तृणमूल से निलंबन के बाद पूर्व प्रवक्ता ऋजु दत्ता का बड़ा हमला, बोले- पंचायत से लेकर नगर निकाय तक होती थी वसूली
ऋजु दत्ता ने स्थानीय तृणमूल नेताओं पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पंचायत से लेकर नगर निकाय तक कई स्तरों पर आम लोगों से पैसे वसूले जाते थे। उनके मुताबिक, “घर का नक्शा पास कराने से लेकर कमोड लगाने तक के लिए लोगों को पैसे देने पड़ते थे।”

कोलकाता : West Bengal Politics: तृणमूल कांग्रेस से छह वर्षों के लिए निलंबित किए जाने के बाद पार्टी के पूर्व प्रवक्ता ऋजु दत्ता ने नेतृत्व और संगठन के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने पार्टी के कई नेताओं पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जमीनी स्तर पर भ्रष्टाचार और दबाव की राजनीति लंबे समय से चल रही थी। तृणमूल कांग्रेस ने हाल ही में अनुशासनहीनता और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में ऋजु दत्ता, कोहिनूर मजूमदार और कार्तिक घोष को निलंबित किया था। पार्टी की अनुशासन समिति ने ऋजु दत्ता को स्पष्टीकरण के लिए बुलाया था, लेकिन वह पेश नहीं हुए। निलंबन के बाद अब ऋजु दत्ता लगातार सोशल मीडिया और सार्वजनिक बयानों के जरिए पार्टी नेतृत्व पर निशाना साध रहे हैं।
‘घर का नक्शा पास कराने तक के लिए पैसे देने पड़ते थे’
ऋजु दत्ता ने स्थानीय तृणमूल नेताओं पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पंचायत से लेकर नगर निकाय तक कई स्तरों पर आम लोगों से पैसे वसूले जाते थे। उनके मुताबिक, “घर का नक्शा पास कराने से लेकर कमोड लगाने तक के लिए लोगों को पैसे देने पड़ते थे।” उन्होंने दावा किया कि आम नागरिक लंबे समय से स्थानीय नेताओं की मनमानी और कथित भ्रष्टाचार से परेशान थे। ऋजु का कहना है कि यही कारण था कि जनता में नाराजगी बढ़ती गई और इसका असर चुनाव परिणामों में भी दिखाई दिया।
मैं, तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता के रूप में, आईपीएस अजय पाल शर्मा के बारे में एक वीडियो बनाया था। अब मेरी पार्टी ने मुझे सच बोलने के कारण निलंबित कर दिया है।
— 𝐑𝐢𝐣𝐮 𝐃𝐮𝐭𝐭𝐚 (@DrRijuDutta_TMC) May 10, 2026
वह क्लिप वायरल हो चुकी है और भाजपा का पूरा आक्रोश व्यक्तिगत रूप से मुझ पर आ रहा है।
मैं स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूँ कि… pic.twitter.com/IUO48OG434
अजय पाल शर्मा मामले पर दी सफाई
ऋजु दत्ता ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक लंबा पोस्ट साझा कर अपने खिलाफ हुई कार्रवाई पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आईपीएस अधिकारी अजय पाल शर्मा को लेकर जो वीडियो उन्होंने बनाया था, वह उन्होंने पार्टी लाइन का पालन करते हुए तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता के रूप में बनाया था। उन्होंने लिखा, “वह वीडियो तृणमूल मुख्यालय से बनाया गया था और पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से भी जारी किया गया था। यह कोई व्यक्तिगत टिप्पणी नहीं थी।” हालांकि उन्होंने कहा कि बीजेपी नेताओं और अपने कानूनी सलाहकार की सलाह पर वह आईपीएस अजय पाल शर्मा से बिना शर्त माफी मांगते हैं।
‘अब एक सामान्य व्यक्ति की तरह जीना चाहता हूं’
अपने पोस्ट में ऋजु दत्ता ने कहा कि अब वह एक सामान्य व्यक्ति की तरह अपने परिवार के साथ शांतिपूर्ण जीवन जीना चाहते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह विवाद अब समाप्त हो जाएगा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक तनाव और विवादों के बीच उनका परिवार भी प्रभावित हुआ है। इसलिए अब वह सामान्य जीवन और अपनी आजीविका पर ध्यान देना चाहते हैं।
महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर पार्टी को घेरा
ऋजु दत्ता ने तृणमूल कांग्रेस को महिलाओं के मुद्दे पर भी घेरा। उन्होंने कहा कि केवल आर्थिक सहायता देकर महिलाओं का सम्मान नहीं खरीदा जा सकता। उनका आरोप था कि निचले स्तर पर कई तृणमूल नेताओं के व्यवहार से महिलाओं को लंबे समय तक परेशानियों का सामना करना पड़ा। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान केवल योजनाओं से नहीं बल्कि व्यवहार और प्रशासनिक सुधार से सुनिश्चित किया जा सकता है।
‘टीवी डिबेट में मन के खिलाफ करना पड़ा बचाव’
पूर्व प्रवक्ता ने आरजी कर और संदेशखाली जैसे विवादित मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी प्रवक्ता होने के नाते उन्हें कई बार टीवी डिबेट में मन के खिलाफ जाकर पार्टी का बचाव करना पड़ा। उन्होंने स्वीकार किया कि भ्रष्टाचार और विवादों से जुड़े कई मामलों पर वह भीतर से सहज महसूस नहीं करते थे, लेकिन पार्टी लाइन का पालन करने के कारण उन्हें सार्वजनिक रूप से बचाव करना पड़ता था। ऋजु ने कहा कि कई मुद्दों पर उनकी व्यक्तिगत सोच और पार्टी के रुख में अंतर था, लेकिन प्रवक्ता होने के नाते उन्हें अपनी निजी राय दबानी पड़ती थी।
बीजेपी नेताओं से मदद मिलने का दावा
ऋजु दत्ता ने यह भी दावा किया कि जब सुवेंदु अधिकारी विपक्ष के नेता थे, तब तृणमूल के भीतर से उन पर दबाव बनाया जाता था कि वह बीजेपी नेताओं के खिलाफ बयान दें। हालांकि उन्होंने कहा कि मुश्किल समय में भाजपा विधायक रितेश तिवारी और कुछ अन्य नेताओं ने उनके परिवार की सुरक्षा में मदद की। इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि वह भाजपा में शामिल नहीं हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल उनका राजनीति में किसी नई भूमिका को लेकर कोई फैसला नहीं है।
‘आईपैक और स्थानीय नेताओं की वजह से हारी पार्टी’
ऋजु दत्ता ने विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस की हार के लिए राजनीतिक रणनीतिकार संस्था आईपैक और स्थानीय नेताओं की कथित कार्यशैली को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने आईपैक पर आंख बंद करके भरोसा किया, जिसका नुकसान पार्टी को उठाना पड़ा। उनका कहना था कि जमीनी स्तर की वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज किया गया और नेताओं के व्यवहार से जनता में नाराजगी बढ़ती गई।
टिकट के बदले पैसों की मांग का आरोप
ऋजु दत्ता ने सबसे गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनावी टिकट देने के बदले पैसे मांगे जाते थे। उन्होंने दावा किया कि उनसे भी 50 लाख रुपये की मांग की गई थी। हालांकि उन्होंने इस आरोप के समर्थन में कोई दस्तावेज सार्वजनिक नहीं किए, लेकिन उनके इस बयान के बाद राज्य की राजनीति में हलचल बढ़ गई है। तृणमूल कांग्रेस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


