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पश्चिम बंगाल में 1.09 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने दी नीट पुनर्परीक्षा

राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई

पश्चिम बंगाल में 1.09 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने दी नीट पुनर्परीक्षा
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कोलकाता। राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट यूजी) 2026 की पुनर्परीक्षा रविवार को पश्चिम बंगाल में शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। राज्यभर में 218 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस परीक्षा में 1.09 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए, जबकि देशभर में कुल 22.79 लाख उम्मीदवारों ने परीक्षा दी।

परीक्षा केंद्रों में कोलकाता विश्वविद्यालय और जादवपुर विश्वविद्यालय जैसे प्रमुख संस्थान भी शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, 21 जून को कई केंद्रों पर अभ्यर्थियों की संख्या 3 मई को हुई मूल परीक्षा की तुलना में कम रही।

परीक्षा में शामिल हुए कई छात्रों ने फिजिक्स सेक्शन को अपेक्षाकृत कठिन बताया। मालदा जिले की छात्रा अनुष्का अग्रवाल, जिन्होंने कोलकाता विश्वविद्यालय के एक केंद्र पर परीक्षा दी, ने कहा कि पिछली परीक्षा की तुलना में इस बार प्रश्नपत्र अधिक कठिन था। वहीं टॉलीगंज और किड्डरपोर के कुछ अन्य अभ्यर्थियों ने भी इसी तरह की प्रतिक्रिया दी।

सोशल मीडिया पर भी कई परीक्षार्थियों ने लिखा कि बायोलॉजी का भाग अपेक्षाकृत आसान था, जबकि फिजिक्स ने उन्हें अधिक चुनौती दी।

इस बीच, एक गंभीर रूप से घायल छात्रा ने भी विशेष चिकित्सा सहायता के साथ परीक्षा दी। जानकारी के अनुसार, 14 जून को सड़क दुर्घटना में घायल हुई छात्रा सृष्टि दुबे की नौ पसलियां टूट गई थीं और उसके फेफड़ों में भी चोट आई थी।

सृष्टि ने दक्षिण कोलकाता के बिनोदिनी गर्ल्स स्कूल स्थित केंद्र पर मेडिकल टीम की निगरानी में परीक्षा दी। उनकी स्थिति को देखते हुए उनके पिता ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से संपर्क किया था, जिसके बाद शिक्षा मंत्रालय ने उनके लिए विशेष व्यवस्था की।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) के अनुसार, सृष्टि के लिए परीक्षा केंद्र के भूतल पर अलग व्यवस्था की गई थी। परीक्षा के दौरान एक मेडिकल टीम उनके साथ मौजूद रही और केंद्र के बाहर एंबुलेंस भी तैनात की गई।

रविवार को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर राज्य के कई प्रमुख स्थानों, जिनमें रविंद्र सेतु भी शामिल है, कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसके चलते कई सड़कों पर यातायात प्रतिबंध लगाए गए थे। हालांकि, एनटीए की सलाह के अनुसार अधिकांश अभ्यर्थी समय से पहले परीक्षा केंद्रों पर पहुंच गए।

एनटीए ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि अभ्यर्थियों को सुबह 11 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक ही केंद्रों में प्रवेश दिया जाएगा। बायोमेट्रिक सत्यापन में लगने वाले समय को देखते हुए उम्मीदवारों को समय से पहले पहुंचने की सलाह दी गई थी।

गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा में 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए थे। परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र लीक के आरोप सामने आए, जिसके चलते 12 मई को एनटीए ने परीक्षा रद्द करने की घोषणा की थी। इसके बाद देशभर में विरोध-प्रदर्शन हुए और पुनर्परीक्षा कराने का निर्णय लिया गया।

एनटीए ने 21 जून की पुनर्परीक्षा के लिए सुरक्षा और निगरानी से जुड़े कई नए उपाय लागू किए, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की पुनरावृत्ति न हो।


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