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नंदीग्राम उपचुनाव से पहले सियासी भूचाल, कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर ममता बनर्जी ने भाजपा पर साधा निशाना

पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव से ठीक पहले राज्य की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर निशाना साधा और इसे बदले की राजनीति बताया है।

नंदीग्राम उपचुनाव से पहले सियासी भूचाल, कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी पर ममता बनर्जी ने भाजपा पर साधा निशाना
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कांग्रेस को समर्थन देने के बाद आई गिरफ्तारी

  • ममता बोलीं भाजपा का पुराना फॉर्मूला
  • नंदीग्राम उपचुनाव में बढ़ी सियासी गरमी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम उपचुनाव से ठीक पहले राज्य की राजनीति गरमा गई है। पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस उम्मीदवार की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा पर निशाना साधा और इसे बदले की राजनीति बताया है।

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट कर लिखा, "नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार को हमारा समर्थन देने के कुछ ही देर बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलान प्रधान को गिरफ्तार कर लिया गया। इस घटना के समय पर गंभीर सवाल उठते हैं और यह भाजपा का पुराना फॉर्मूला है कि किसी पुराने मामले को खोदकर निकालना। लेकिन अभी ही क्यों? ठीक, हमारी कांग्रेस को समर्थन देने की घोषणा के बाद। भाजपा की बदले की भावना और ज्यादती की राजनीति एक साफ पैटर्न दिखाती है। हेर-फेर, वोट की लूट और डराने-धमकाने के जरिए चुनाव एजेंसी और भाजपा की साझेदारी हर दिन लोकतंत्र की हत्या कर रही है।"

दरअसल, तृणमूल कांग्रेस ने नंदीग्राम उपचुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मिलान प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया था। इस ऐलान के कुछ ही देर बाद खबर आई कि कांग्रेस उम्मीदवार को किसी पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है। इसी गिरफ्तारी की टाइमिंग पर ममता बनर्जी ने सवाल खड़े किए हैं।

ममता बनर्जी का आरोप है कि भाजपा पुराने मामलों को चुनाव के समय निकालकर विपक्षी नेताओं को परेशान करती है। उन्होंने इसे भाजपा का 'पुराना फॉर्मूला' बताया है। पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि चुनावी एजेंसियों और भाजपा के बीच साठगांठ है, जो मिलकर लोकतंत्र को नुकसान पहुंचा रही है।

नंदीग्राम का चुनावी इतिहास हमेशा से ही हाई-प्रोफाइल रहा है। यह वही सीट है, जहां से ममता बनर्जी और सुवेंदु अधिकारी के बीच कड़ा मुकाबला हुआ था। ऐसे में इस उपचुनाव को भी काफी अहम माना जा रहा है। टीएमसी द्वारा कांग्रेस को समर्थन देना भी एक बड़ा सियासी संकेत माना जा रहा था, जिसे विपक्षी एकजुटता के तौर पर देखा जा रहा है।


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