बंगाल में सरकार बदलते ही लीना गांगुली ने इस्तीफा दे राज्य महिला आयोग प्रमुख का पद छोड़ा
लीना गंगोपाध्याय को जुलाई 2023 में पश्चिम बंगाल महिला आयोग (डब्ल्यूबीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उन्हें तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार के करीबी चेहरों में गिना जाता था। लंबे समय से बंगाली टेलीविजन और मनोरंजन जगत में सक्रिय रहने के कारण उनकी पहचान एक प्रभावशाली रचनात्मक व्यक्तित्व के रूप में रही है।

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में राजनीतिक बदलाव के बाद राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष और चर्चित लेखिका-प्रोड्यूसर लीना गंगोपाध्याय ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका कार्यकाल अभी जुलाई तक बाकी था, लेकिन उन्होंने तय समय से पहले ही पद छोड़ने का फैसला किया। उनके इस्तीफे को राज्य में बदले राजनीतिक माहौल और हाल के विवादों से जोड़कर देखा जा रहा है।लीना गंगोपाध्याय को जुलाई 2023 में पश्चिम बंगाल महिला आयोग (डब्ल्यूबीसीडब्ल्यू) की अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। उन्हें तत्कालीन तृणमूल कांग्रेस सरकार के करीबी चेहरों में गिना जाता था। लंबे समय से बंगाली टेलीविजन और मनोरंजन जगत में सक्रिय रहने के कारण उनकी पहचान एक प्रभावशाली रचनात्मक व्यक्तित्व के रूप में रही है।
राहुल बनर्जी की मौत के बाद बढ़ा विवाद
मार्च महीने में अभिनेता राहुल बनर्जी की मौत के बाद लीना गंगोपाध्याय का नाम विवादों में आ गया था। राहुल की मौत ओडिशा में एक शूटिंग के दौरान समुद्र में डूबने से हुई थी। जिस धारावाहिक की शूटिंग चल रही थी, उसका निर्माण लीना गंगोपाध्याय की प्रोडक्शन कंपनी कर रही थी। घटना के बाद शुरुआती प्रतिक्रिया में लीना ने कहा था कि शूटिंग के दौरान पानी से जुड़ा कोई दृश्य फिल्माया नहीं जा रहा था। हालांकि बाद में सामने आई जानकारी में दावा किया गया कि हादसा शूटिंग के दौरान ही हुआ। इस खुलासे के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया और मनोरंजन जगत में भी सवाल उठने लगे।
अभिनेता की पत्नी ने दर्ज कराई शिकायत
राहुल बनर्जी की पत्नी और अभिनेत्री प्रियंका सरकार ने इस मामले में लीना गंगोपाध्याय और उनकी प्रोडक्शन कंपनी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद मामला और अधिक चर्चा में आ गया। फिल्म और टीवी इंडस्ट्री के कई कलाकारों तथा तकनीकी सहयोगियों ने भी इस घटना पर चिंता जताई। सूत्रों के मुताबिक, विवाद बढ़ने के बाद मनोरंजन जगत के कुछ लोगों ने लीना से दूरी बनानी शुरू कर दी थी। सोशल मीडिया पर भी घटना को लेकर लगातार बहस होती रही और शूटिंग के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए गए।
पहले भी जताई थी पद छोड़ने की इच्छा
बताया जा रहा है कि विवाद के दौरान ही लीना गंगोपाध्याय ने महिला आयोग के अध्यक्ष पद से हटने की इच्छा जाहिर की थी। हालांकि उस समय उन्होंने औपचारिक रूप से इस्तीफा नहीं दिया था। राज्य की राजनीतिक परिस्थितियों और बदलते माहौल के बीच अब उन्होंने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। उनके इस्तीफे को कई लोग केवल व्यक्तिगत निर्णय नहीं, बल्कि राजनीतिक बदलाव के असर के रूप में भी देख रहे हैं। पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद कई प्रशासनिक और आयोगों से जुड़े पदों पर बदलाव की संभावना पहले से जताई जा रही थी।
साहित्य और टीवी जगत में बड़ा नाम
लीना गंगोपाध्याय बंगाली साहित्य और टेलीविजन जगत का जाना-पहचाना नाम रही हैं। उन्होंने कई लोकप्रिय टीवी धारावाहिकों की कहानी लिखी और कई सफल प्रोडक्शन परियोजनाओं से जुड़ी रहीं। उनके धारावाहिकों को बंगाल के दर्शकों के बीच काफी लोकप्रियता मिली। मनोरंजन उद्योग में सक्रिय रहने के साथ-साथ वे सामाजिक मुद्दों पर भी अपनी राय रखती रही हैं। महिला आयोग की अध्यक्ष बनने के बाद उन्होंने महिलाओं से जुड़े कई मामलों पर सार्वजनिक बयान भी दिए थे।
राजनीतिक बदलाव के बीच बढ़ी हलचल
राज्य में भाजपा सरकार बनने के बाद प्रशासनिक और संस्थागत स्तर पर बदलाव की प्रक्रिया तेज होने की चर्चा है। ऐसे माहौल में लीना गंगोपाध्याय का इस्तीफा राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि उन्होंने अपने इस्तीफे पर विस्तृत सार्वजनिक बयान नहीं दिया है, लेकिन माना जा रहा है कि हाल के विवाद और बदलती राजनीतिक परिस्थितियों ने उनके निर्णय को प्रभावित किया। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि राज्य सरकार महिला आयोग के नए अध्यक्ष के रूप में किसे जिम्मेदारी सौंपती है।


