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रामनगर में शुभ मुहूर्त पर हुआ होलिका दहन

उत्तराखंड के रामनगर में रंगों के महापर्व होली की शुरुआत परंपरागत आस्था और उल्लास के साथ हुई और आज प्रातःकाल चार बजे से पांच बजकर 30 मिनट तक शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से होलिका दहन किया गया

रामनगर में शुभ मुहूर्त पर हुआ होलिका दहन
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सुबह 4 से 5:30 बजे तक श्रद्धालुओं ने गन्ना अर्पित कर की पूजा

  • भक्ति और उत्साह का संगम: महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में दी सहभागिता
  • वैदिक मंत्रोच्चार के बीच परिक्रमा, परिवार की सुख-समृद्धि की कामना
  • बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक, आस्था और उल्लास से मनाया पर्व

रामनगर। उत्तराखंड के रामनगर में रंगों के महापर्व होली की शुरुआत परंपरागत आस्था और उल्लास के साथ हुई और आज प्रातःकाल चार बजे से पांच बजकर 30 मिनट तक शुभ मुहूर्त में विधि-विधान से होलिका दहन किया गया।

ब्रह्म मुहूर्त में ही श्रद्धालु बड़ी संख्या में होलिका स्थल पर एकत्रित होने लगे थे। पूरे वातावरण में भक्ति, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। होलिका दहन के अवसर पर श्रद्धालु अपने हाथों में गन्ना लेकर पहुंचे और पूजा-अर्चना की।

ऐसी मान्यता है कि गन्ना अर्पित करने से जीवन में समृद्धि, सुख-शांति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। महिलाओं ने पारंपरिक परिधानों में पूजा की। वहीं पुरुषों और बच्चों ने भी उत्साहपूर्वक इस धार्मिक अनुष्ठान में भाग लिया,पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधिवत पूजा संपन्न कराई गयी। होलिका में अग्नि प्रज्वलित होते ही श्रद्धालुओं ने परिक्रमा की और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। कई लोगों ने नयी फसल के प्रतीक के रूप में गन्ने को अग्नि में अर्पित किया और एक-दूसरे को होली की शुभकामनाएं दीं।

होलिका दहन को बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, भक्त प्रह्लाद जलाकर भस्म करने की कोशिश में होलिका खुद ही जलकर राख हो गयी थी, जबकि उसे वरदान प्राप्त था कि अग्नि उसे चला नहीं पाएगी। इसी आस्था के साथ हर वर्ष यह पर्व मनाया जाता है


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