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पश्चिम बंगाल में मोदी की चार रैलियां, आदिवासी इलाकों पर फोकस

पश्चिम बंगाल में आगामी दो चरणों के विधानसभा चुनावों के लिए चल रहे प्रचार के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को राज्य में चार रैलियों को संबोधित करेंगे

पश्चिम बंगाल में मोदी की चार रैलियां, आदिवासी इलाकों पर फोकस
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बांकुरा से मेदिनीपुर तक पीएम का चुनावी दौरा

  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु विवाद पर तृणमूल को घेर सकते हैं मोदी
  • महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष को निशाना बनाने की तैयारी
  • चुनावी घमासान तेज, भाजपा ने अंतिम चरण में झोंकी ताकत

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में आगामी दो चरणों के विधानसभा चुनावों के लिए चल रहे प्रचार के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को राज्य में चार रैलियों को संबोधित करेंगे। ये रैलियां सभी आदिवासी-बहुल निर्वाचन क्षेत्रों में होंगी।

प्रधानमंत्री की पहली चुनावी रैली बांकुरा जिले के बरजोरा में सुबह 11 बजे होगी। इसके बाद तीन और रैलियां होंगी। पुरुलिया में दोपहर 12.45 बजे, झाड़ग्राम में दोपहर 2.45 बजे और आखिर में पश्चिम मेदिनीपुर जिले के मेदिनीपुर में शाम 4.30 बजे रैली होगी।

भारतीय जनता पार्टी के एक राज्य समिति सदस्य ने कहा कि प्रधानमंत्री, अपनी चारों रैलियों में दिए जाने वाले भाषणों में मुख्य रूप से इन बातों पर जोर दे सकते हैं। आदिवासी समुदायों के लोगों से जुड़े मुद्दे को तृणमूल कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार पिछले 15 सालों से उनकी मांगों को नजरअंदाज करती आ रही है।

राज्य समिति सदस्य ने कहा, "प्रधानमंत्री हाल ही में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के कथित अपमान को लेकर उठे विवाद का भी जोरदार ढंग से जिक्र कर सकते हैं। यह विवाद तब उठा था, जब राष्ट्रपति संथाल समुदाय पर आयोजित एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार को संबोधित करने के लिए पश्चिम बंगाल के दौरे पर थीं।"

इसके साथ ही, राज्य समिति सदस्य ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री, तृणमूल कांग्रेस पर तीखा हमला बोल सकते हैं। यह हमला इस बात को लेकर होगा कि कैसे तृणमूल कांग्रेस ने अन्य विपक्षी दलों के साथ मिलकर 'महिला आरक्षण (संशोधन) विधेयक' को रोकने की कोशिशें की थी।

राज्य में पहले से ही एक राजनीतिक घमासान शुरू हो गया है। इसकी वजह है शनिवार रात राष्ट्र के नाम संदेश में प्रधानमंत्री ने संसद और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करने के मकसद से लाए गए संवैधानिक संशोधन विधेयक के गिर जाने पर गहरा अफसोस जाहिर किया और भारत की महिलाओं से माफी मांगी।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस ने एक बयान जारी कर दावा किया है कि राष्ट्र के नाम प्रधानमंत्री का संबोधन आत्म-दया और दिखावे से भरा था। पार्टी ने इसे महिलाओं के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को एक हथियार के तौर पर इस्तेमाल करने की कोशिश बताया है, ताकि परिसीमन की साजिश पर पर्दा डाला जा सके।


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