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शुभेंदु सरकार का पहला बजट! 22 जून को विधानसभा में पेश

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार अपना पहला पूर्ण बजट 22 जून को विधानसभा में पेश करेगी

शुभेंदु सरकार का पहला बजट! 22 जून को विधानसभा में पेश
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बंगाल में आर्थिक धमाका! रोजगार, उद्योग और कृषि पर नज़र

  • तृणमूल को झटका! सर्वदलीय बैठक से बाहर रखे गए विधायक
  • राजनीतिक टकराव तेज़! बजट सत्र में विपक्ष बनाम सत्ता पक्ष
  • बंगाल का विकास रोडमैप! अगले पांच साल की दिशा तय होगी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली राज्य सरकार अपना पहला पूर्ण बजट 22 जून को विधानसभा में पेश करेगी।

बजट सत्र के पहले चरण का कार्यक्रम मंगलवार को विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बसु की अध्यक्षता में हुई सर्वदलीय बैठक और कार्य सलाहकार समिति (बीएसी) की बैठक में तय किया गया। संसदीय कार्य मंत्री शंकर घोष और राज्य मंत्री उमेश राय ने बैठक के बाद सत्र का कार्यक्रम जारी किया।

तय कार्यक्रम के अनुसार, 18 जून को सुबह 11 बजे राज्यपाल संविधान के अनुच्छेद 176 के तहत दोनों सदनों को संबोधित करेंगे। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष राज्यपाल के अभिभाषण की प्रति सदन के पटल पर रखेंगे। सत्तापक्ष का एक वरिष्ठ सदस्य राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पेश करेगा, जिसका समर्थन एक अन्य सदस्य करेंगे।

शोक प्रस्तावों के बाद 19 जून को सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी जाएगी। कार्य सलाहकार समिति द्वारा मंजूर कार्यक्रम के अनुसार, वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता 22 जून को दोपहर 12 बजे वित्त वर्ष 2026-27 का राज्य बजट पेश करेंगे।

शुभेंदु सरकार का यह पहला बजट होने के कारण इस पर राजनीतिक और जनसामान्य दोनों की विशेष नजर रहेगी। आर्थिक सुधार, औद्योगिक विकास, रोजगार सृजन, कृषि और आधारभूत ढांचे को लेकर सरकार की योजनाओं पर खास दिलचस्पी बनी हुई है।

राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि इस बजट से सरकार की आर्थिक प्राथमिकताओं और अगले पांच वर्षों के विकास रोडमैप का संकेत मिलेगा।

विधानसभा में 23 और 24 जून को राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव, जनहित के मुद्दों तथा आम बजट पर विस्तृत चर्चा होगी। सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों ही इन चर्चाओं के दौरान अपने-अपने राजनीतिक और आर्थिक दृष्टिकोण सामने रखेंगे। पच्चीस जून को बजट पर बहस जारी रहेगी और विभिन्न विभागों की अनुदान मांगों पर भी चर्चा होगी। इसके बाद सदन को अस्थायी अवकाश के लिए स्थगित कर दिया जाएगा। सत्र का अगला चरण छह जुलाई को सुबह 11 बजे शुरू होगा।

इस बीच सर्वदलीय बैठक को लेकर राजनीतिक विवाद भी सामने आया। खबरों के अनुसार, ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस विधायक दल को बैठक में आमंत्रित नहीं किया गया था।

बैठक में विपक्ष के नेता ऋतब्रत बनर्जी, उपनेता संदीपन साहा, मुख्य सचेतक अख्तरुज्जमान, आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी, माकपा विधायक मुस्तफिजुर रहमान, आम जनता उन्नयन पार्टी के विधायक हुमायूं कबीर तथा कांग्रेस विधायक मेहताब शेख मौजूद थे।


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