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उत्तराखंडः राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड निस्तारण, करोड़ों रुपए के मामलों का हुआ समाधान

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तरकाशी द्वारा जिला न्यायालय परिसर, बाह्य न्यायालय पुरोला और बड़कोट में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया

उत्तराखंडः राष्ट्रीय लोक अदालत में रिकॉर्ड निस्तारण, करोड़ों रुपए के मामलों का हुआ समाधान
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उत्तरकाशी। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उत्तरकाशी द्वारा शनिवार को जिला न्यायालय परिसर, बाह्य न्यायालय पुरोला और बड़कोट में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। जिला जज एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष मलिक मजहर सुल्तान की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में विविध मामलों का आपसी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया।

जिला न्यायालय परिसर में आयोजित लोक अदालत में पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना दावा, फौजदारी, राजस्व एवं प्री-लिटिगेशन से जुड़े मामलों का निस्तारण कर करोड़ों रुपए की समझौता धनराशि तय की गई।

जिला जज मलिक मजहर सुल्तान की पीठ संख्या 1 में कुल 30 वादों का सफल निस्तारण किया गया। इनमें 9 परिवार न्यायालय और 1 मामला मोटर दुर्घटना दावे से संबंधित था। पीठ ने कुल 55 लाख 11 हजार 13 रुपए की समझौता धनराशि तय की।

मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभय सिंह की पीठ संख्या 2 में 28 वादों का निस्तारण किया गया, जिनमें 9 लाख 38 हजार 960 रुपए की समझौता धनराशि तय हुई। वहीं, न्यायिक मजिस्ट्रेट करिश्मा डंगवाल की पीठ संख्या 3 में 21 वादों का सफल निस्तारण हुआ, जिसमें 8 लाख 48 हजार 900 रुपए की धनराशि पर समझौता हुआ। इसी पीठ में प्री-लिटिकेशन के 20 मामलों का भी सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण करते हुए 11 लाख 53 हजार 500 रुपए की समझौता धनराशि तय की गई।

न्यायिक मजिस्ट्रेट पुरोला विवेक शर्मा की पीठ संख्या 4 में 19 वादों का सफल निस्तारण हुआ, जिसमें 18 लाख 53 हजार 500 रुपए की समझौता धनराशि तय की गई। इसके अतिरिक्त, इस पीठ में प्री-लिटिगेशन के 23 मामलों का भी आपसी सहमति के आधार पर निस्तारण कर 13 लाख 9 हजार रुपए की धनराशि तय की गई। उपजिलाधिकारी भटवाड़ी शालिनी नेगी की पीठ संख्या 5 में भी 15 वादों का सफल निस्तारण किया गया।

राष्ट्रीय लोक अदालत के माध्यम से लंबित मामलों के त्वरित एवं सरल समाधान को लेकर पीड़ितों में उत्साह देखने को मिला। सचिव सचिन कुमार ने कहा कि लोक अदालतें न्याय प्राप्ति का सुलभ एवं प्रभावी माध्यम हैं, जहां आपसी सहमति से विवादों का निस्तारण कर समय और धन दोनों की बचत होती है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आमजन से भविष्य में भी लोक अदालतों का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की गई।


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