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सोमवार को आएंगे असम चुनाव के नतीजे, हिमंता बिस्वा सरमा, गौरव गोगोई समेत कई दिग्गजों की किस्मत का होगा फैसला

'असम विधानसभा चुनाव- 2026' की मतगणना सोमवार को पूरे राज्य में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू होगी। इसके साथ ही चुनावी मुकाबला अपने निर्णायक चरण में पहुंच जाएगा। इस चुनाव के नतीजे तय करेंगे कि भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटेगा या विपक्षी गठबंधन कोई बड़ी बढ़त हासिल करेगा।

सोमवार को आएंगे असम चुनाव के नतीजे, हिमंता बिस्वा सरमा, गौरव गोगोई समेत कई दिग्गजों की किस्मत का होगा फैसला
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गुवाहाटी। 'असम विधानसभा चुनाव- 2026' की मतगणना सोमवार को पूरे राज्य में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच शुरू होगी। इसके साथ ही चुनावी मुकाबला अपने निर्णायक चरण में पहुंच जाएगा। इस चुनाव के नतीजे तय करेंगे कि भाजपा के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) लगातार तीसरी बार सत्ता में लौटेगा या विपक्षी गठबंधन कोई बड़ी बढ़त हासिल करेगा।

चुनाव अधिकारियों ने रविवार को बताया कि असम के 35 जिलों में फैले 40 मतगणना केंद्रों पर वोटों की गिनती होगी। सभी 126 विधानसभा क्षेत्रों के वोट वाली इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें मतगणना से पहले कड़ी सुरक्षा और 24 घंटे निगरानी में स्ट्रॉन्ग रूम में रखी गई हैं।

बड़े विधानसभा क्षेत्रों वाले जिलों में विशेष इंतजाम किए गए हैं। नगांव में तीन अलग-अलग जगहों पर मतगणना होगी, जबकि कोकराझार, तिनसुकिया और जोरहाट में दो-दो मतगणना केंद्र बनाए गए हैं।

कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। मतगणना केंद्रों और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की 25 कंपनियां तैनात की गई हैं। इसके अलावा करीब 800 पुलिसकर्मियों को निगरानी में स्ट्रॉन्ग रूम से मतगणना हॉल तक ईवीएम पहुंचाने के काम में लगाया जाएगा।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनुराग गोयल ने पहले बताया था कि सीएपीएफ की दो अतिरिक्त कंपनियों को रिजर्व ड्यूटी पर रखा जाएगा। इसके अलावा राज्य सशस्त्र पुलिस की 93 कंपनियां पहले से ही विभिन्न जिलों में तैनात हैं।

मतगणना के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से तुरंत निपटने के लिए 85 विशेष असॉल्ट टीमें भी तैयार रखी गई हैं।

असम विधानसभा चुनाव के लिए 9 अप्रैल को मतदान हुआ था, जिसमें 2.50 करोड़ से अधिक मतदाताओं में से 85.96 प्रतिशत ने मतदान किया। इस चुनाव में 59 महिला उम्मीदवारों सहित कुल 722 उम्मीदवार मैदान में हैं। कांग्रेस ने सबसे ज्यादा 99 उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि भाजपा ने 90 उम्मीदवारों को टिकट दिया है।

ऑल इंडिया यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (एआईयूडीएफ) 30 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। एनडीए सहयोगियों में असम गण परिषद 26 और बोडो पीपुल्स फ्रंट 11 सीटों पर मैदान में है। विपक्षी गठबंधन में रायजोर दल 13, असम जातीय परिषद 10, माकपा 3 और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस 2 सीटों पर चुनाव लड़ रही है।

अन्य दलों में आम आदमी पार्टी और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल 18-18 सीटों पर, तृणमूल कांग्रेस 22 सीटों पर और झारखंड मुक्ति मोर्चा 16 सीटों पर चुनाव लड़ रही है। इसके अलावा 258 निर्दलीय उम्मीदवार भी मैदान में हैं।

जिन प्रमुख नेताओं की किस्मत का फैसला होना है, उनमें मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, असम कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई, विधानसभा अध्यक्ष बिस्वजीत दैमारी, नेता प्रतिपक्ष देबब्रत सैकिया, एआईयूडीएफ प्रमुख बदरुद्दीन अजमल, सांसद अखिल गोगोई और एजेपी प्रमुख लुरिनज्योति गोगोई शामिल हैं।


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