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कांग्रेस ने देश के साथ 'वंदे मातरम' को भी बांटा : दिलीप घोष

पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने कांग्रेस के 'वंदे मातरम' के दो पद गाने के फैसले, राहुल गांधी के ओबीसी संबंधी बयान, जादवपुर यूनिवर्सिटी की घटना और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बंगाल दौरे पर अपनी बात रखी।

कांग्रेस ने देश के साथ वंदे मातरम को भी बांटा : दिलीप घोष
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल सरकार के मंत्री दिलीप घोष ने कांग्रेस के 'वंदे मातरम' के दो पद गाने के फैसले, राहुल गांधी के ओबीसी संबंधी बयान, जादवपुर यूनिवर्सिटी की घटना और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बंगाल दौरे पर अपनी बात रखी।

कांग्रेस की ओर से 'वंदे मातरम' के सिर्फ दो पद गाने पर अड़े रहने पर दिलीप घोष ने कहा, "कांग्रेस ने देश को बांटा है और अब 'वंदे मातरम' को भी बांट दिया है। उन्होंने समाज में बांटने की राजनीति ला दी, जिसे जनता ने नकार दिया है।" उन्होंने कहा, "अंग्रेजों से सीखी हुई 'फूट डालो और राज करो' की नीति अब नहीं चलेगी।"

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ओबीसी को लेकर दिए बयान पर दिलीप घोष ने कहा, "जहां-जहां उन्होंने ऐसा ज्यादा किया है, वहां हम जीते हैं। उन्होंने कभी लोगों को न्याय या सुविधा नहीं दी, सिर्फ राजनीति की। कांग्रेस आज भी उसी से बाहर नहीं निकल पा रही है।"

बता दें कि हाल ही में राहुल गांधी ने ओबीसी और जातिगत जनगणना के मुद्दे पर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला था। उन्होंने कहा था कि सरकार ने दबाव में आकर जाति जनगणना पर सहमति तो दी लेकिन इसकी प्रक्रिया में एससी और एसटी की तरह ओबीसी के लिए अलग से कॉलम नहीं रखा गया है।

वहीं, जादवपुर यूनिवर्सिटी में हुई घटना को लेकर मंत्री ने कहा कि वहां कुछ समूह सक्रिय हैं जो हमेशा देश विरोधी नारे लगाते हैं और ऐसी हरकतें करते हैं।

उन्होंने कहा, "वहां इसके पहले राज्यपाल से बदतमीजी की गई थी, वो सबने देखी। उस समय हम लोगों ने वहां जाकर प्रोटेस्ट भी किया था। समाज के अंदर, देश के अंदर इस प्रकार की एंटी-नेशनल एक्टिविटी, एंटी-सोशल एक्टिविटी नहीं चलनी चाहिए।"

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बंगाल दौरे को लेकर दिलीप घोष ने कहा कि अमित शाह का बंगाल पर विशेष ध्यान सिर्फ आज नहीं बल्कि पिछले 10-12 सालों से है। उन्होंने कहा, "यहां संगठन बनाना और इसे जीत दिलाना उनकी विशेष प्राथमिकता रही है। बदलाव भी हुआ है लेकिन सबसे संवेदनशील सीमा, बंगाल और बांग्लादेश की सीमा, यहीं पश्चिम बंगाल में है। गृहमंत्री ने हमेशा इस सीमा को सुरक्षित रखने और कानून-व्यवस्था पर नजर रखी है।"


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