कोलकाता के न्यू मार्केट इलाके के होटल में भीषण आग, धुएं से दम घुटने के कारण 9 लोगों की मौतें
पुलिस के अनुसार, इस हादसे में सबसे बड़ी चुनौती धुआं रहा। रात के समय होटल के अंदर मौजूद लोगों के लिए बाहर निकलने का रास्ता तलाशना मुश्किल हो गया। कई लोग धुएं के बीच फंस गए। यही वजह रही कि आग से ज्यादा धुएं को इस हादसे में जानलेवा माना जा रहा है।

कोलकाता: मध्य इलाके न्यू मार्केट में स्थित एक होटल में भीषण आग लगने से 9 लोगों की मौत हो गई। इनमें एक बच्चा भी शामिल है। वहीं छह लोग घायल हैं। फ्री स्कूल स्ट्रीट स्थित होटल ताइबा में यह हादसा उस वक्त हुआ, जब होटल में ठहरे अधिकांश लोग गहरी नींद में थे। आग लगने के बाद देखते ही देखते कमरों और गलियारों में धुआं भर गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 9 लोगों की मौत आग की लपटों की चपेट में आने के बजाय दम घुटने के कारण हुई। मरने वाले बांग्लादेश नागरिक हैं, जो इलाज के लिए कोलकाता आए थे।
हादसे के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और होटल में फंसे लोगों को बाहर निकालने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। अधिकारियों के मुताबिक, होटल से 28 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। सभी को कोलकाता के अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए भर्ती कराया गया है।
लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला
बताया जा रहा है कि आग देर रात लगी, जब होटल के ज्यादातर मेहमान और कर्मचारी सो रहे थे। ऐसे में शुरुआती समय में कई लोगों को हादसे की गंभीरता का पता नहीं चल सका। आग के साथ निकला धुआं तेजी से कमरों और गलियारों में फैलता चला गया। पुलिस के अनुसार, इस हादसे में सबसे बड़ी चुनौती धुआं रहा। रात के समय होटल के अंदर मौजूद लोगों के लिए बाहर निकलने का रास्ता तलाशना मुश्किल हो गया। कई लोग धुएं के बीच फंस गए। यही वजह रही कि आग से ज्यादा धुएं को इस हादसे में जानलेवा माना जा रहा है।
मृतकों में बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल
हादसे में जान गंवाने वालों में पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार और मेघालय के रहने वाले लोगों के अलावा बांग्लादेशी नागरिक भी शामिल बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कुछ बांग्लादेशी नागरिक इलाज के सिलसिले में कोलकाता आए थे और होटल में ठहरे हुए थे। अधिकारियों की ओर से मृतकों की पहचान और हादसे से जुड़ी अन्य जानकारियों को जुटाने का काम जारी है। अस्पतालों में भर्ती लोगों की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है।
होटल की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
हादसे के बाद होटल की सुरक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। दमकल विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, होटल में अग्नि सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर होटल के अंदर संकरे रास्ते और सीमित निकासी व्यवस्था जैसी समस्याएं सामने आने की बात कही जा रही है। रात के समय होटल का मुख्य बाहरी रास्ता बंद होने की जानकारी भी सामने आई है। अगर यह तथ्य जांच में सही पाया जाता है तो यह हादसे की गंभीरता बढ़ाने वाला अहम कारण हो सकता है। अधिकारियों का कहना है कि आग लगने की स्थिति में किसी इमारत से सुरक्षित और तेजी से बाहर निकलने के लिए पर्याप्त निकासी मार्ग बेहद जरूरी होते हैं।
NOC और नियमों की जांच शुरू
पुलिस और दमकल विभाग अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि होटल के पास जरूरी अग्नि सुरक्षा प्रमाणपत्र और वैध एनओसी थी या नहीं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि होटल में सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं। जांच में अगर किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो होटल प्रबंधन के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस ने हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने के बाद होटल में कूलिंग ऑपरेशन चलाया। इसका उद्देश्य इमारत के भीतर मौजूद गर्म हिस्सों और संभावित आग के स्रोतों को पूरी तरह ठंडा करना है, ताकि दोबारा आग भड़कने की आशंका न रहे।


