रहे और भारी संख्या में मतदान किए।

मजीद मेमन ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा ने सबकुछ दांव पर लगा दिया है, लेकिन भाजपा को एक बात ध्यान रखनी होगी कि बंगाल की जनता बाकी राज्यों की जनता से अलग है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल और केरल, ये दो ऐसे राज्य हैं, जहां जनता समझदार और बहकावे-छलावे में आसानी से नहीं आ सकती। उन्होंने कहा कि सीएम ममता बनर्जी के काम के साथ जनता जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसा लग रहा है कि भाजपा वहां सफल नहीं हो पाएगी।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और पीएम मोदी को लेकर उन्होंने कहा कि अमित शाह हों या नरेंद्र मोदी इन लोगों ने बहुत ज्यादा मेहनत और कोशिशें की हैं। इससे पहले, इन्होंने घुसपैठियों का मुद्दा उठाया था कि सारे घुसपैठिए यहीं बैठे हैं, जो गलत तरीके से वोट डालते हैं। इन्होंने लाखों लोगों के नाम लिस्ट से हटवा दिए हैं और अब इन्होंने इसे झुग्गी-बस्ती बनाने की बात कही है, लेकिन पश्चिम बंगाल की जनता सरकार से खुश है।

मजीद मेमन ने कहा कि बंगाल की जनता यही कहेगी कि जो सरकार चल रही है, वो आम आदमी की सरकार है। सरकार से नाराजगी नहीं है, जिसको बदला जाए। उन्होंने कहा कि भाजपा धर्म के नाम पर उकसाती है और लोगों को बांटती है, जो भाजपा के खिलाफ जाती है। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ममता बनर्जी के साथ है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की ओर से पीएम मोदी पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए मजीद मेमन ने कहा कि ऐसे शब्दों का इस्तेमाल करना सही नहीं है, खासकर जब कोई व्यक्ति इतने बड़े पद पर बैठा हो। उन्होंने कहा कि खड़गे कांग्रेस के अध्यक्ष हैं, तो उन्हें अपने बयानों में थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए। मुझे नहीं लगता कि अगर खड़गे अपनी बात को और आगे बढ़ाने के बजाय यह कह दें कि, 'ठीक है, मैं अपने शब्द वापस लेता हूं,' तो इसमें कुछ गलत होगा, क्योंकि प्रधानमंत्री के पद पर बैठे किसी व्यक्ति के खिलाफ अशब्द बोलना, जाहिर तौर पर एक बहुत ही गंभीर मामला है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it