पश्चिम बंगाल में CJP कार्यकर्ता के पिता की मौत, BJP नेता समेत 8 गिरफ्तार; सियासी आरोपों से गरमाया बंगाल
पुलिस के मुताबिक, 13 अगस्त की रात एक समूह ने शेख अब्दुल हाफिज के घर पर हमला किया। आरोप है कि हमलावरों के हाथों में लाठी, लोहे की रॉड और सब्बल जैसे हथियार थे। हमले के दौरान हाफिज किसी तरह घर के अंदर चले गए, लेकिन उनके पिता शेख मोहम्मद माफिक को हमलावरों ने बुरी तरह पीटा।

कोलकाता : पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के इंदास में काकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ता शेख अब्दुल हाफिज के पिता शेख मोहम्मद माफिक की मौत के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। पुलिस ने मामले में स्थानीय भाजपा नेता बताए जा रहे अष्टम माझी समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि 13 अगस्त की रात करिशुंडा गांव में हाफिज के घर पर हमला किया गया था, जिसमें उनके पिता गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
घर में घुसकर हमले का आरोप
पुलिस के मुताबिक, 13 अगस्त की रात एक समूह ने शेख अब्दुल हाफिज के घर पर हमला किया। आरोप है कि हमलावरों के हाथों में लाठी, लोहे की रॉड और सब्बल जैसे हथियार थे। हमले के दौरान हाफिज किसी तरह घर के अंदर चले गए, लेकिन उनके पिता शेख मोहम्मद माफिक को हमलावरों ने बुरी तरह पीटा। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद माफिक को अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने पर 15 अगस्त को उन्हें बर्द्धमान मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया, जहां शनिवार रात इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।
पत्नी की शिकायत के बाद आठ गिरफ्तार
माफिक की पत्नी हसीना बेगम ने रविवार दोपहर इंदास थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने 10 से 15 लोगों पर हमले में शामिल होने का आरोप लगाया और कार्रवाई की मांग की। शिकायत में कुछ आरोपियों के नाम भी दिए गए थे। पुलिस ने मामले में आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान शेख आजाद, श्रीकांत माझी, प्रशांत रुईदास, रोहित माझी, बाबलू माझी, संतु माझी, टिंकू केवड़ा और अष्टम माझी के तौर पर हुई है। पुलिस के अनुसार, अष्टम माझी को स्थानीय भाजपा नेता के तौर पर जाना जाता है। आरोपियों के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, मारपीट, हमला और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने समेत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
दिल्ली आंदोलन से लौटे थे CJP कार्यकर्ता
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, शेख अब्दुल हाफिज 19 जुलाई को दिल्ली में CJP के आंदोलन में शामिल हुए थे और 27 जुलाई को अपने गांव लौटे थे। 13 अगस्त को पार्टी नेतृत्व के निर्देश पर वह करिशुंडा पश्चिमपाड़ा प्राथमिक विद्यालय पहुंचे थे। बताया गया है कि उन्होंने स्कूल में पढ़ाई और बुनियादी सुविधाओं की स्थिति का जायजा लिया था। हाफिज ने उसी दिन एक वीडियो जारी कर आरोप लगाया था कि कुछ भाजपा कार्यकर्ता उनके घर पहुंचे और उनसे तथा उनके पिता के साथ मारपीट की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन पर स्कूल की स्थिति को लेकर चिंता जताने के लिए माफी मांगने वाला वीडियो बनाने का दबाव डाला गया। हाफिज ने दावा किया कि उनसे यह भी कहलवाने की कोशिश की गई कि वह बाहरी लोगों के निर्देश पर काम कर रहे थे।
अभिजीत दीपके ने मांगा न्याय
घटना सामने आने के बाद CJP के संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उन्होंने कहा कि अब्दुल ने उसी सरकारी स्कूल का निरीक्षण किया था, जहां उन्होंने पढ़ाई की थी। बेहतर स्कूल और शिक्षा व्यवस्था की मांग करने पर किसी व्यक्ति के परिवार पर हमला करना निंदनीय है।
CJP के प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि पार्टी की टीम बांकुड़ा के इंदास पहुंच रही है और अब्दुल के परिवार को न्याय दिलाने के लिए संगठन काम करेगा। मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने भी घटना की निंदा करते हुए कहा कि सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने का अभियान राजनीतिक विचारधारा से ऊपर होना चाहिए।
भाजपा ने कहा- दोषियों पर होगी कार्रवाई
भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी ने घटना में पार्टी की भूमिका से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि एफआईआर में नामजद लोग यदि अपराधी हैं तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, भाजपा नेता अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि हमले में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी राजनीतिक दल से जुड़े होने का मतलब यह नहीं है कि किसी को कानून हाथ में लेने का अधिकार मिल जाता है। फिलहाल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस जांच आगे बढ़ रही है।


