पानी बंद तो खनन माफिया हुए सक्रिय
गंगाजल की सप्लाई बंद होते ही खनन माफिया घरों से बाहर निकल आए हैं
गाजियाबाद। गंगाजल की सप्लाई बंद होते ही खनन माफिया घरों से बाहर निकल आए हैं। अवैध हथियार लेकर ये माफिया दिन नहीं रात के अंधेरे में भी रेत चोरी कर रहे है। गाड़ियों का काफिला नहर के किनारे देखा जा सकता है।
सिंचाई विभाग के अफसर चाह कर भी इन्हें पकड़ नहीं पा रहे है। अब एसएसपी से सहयोग मांग रहे हैं। बेशक लोग गंगाजल को पवित्र मानते हो लेकिन ऐसे लोग भी बहुत है कि गंगाजल की सप्लाई बंद होने का बेसब्री से इंतजार करते है। इतना ही नहीं गंगा के अलावा गंग नहर के सूखते ही ये लोग रेत की चोरी में जुट जाते है।
सरकारी मशीनरी इन दिनों ऐसे ही कुछ खनन माफियाओं को लेकर टेंशन में है। दरअसल नोएडा और गाजियाबाद में सप्लाई हो रहे गंगाजल की आपूर्ति इन दिनों बंद है। दिवाली तक यह आपूर्ति बंद रहेगी। हर साल इन दिनों में ही गंग नहर की सफाई की जाती है। नहर की सफाई के लिए ही 27 सितम्बर से गंगनहर में पानी नहीं आ रहा है।
नोएडा और गाजियाबाद के लाखों लोग पानी न आने से परेशानी में है लेकिन खनन माफियाओं की बल्ले-बल्ले हो रही है। ये खनन माफिया दिन नहीं रात के अंधेरे में भी रेत की चोरी कर रहे है। सिंचाई एवं जलसंसाधन विभाग के मेरठ खंड के अधिशासी अभियंता ने एसएसपी गाजियाबाद को चौंकाने वाला पत्र लिखा है। पत्र में लिखा है कि गंगा नहर में पानी बंद होने के साथ ही खनन माफिया सक्रिय हो गए है। बिना पुलिस के सहयोग के इन्हे रोक पाना असंभव है। संबंधित थानाध्यक्ष इन खनन माफियाओं पर अंकुश लगाने के लिए सहयोग नहीं कर रहे है।
बताया गया है कि सिंचाई विभाग के अफसर यदि खुद टीम लेकर इन्हें रोकने के लिए जाते है तो उनके साथ अप्रिय घटना होने का लगातार अंदेशा बना रहता है। पत्र में एसएसपी से अनुरोध किया गया है कि खनन माफियाओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जाए और उन्हे जेल भेजा जाए।
पत्र में लिखा है कि अवैध खनन से राजस्व की क्षति हो रही है। यह अवैध खनन पूरे जिले में हो रहा है। पता चला है कि अवैध असलहों के साथ खनन को अंजाम दिया जा रहा है। कुछ नेताओं की भी इस अवैध खनन में पत्ती बताई गई है।


