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बंगाल विधानसभा के बजट सत्र में पेश होगा भ्रष्टाचार रोधी कड़े प्रावधानों वाला बिल: सीएम सुवेंदु अधिकारी

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को राज्य विधानसभा को बताया कि भ्रष्टाचार रोधी नए और अधिक कड़े कानूनी प्रावधानों वाला एक बिल 25 जून को चल रहे बजट सत्र के आखिरी दिन सदन में पेश किया जाएगा

बंगाल विधानसभा के बजट सत्र में पेश होगा भ्रष्टाचार रोधी कड़े प्रावधानों वाला बिल: सीएम सुवेंदु अधिकारी
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कोलकाता। पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने मंगलवार को राज्य विधानसभा को बताया कि भ्रष्टाचार रोधी नए और अधिक कड़े कानूनी प्रावधानों वाला एक बिल 25 जून को चल रहे बजट सत्र के आखिरी दिन सदन में पेश किया जाएगा।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में सोमवार को राज्य के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता द्वारा पेश किए गए बजट प्रस्तावों पर बहस में भाग लेते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक बार नया कानून लागू हो जाने के बाद न केवल दोषी को जेल भेजा जाएगा, बल्कि भ्रष्टाचार के रास्ते से कमाए गए पैसे और दोषी की संपत्ति को भी जब्त करके नीलाम किया जाएगा।

इस मौके पर बोलते हुए सीएम ने भ्रष्टाचार के प्रति जीरो-टॉलरेंस अपनाने के राज्य सरकार के संकल्प को दोहराया। उन्‍होंने कहा, "बहुत से लोग सोच सकते हैं कि वे दो महीने जेल में बिताएंगे और फिर कानूनी लड़ाई के बाद छूट जाएंगे। उन्हें याद रखना चाहिए कि इस बार हम उनकी संपत्ति जब्त कर लेंगे। हम संपत्ति की नीलामी करेंगे।"

उन्होंने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव अभिषेक बनर्जी पर भी परोक्ष रूप से निशाना साधा, लेकिन उनमें से किसी का भी सीधे नाम नहीं लिया।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने इस मुद्दे पर कोलकाता के कालीघाट इलाके और दक्षिण 24 परगना जिले के अमतला में मौजूद विभिन्न विवादित संपत्तियों का जिक्र किया, जिनके बारे में कहा जाता है कि वे ममता बनर्जी के परिवार के अलग-अलग सदस्यों से जुड़ी हैं।

सीएम ने कहा, "हम कोलकाता में फ्लाईओवर के नीचे रहने वाले लोगों को दक्षिण कोलकाता की हरीश चटर्जी स्ट्रीट और हरीश मुखर्जी रोड और दक्षिण 24 परगना के अमतला में मौजूद महलों में रहने की व्यवस्था करेंगे।"

मुख्यमंत्री ने सदन में बोलते हुए यह भी कहा कि अब से सरकारी नौकरियों की भर्ती में कोई भेदभाव नहीं होगा और पूरी भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जाएगी।

उन्‍होंने कहा, "भर्ती प्रक्रिया में कोई भी राजनेता शामिल नहीं होगा। राज्य की सभी भर्तियां उसी मॉडल के आधार पर की जाएंगी जिसका पालन केंद्र सरकार की भर्तियों के मामले में यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (यूपीएससी) करता है।"


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