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'मंदिर या मस्जिद, तेज आवाज में कहीं भी नहीं बजेंगे लाउडस्पीकर', CM शुभेंदु का सख्त आदेश

सरकार की ओर से जारी निर्देशों में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज नियंत्रित करने, सड़क जाम कर धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक लगाने, अवैध टोल वसूली खत्म करने और 2021 चुनाव बाद हिंसा के मामलों की दोबारा जांच जैसे अहम फैसले शामिल हैं।

मंदिर या मस्जिद, तेज आवाज में कहीं भी नहीं बजेंगे लाउडस्पीकर, CM शुभेंदु का सख्त आदेश
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कोलकाता : पश्चिम बंगाल में भाजपा की नई सरकार बनने के बाद प्रशासनिक स्तर पर तेजी से फैसले लिए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अपने पहले ही कार्यदिवस पर कानून-व्यवस्था, धार्मिक गतिविधियों, अवैध वसूली और चुनाव बाद हिंसा जैसे मुद्दों पर कई बड़े निर्देश जारी किए। सोमवार को राज्य सचिवालय नवान्न में शीर्ष पुलिस अधिकारियों और जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि कानून सभी समुदायों और नागरिकों पर समान रूप से लागू होगा। सरकार की ओर से जारी निर्देशों में धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर की आवाज नियंत्रित करने, सड़क जाम कर धार्मिक कार्यक्रमों पर रोक लगाने, अवैध टोल वसूली खत्म करने और 2021 चुनाव बाद हिंसा के मामलों की दोबारा जांच जैसे अहम फैसले शामिल हैं।

धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर को लेकर सख्ती

नई सरकार ने धार्मिक स्थलों के बाहर तेज आवाज में लाउडस्पीकर बजाने पर सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यह सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी धार्मिक स्थल से निकलने वाली आवाज निर्धारित सीमा से अधिक न हो और आसपास के लोगों को परेशानी न पहुंचे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अगर कहीं भी तय डेसिबल सीमा से ज्यादा आवाज में लाउडस्पीकर बजते पाए गए, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन को निगरानी बढ़ाने और नियमों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं।

सड़क जाम कर नमाज या धार्मिक सभा पर रोक

राज्य सरकार ने सार्वजनिक सड़कों पर नमाज या धार्मिक सभाओं के आयोजन को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि ऐसी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी जिनसे आम लोगों को परेशानी हो या यातायात बाधित हो। भाजपा विधायक और बैरकपुर से पूर्व सांसद अर्जुन सिंह ने कहा कि अब राज्य में सड़क जाम कर नमाज पढ़ने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि धार्मिक गतिविधियां धार्मिक स्थलों के भीतर ही होनी चाहिए और यदि कोई सड़क पर कार्यक्रम कर यातायात प्रभावित करेगा, तो प्रशासन कार्रवाई करेगा। सरकार का कहना है कि यह फैसला किसी एक समुदाय को ध्यान में रखकर नहीं, बल्कि सार्वजनिक व्यवस्था और यातायात सुचारु बनाए रखने के उद्देश्य से लिया गया है।


धार्मिक नेताओं ने फैसले का किया समर्थन

सरकार के फैसलों को लेकर कई धार्मिक नेताओं ने भी प्रतिक्रिया दी है। कोलकाता की नखोदा मस्जिद के ट्रस्टी नासिर इब्राहिम ने कहा कि देश का कानून सभी समुदायों पर समान रूप से लागू होना चाहिए और इसमें किसी तरह का भेदभाव नहीं होना चाहिए। वहीं, सर्व भारतीय प्राच्य अकादमी के प्रिंसिपल जयंत कुशारी ने कहा कि किसी भी धर्मग्रंथ में लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को अनिवार्य नहीं बताया गया है। उनके मुताबिक धार्मिक आस्था का सम्मान जरूरी है, लेकिन आम नागरिकों की सुविधा और कानून का पालन भी उतना ही महत्वपूर्ण है।


अवैध टोल वसूली के खिलाफ अभियान

नई सरकार ने राज्य में चल रही अवैध टोल वसूली पर भी सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। जिला प्रशासन को कहा गया है कि जिन टोल गेट, बैरिकेड या वसूली केंद्रों को सरकार की अधिकृत अनुमति नहीं मिली है, उन्हें तुरंत बंद कराया जाए। सरकार के मुताबिक कई इलाकों में बिना अनुमति के वाहनों से अवैध वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। ऐसे मामलों पर रोक लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन को संयुक्त कार्रवाई करने को कहा गया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आम लोगों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को किसी भी प्रकार की गैरकानूनी वसूली से राहत मिलनी चाहिए।


चुनाव बाद हिंसा के मामलों की फिर होगी जांच

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 2021 विधानसभा चुनाव के बाद हुई हिंसा के मामलों को दोबारा खोलने का भी निर्देश दिया है। अधिकारियों के अनुसार, राज्य में चुनाव बाद हिंसा से जुड़े 1,300 से अधिक मामलों की नए सिरे से जांच की जाएगी। सरकार ने खासतौर पर उन शिकायतों को प्राथमिकता देने को कहा है जिन्हें पहले केवल जनरल डायरी (जीडी) एंट्री के रूप में दर्ज किया गया था। मुख्यमंत्री ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि सांप्रदायिक हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जरूरत पड़ने पर गैर-जमानती धाराएं लगाई जाएं।


अवैध हथियार और मवेशी तस्करी पर भी कार्रवाई

बैठक में मुख्यमंत्री ने राज्य में अवैध हथियारों और बमों की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश भी दिया। पुलिस को जबरन वसूली के मामलों में जांच और गिरफ्तारी तेज करने को कहा गया है। इसके अलावा, मवेशियों की तस्करी रोकने और अवैध बूचड़खानों को बंद कराने के आदेश भी जारी किए गए हैं। सरकार का कहना है कि कानून-व्यवस्था मजबूत करना उसकी प्राथमिकता है और अपराध से जुड़े मामलों में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी।


वीआईपी संस्कृति और हेलमेट नियमों पर भी फोकस

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने पुलिस अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि उनके काफिले के आने-जाने के दौरान आम लोगों को कम से कम परेशानी हो। उन्होंने अनावश्यक हूटर बजाने से बचने की बात कही। इसके साथ ही हेलमेट नियमों को सख्ती से लागू करने और आपराधिक इतिहास वाले लोगों से सुरक्षा कवर वापस लेने के निर्देश भी दिए गए हैं। नई भाजपा सरकार के इन फैसलों को राज्य की प्रशासनिक दिशा में बड़े बदलाव के तौर पर देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में इन निर्देशों का असर जमीन पर कितना दिखाई देता है, इस पर सबकी नजर रहेगी।


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