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अगर मंदिर में हो रही चोरी तो फिर सबसे सुरक्षित जगह कौन सी, सांसद चंद्रशेखर आजाद का सवाल

उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर कहा कि अब अगर मंदिर ही सुरक्षित नहीं है तो सच्चाई कहां है और कौन सुरक्षित है।

अगर मंदिर में हो रही चोरी तो फिर सबसे सुरक्षित जगह कौन सी, सांसद चंद्रशेखर आजाद का सवाल
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हरिद्वार। उत्तर प्रदेश की नगीना लोकसभा क्षेत्र से सांसद चंद्रशेखर आजाद ने राम मंदिर चंदा चोरी मामले पर कहा कि अब अगर मंदिर ही सुरक्षित नहीं है तो सच्चाई कहां है और कौन सुरक्षित है।

हरिद्वार में मीडिया से बातचीत के दौरान चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि जहां लोग चोरी करने से भी नहीं डरते, वहां सच्चाई कहां है। अगर वहां भी डकैती हो रही है तो और कौन सी जगह सुरक्षित मानी जा सकती है। अगर भगवान के दर पर लूटपाट और चोरी हो रही है, तो आप ही बताइए सबसे सुरक्षित जगह कौन सी है।

दूसरी ओर, एक दलित युवक की हत्या के बाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे सांसद चंद्रशेखर आजाद को हरिद्वार में ही पुलिस ने रोक लिया। सांसद के समर्थकों का दावा है कि पुलिस ने उन्हें जाने से रोका।

सांसद ने इस पूरे मामले पर कहा कि इस घटना से हमारे लोगों को काफी तकलीफ है। परिवार ने हमें अपनी आवाज बनने के लिए बुलाया है और हम शांति से मिलने के लिए जा रहे हैं, लेकिन जिस तरह का डर का माहौल है, वह खत्म होना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस देश में सभी को संवैधानिक तरीके से विरोध जताने का अधिकार है।

हाल ही में सांसद चंद्रशेखर आजाद ने एक्स पोस्ट में केतन लाल की हत्या के बारे में कहा था कि उत्तराखंड के टिहरी जिले के लंबगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत देवल गांव में 18 वर्षीय दलित युवक केतन लाल की जातीय घृणा से प्रेरित निर्मम हत्या पूरे देश और समाज के लिए शर्म और चिंता का विषय है। परिजनों के अनुसार, केतन को प्रेम संबंध के कारण सुनियोजित तरीके से बुलाया गया, बंधक बनाया गया और पूरी रात लाठी-डंडों तथा बेल्ट से बेरहमी से पीटा गया। प्रेमिका के सामने ही उसे इतना प्रताड़ित किया गया कि अंततः उसकी मृत्यु हो गई। हत्यारोपियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने स्वयं परिजनों को फोन कर धमकी भरे अंदाज में कहा, "अपने बेटे को यहां से उठाकर ले जाओ।" यह घटना केवल एक हत्या नहीं, बल्कि संविधान, समानता और मानवता की हत्या है।

आगे लिखा कि आज भी यदि किसी दलित युवक को केवल इसलिए मार दिया जाता है क्योंकि उसने तथाकथित सवर्ण जाति की लड़की से प्रेम करने का साहस किया, तो यह साबित करता है कि जातिवादी मानसिकता समाज और व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर खतरा बनी हुई है।




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