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वायनाड हादसा : आर्मी, एयरफोर्स, नेवी समेत 1,200 कर्मी बचाव के लिए तैनात, 145 करोड़ की मदद

केरल के वायनाड में अत्यधिक बारिश और भूस्खलन के कारण भारी तबाही हुई है। कई स्थानों पर बाकी जगहों से संपर्क टूट गया है। ऐसे में तीन वेली पुलों के निर्माण के लिए आर्मी की मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप के कालम तैनात किए गए हैं

वायनाड हादसा : आर्मी, एयरफोर्स, नेवी समेत 1,200 कर्मी बचाव के लिए तैनात, 145 करोड़ की मदद
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नई दिल्ली। केरल के वायनाड में अत्यधिक बारिश और भूस्खलन के कारण भारी तबाही हुई है। कई स्थानों पर बाकी जगहों से संपर्क टूट गया है। ऐसे में तीन वेली पुलों के निर्माण के लिए आर्मी की मद्रास इंजीनियरिंग ग्रुप के कालम तैनात किए गए हैं।

इसके अलावा एनडीआरएफ की चार टीम, आर्मी के चार कालम, नेवी की एक टीम, तटरक्षक बलों की तीन यूनिट, अग्निशमन सेवाओं, राज्य पुलिस स्थानीय इमरजेंसी रिस्पांस टीम समेत लगभग 1,200 कर्मी राहत और बचाव अभियान में 24 घंटे कार्य कर रहे हैं। राज्य सरकार को 145 करोड़ की राशि भी प्रदान कराई गई है। यह जानकारी केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने बुधवार को राज्यसभा के समक्ष रखी।

उन्होंने सदन में बताया कि बचाव और खोज कार्य में सेना के डॉग स्क्वाड को भी तैनात किया गया है। इसके अलावा आर्मी की डीसी सेंट्रल कन्नूर की दो टुकड़ियां भी तैनात की गई हैं। त्रिवेंद्रम की 91 इन्फेंट्री ब्रिगेड की दो टुकड़ियों को रवाना कर दिया गया है। भारतीय आर्मी के दो हेलीकॉप्टर और नेवी का एक हेलीकॉप्टर बचाव कार्य में विशेष रूप से लगे हैं। सेना की मेडिकल टीम भी घटनास्थल पर मौजूद है और घायलों को चिकित्सा प्रदान कर रही है।

उन्होंने बताया कि भारतीय नौसेना के जहाज को क्षतिग्रस्त पुल के दूसरी ओर बचाव और भूमि मार्ग से आवाजाही प्रदान करने के लिए तैनात किया गया है। प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त संसाधन भेजे जा रहे हैं। गृह मंत्रालय के दोनों नियंत्रण कक्ष 24 घंटे से निगरानी कर रहे हैं और राज्य को प्रत्येक संभव सहायता प्रदान की जा रही है। 31 जुलाई को स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फंड से 145 करोड़ की राशि राज्य सरकार को प्रदान कराई गई है।

केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि पहले सुपर साइक्लोन आया था, जिसमें 10 हजार लोगों की मौत हुई। आज हम जीरो मौत के स्तर पर पहुंच गए हैं। यह प्रधानमंत्री के नेतृत्व में डिजास्टर मैनेजमेंट के लिए किया जा रहा काम, तकनीक का उपयोग, आपदा प्रबंधन में दी जा रही राशि का प्रभाव है। भारत सरकार की विभिन्न संस्थाओं ने पेड़ लगाने का काम किया है। पैरामिलिट्री फोर्सेस ने भी रिकॉर्ड संख्या में पेड़ लगाने का काम किया है। भारत का आपदा प्रबंधन ऐसा है, जिस पर देश के साथ-साथ विदेशों को भी भरोसा है। कई देशों के आपदा के समय चाहे वह भूकंप हो या अन्य आपदा हो, उस समय भी भारत बढ़-चढ़कर उनके सहयोग के लिए आगे गया है।

गृह राज्य मंत्री ने कहा कि केरल के वायनाड में भूस्खलन की घटना के तुरंत बाद ही प्रधानमंत्री और गृहमंत्री ने राज्य सरकार से संपर्क किया और केंद्र जितनी सहायता कर सकता है, वह सभी सहायता की जा रही है। नवीनतम जानकारी के मुताबिक राहत कर्मियों द्वारा मलबे से 133 शव निकाले जा चुके हैं। मृत्यु की यह संख्या बढ़ सकती है। प्रधानमंत्री के निर्देश पर केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन घटनास्थल पर पहुंच गए हैं। वह मुख्यमंत्री से संपर्क कर लगातार जानकारी दे रहे हैं। प्रधानमंत्री भी उनसे अपडेट ले रहे हैं। घटना के तुरंत बाद एनडीआरएफ, एयर फोर्स, आर्मी, तटरक्षक बल और नेवी की टीमें खोज और बचाव अभियान में जुटी हुई हैं।


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