Top
Begin typing your search above and press return to search.

पूर्व मंत्री उदयन गुहा पर लोकगायक को जान से मारने की धमकी देने का आरोप, एफआईआर दर्ज

पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के माथाभांगा थाने में राज्य के पूर्व उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है

पूर्व मंत्री उदयन गुहा पर लोकगायक को जान से मारने की धमकी देने का आरोप, एफआईआर दर्ज
X

कोलकाता। पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के माथाभांगा थाने में राज्य के पूर्व उत्तर बंगाल विकास मंत्री उदयन गुहा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। उन पर प्रसिद्ध भवैय्या लोकगायक मनींद्रनाथ बर्मन को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगा है।

माथाभांगा के नयरहाट निवासी मनींद्रनाथ बर्मन ने पुलिस को दी अपनी लिखित शिकायत में आरोप लगाया है कि पूर्व विधायक उदयन गुहा ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। शुक्रवार रात वह अपने वकील के साथ माथाभांगा थाने पहुंचे और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत में गायक ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने तृणमूल कांग्रेस सरकार में कथित भ्रष्टाचार को लेकर एक गीत तैयार किया था और उसे सार्वजनिक रूप से गाया था। उनका आरोप है कि इसके बाद उदयन गुहा ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और उनके पीछे गुंडे भी लगाए गए।

मनींद्रनाथ बर्मन ने दावा किया कि अपनी जान के खतरे के कारण वह लंबे समय तक छिपकर रहने को मजबूर रहे। उन्होंने पुलिस को मामले से जुड़े सभी तथ्यों और आरोपों की जानकारी उपलब्ध करा दी है।

शनिवार को मीडिया से बातचीत में मनींद्रनाथ ने कहा, "जब तृणमूल कांग्रेस की सरकार थी, तब मैंने राज्य सरकार के खिलाफ कई गीत लिखे और गाए। इससे उदयन गुहा नाराज हो गए। दिनहाटा के कई तृणमूल नेताओं ने मुझे जान से मारने की धमकी दी। मुझे वहां से भागना पड़ा। उस समय मैं पुलिस में शिकायत भी दर्ज नहीं करा सका, क्योंकि मेरे पीछे बदमाश लगा दिए गए थे।"

गौरतलब है कि विधानसभा चुनाव से पहले तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता पार्थ प्रतिम राय सरकार के पिछले 15 वर्षों के विकास कार्यों की सूची लेकर मनींद्रनाथ बर्मन के घर भी पहुंचे थे।

एफआईआर दर्ज होने के बाद उदयन गुहा से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका मोबाइल फोन बंद मिला। वहीं, स्थानीय तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व ने भी इस मामले पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद तृणमूल कांग्रेस नेताओं से जुड़े कथित अवैध और आपराधिक मामलों पर कार्रवाई तेज हुई है। पुलिस लगातार कानून उल्लंघन के आरोपों में तृणमूल नेताओं और असामाजिक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।

पिछले एक महीने में राज्यभर में भ्रष्टाचार और वसूली के आरोपों में तृणमूल कांग्रेस के कई पार्षदों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it