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कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं के बीच विनेश फोगाट ने छोड़ी सरकारी नौकरी

हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं के बीच ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट ने रेलवे की सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने शुक्रवार को इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी

चंडीगढ़। हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में शामिल होने की चर्चाओं के बीच ओलंपियन पहलवान विनेश फोगाट ने रेलवे की सरकारी नौकरी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने शुक्रवार को इस संबंध में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी।

विनेश ने अपने पोस्ट में लिखा, “भारतीय रेलवे की सेवा मेरे जीवन का एक यादगार और गौरवपूर्ण समय रहा है। जीवन के इस मोड़ पर मैंने स्वयं को रेलवे सेवा से अलग करने का निर्णय लेते हुए अपना त्यागपत्र भारतीय रेलवे के सक्षम अधिकारियों को सौंप दिया है। राष्ट्र की सेवा में रेलवे द्वारा मुझे दिये गये इस अवसर के लिए मैं भारतीय रेलवे परिवार की सदैव आभारी रहूंगी।”

इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया से मुलाकात की थी जिसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर सामने आई थी। इसके बाद सियासी गलियारों में कयास लगाए जाने लगे कि विनेश फोगाट कांग्रेस के टिकट पर हरियाणा विधानसभा चुनाव में हाथ आजमा सकती है।

चर्चा है कि विनेश फोगाट अगर कांग्रेस में शामिल हुई, तो उन्हें दादरी से टिकट दिया जा सकता है।

बजरंग पुनिया बादली से टिकट मांग रहे हैं, लेकिन उन्हें किसी जाट बाहुल्य सीट से मैदान में उतारा जा सकता है। हाल ही में विनेश ने जींद, रोहतक, और शंभू बॉर्डर पर खाप पंचायतों और किसानों से मुलाकात की थी। इससे पहले हरियाणा के कांग्रेस प्रभारी बावरी ने विनेश फोगाट के बारे में कहा था कि जल्द ही पार्टी उनके बारे में स्थिति स्पष्ट करेगी।

कुछ दिन पहले, ओलंपिक के फाइनल में पहुंचने के बाद अयोग्य करार दिये जाने पर विनेश ने कुश्ती से संन्यास का ऐलान किया था। वह जिस वजन वर्ग के लिए खेल रही थीं, उससे उनका वजन 100 ग्राम ज्यादा आया था। उस समय हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री कांग्रेस नेता भूपेंद्र हुड्डा ने उन्हें राज्यसभा भेजने की वकालत की थी, लेकिन कम उम्र होने की वजह से उन्हें राज्यसभा में भेजना मुमकिन नहीं है।

राजनीतिक पंडितों का दावा है कि अगर विनेश कांग्रेस में शामिल हुईं, तो हरियाणा विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को इसका फायदा होगा, क्योंकि उनके किसानों और खाप पंचायतों से अच्छे संबंध हैं।

हरियाणा में एक ही चरण में 5 अक्टूबर को चुनाव होंगे और नतीजों की घोषणा 8 अक्टूबर को होगी।


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