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नतीजों के बाद बंगाल में कई जगह हिंसा, चुनाव आयोग सख्त; अधिकारियों को ये निर्देश

कई इलाकों से हिंसा और तोड़फोड़ की चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही कुछ जगहों पर झड़पें, हमले और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।

नतीजों के बाद बंगाल में कई जगह हिंसा, चुनाव आयोग सख्त; अधिकारियों को ये निर्देश
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कोलकाता : West Bengal Violence: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ऐतिहासिक जीत के बाद राज्य में जहां एक ओर जश्न का माहौल है, वहीं दूसरी ओर कई इलाकों से हिंसा और तोड़फोड़ की चिंताजनक खबरें सामने आ रही हैं। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद से ही कुछ जगहों पर झड़पें, हमले और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चुनाव आयोग ने सख्त रुख अपनाया है और राज्य प्रशासन को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

आसनसोल में तृणमूल दफ्तर में आग

आसनसोल उत्तर विधानसभा क्षेत्र के कोर्ट मोड़ पर तृणमूल कांग्रेस पार्टी के एक दफ्तर में देर रात आग लगाई जाने के बाद इलाके में तनाव जारी है। यह दफ्तर तृणमूल कांग्रेस की वार्ड नंबर 53 की पार्षद मौसमी बोस का था. आग तेज़ी से फैली कि दफ्तर जलकर राख हो गया और पास की एक दुकान को भी नुकसान पहुंचा।

चुनाव आयोग की सख्ती

मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने पश्चिम बंगाल की स्थिति पर गहरी नजर बनाए रखी है। उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक (DGP), कोलकाता पुलिस कमिश्नर, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के महानिदेशक समेत सभी जिला अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने का आदेश दिया है। CEC ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि हिंसा भड़काने वालों और तोड़फोड़ करने वालों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। साथ ही संवेदनशील इलाकों में लगातार गश्त बढ़ाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सख्त कदम उठाने को कहा गया है। चुनाव आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

कोलकाता में बुलडोजर कार्रवाई

राजधानी कोलकाता से भी तनावपूर्ण हालात की खबरें आई हैं। खासकर ऐतिहासिक न्यू मार्केट इलाके में एक मीट शॉप को बुलडोजर से गिराए जाने की घटना ने माहौल को और गरमा दिया। बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई पुलिस और केंद्रीय बलों की मौजूदगी में हुई, लेकिन इसके साथ ही भीड़ द्वारा दुकान में तोड़फोड़ भी की गई। इस घटना ने प्रशासन की भूमिका और भीड़ के नियंत्रण को लेकर सवाल खड़े किए हैं। स्थानीय स्तर पर लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल देखा जा रहा है। सिर्फ कोलकाता ही नहीं उत्तर 24 परगना के श्याम नगर में बुलडोजर चले हैं।

TMC दफ्तर पर बुलडोजर

मंगलवार रात को मध्य कोलकाता में उस वक्त तनाव फैल गया, जब बुलडोजरों के साथ आए लोगों के एक समूह ने कथित तौर पर ऐतिहासिक हॉग मार्केट इलाके के पास तृणमूल कांग्रेस के एक दफ़्तर को निशाना बनाया। इस घटना से दुकानदारों में दहशत फैल गई और उन्हें दुकानें अचानक बंद करनी पड़ीं। टीएमसी का न्यू मार्केट में यूनियन दफ़्तर लोगों का मुख्य निशाना था और उसे पूरी तरह से ढहा दिया गया। इलाके में हुई तोड़-फोड़ और अफरा-तफरी की तस्वीरें तेजी से फैल गईं, जिससे दुकानदारों की चिंता और बढ़ गई।

महुआ मोइत्रा और डेरेक ओ'ब्रायन का गुस्‍सा

न्यू मार्केट इलाके में हिंसा और बुलडोजर एक्शन को लेकर टीएमसी सांसद महुआ मोइत्रा ने सोशल मीडिया पर गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि कोलकाता का ऐतिहासिक न्यू मार्केट। बंगाली परिवर्तन का आनंद ले रहे हैं।" TMC के सीनियर लीडर डेरेक ओ'ब्रायन ने यह भी आरोप लगाया कि यह तोड़फोड़ सरकारी निगरानी में की गई। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, “मध्य कोलकाता में न्यू मार्केट के पास पुलिस की अनुमति से जीत के जश्न के हिस्से के तौर पर मीट की दुकानों को गिराने के लिए एक बुलडोजर लाया गया। CAPF के जवान आस-पास खड़े थे। उन्होंने आगे कहा, “यही है बीजेपी. दुनिया इन तस्वीरों को देखे।

हिंसा में तीन लोगों की मौत, कई घायल

चुनाव के बाद भड़की हिंसा में अब तक तीन लोगों की मौत की खबर सामने आई है, जिनमें भाजपा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) दोनों दलों के कार्यकर्ता शामिल हैं। न्यू टाउन इलाके में भाजपा कार्यकर्ता मधु मंडल की कथित तौर पर टीएमसी समर्थकों द्वारा पिटाई के बाद मौत हो गई। जानकारी के मुताबिक, विजय जुलूस के दौरान किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो हिंसक झड़प में बदल गया। गंभीर रूप से घायल मधु मंडल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद भाजपा समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए सड़क जाम कर दी और कथित तौर पर टीएमसी कार्यकर्ताओं के घरों पर हमला किया। हालात को नियंत्रित करने के लिए केंद्रीय बलों की तैनाती करनी पड़ी।

वहीं, बीरभूम जिले के नानूर में टीएमसी कार्यकर्ता अबीर शेख की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, संतोषपुर गांव में विवाद के दौरान उन पर धारदार हथियार से हमला किया गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस घटना में एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ है। इसके अलावा हावड़ा के उदय नारायणपुर में भाजपा कार्यकर्ता यादव बर की मौत की भी खबर है। मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि ‘जय श्रीराम’ के नारे लगाने और जश्न मनाने के कारण उन पर हमला किया गया।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

इन घटनाओं के बाद राजनीतिक माहौल और गर्म हो गया है। टीएमसी ने भाजपा पर सुनियोजित हिंसा भड़काने का आरोप लगाया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि चुनाव जीतने के बाद भाजपा कार्यकर्ता राज्य में डर और अराजकता फैलाने की कोशिश कर रहे हैं। दूसरी ओर भाजपा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह हिंसा टीएमसी के अंदरूनी गुटों के संघर्ष का नतीजा हो सकती है और पार्टी को बदनाम करने के लिए झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। भाजपा ने पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है।

कई जिलों में आगजनी और हमले

राज्य के कई अन्य हिस्सों से भी हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें आई हैं। टालीगंज के बिजयगढ़-नेताजी नगर इलाके में पूर्व मंत्री अरूप विश्वास के चुनाव कार्यालय में भीड़ ने हमला कर तोड़फोड़ की। इसी तरह कस्बा के रूबी क्रॉसिंग पर टीएमसी पार्षद के दफ्तर को भी निशाना बनाया गया। हावड़ा, उत्तर 24 परगना और मुर्शिदाबाद जैसे जिलों में भी पार्टी कार्यालयों में आगजनी और हमलों की घटनाएं सामने आई हैं। इन घटनाओं ने राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता पैदा कर दी है।

प्रशासन का अलर्ट

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने कई इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती की है। संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च किया जा रहा है और लगातार निगरानी रखी जा रही है। चुनाव आयोग ने स्थानीय पुलिस से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। अधिकारियों का कहना है कि हालात को जल्द से जल्द सामान्य करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।


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