Top
Begin typing your search above and press return to search.

दिलीप घोष का हमला, ममता सरकार पर एसआईआर रोकने का आरोप

पश्चिम बंगाल से भाजपा नेता दिलीप घोष ने एसआईआर के मुद्दे पर प्रदेश की ममता सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है

दिलीप घोष का हमला, ममता सरकार पर एसआईआर रोकने का आरोप
X

वोटर लिस्ट सुधार पर सियासी संग्राम, भाजपा ने ममता राज को घेरा

  • बंगाल में एसआईआर विवाद, भाजपा बोली– नकली नाम बचाने में जुटी सरकार
  • चुनाव आयोग पर हमले और हिंसा का आरोप, दिलीप घोष ने ममता सरकार को घेरा
  • भाजपा का दावा, बंगाल सरकार फर्जी वोटरों को बचाने में लगी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल से भाजपा नेता दिलीप घोष ने एसआईआर के मुद्दे पर प्रदेश की ममता सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि एसआईआर के तहत वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने का काम किया जा रहा है। लेकिन, प्रदेश की सरकार एसआईआर का विरोध कर संविधान के खिलाफ काम कर रही है।

भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि बंगाल में एसआईआर शुरू होने से पहले ही सीएम ममता बनर्जी ने अपने डीएम, एसडीओ, और बीडीओ को सीधे निर्देश दिया था कि एक भी नाम नहीं हटाया जाना चाहिए। इसका मतलब साफ है कि जो नकली नाम उन्होंने जोड़े थे, वे वैसे ही बने रहें। उनके भतीजे ने भी कहा था कि चाहे कुछ भी हो जाए, प्रक्रिया उनके अपने तरीके से ही चलनी चाहिए। आज भी वे सीधे धमकी दे रहे हैं। जो बीएलओ बूथ लेवल पर यह काम कर रहे हैं, उनके खिलाफ रातों-रात यूनियन बनाई जा रही है और विरोध प्रदर्शन करवाए जा रहे हैं। यह देश और संविधान के खिलाफ काम है।

चुनाव आयोग के अधिकारियों पर हुए हमलों पर दिलीप घोष ने कहा कि ममता राज में बंगाली खुद सुरक्षित नहीं हैं और पश्चिम बंगाल में सत्ताधारी पार्टी एक दिन भी सत्ता में रहने लायक नहीं है। हमने पहले ही यह सब सहा है। 250 से ज्यादा लोगों की राजनीतिक हत्या हो चुकी है। चुनाव से पहले ही झड़पें शुरू हो गई हैं। उनके विधायक और नेता सीधे चुनाव आयोग के दफ्तरों में अराजकता फैला रहे हैं। चुनाव आयोग को इस पर गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

भाजपा नेता दिलीप घोष ने कहा कि अभी बंगाल में हालात ऐसे हैं कि बंगाल और बांग्लादेश में कोई फर्क नहीं रह गया है। हिंदुओं पर अत्याचार हो रहे हैं। यहां गांवों और जिलों में हिंदुओं पर हमले हो रहे हैं, पूजा की इजाजत नहीं दी जा रही है। सरस्वती पूजा में हंगामा किया जाता है और दुर्गा पूजा के लिए कोर्ट से इजाजत लेनी पड़ती है। बांग्लादेश में भी हिंदुओं को डराया जा रहा है और उनकी जान खतरे में है।

भाजपा सांसद ज्योतिर्मय सिंह महतो ने एसआईआर का जिक्र करते हुए कहा कि एसआईआर बंगाल में नहीं हो रहा है, जबकि बिहार में पहले ही हो चुका है और अन्य राज्यों में भी यह प्रक्रिया चल रही है। बंगाल की सरकार चुनाव आयोग को सहयोग नहीं कर रही है। बंगाल सरकार बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम वोटर लिस्ट में रखना चाहती है। पहले इसी के सहारे उन्होंने चुनाव जीते हैं। एसआईआर के जरिए वोटर लिस्ट से फर्जी मतदाताओं को हटाया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी पहले दिन से ही एसआईआर के विरोध में हैं। हालांकि, जब एसआईआर आया तो उन्होंने और उनकी पार्टी के नेताओं ने फॉर्म भरा, लेकिन अब लोगों को गुमराह कर रही हैं। एसआईआर वोटर लिस्ट को दुरुस्त करने की एक सामान्य प्रक्रिया है।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it