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गंगोत्री मार्ग पर सड़कों की बदहाली पर भड़के पूर्व सीएम हरीश रावत, बोले-स्थिति काफी चिंताजनक

पर्वतीय सीमांत जनपद उत्तरकाशी में चारधाम यात्रा की तैयारियों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को मुख्यालय से गंगोत्री धाम तक विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया

गंगोत्री मार्ग पर सड़कों की बदहाली पर भड़के पूर्व सीएम हरीश रावत, बोले-स्थिति काफी चिंताजनक
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उत्तरकाशी। पर्वतीय सीमांत जनपद उत्तरकाशी में चारधाम यात्रा की तैयारियों के बीच कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बुधवार को मुख्यालय से गंगोत्री धाम तक विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने यात्रा मार्ग पर सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए और सरकार पर तीखा हमला बोला।

पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने दौरे के दौरान उत्तरकाशी से गंगोत्री तक विभिन्न पड़ावों पर रुककर स्थानीय लोगों, व्यापारियों और यात्रियों से बातचीत की। उन्होंने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा कि चारधाम यात्रा जैसे अंतरराष्ट्रीय महत्व के धार्मिक आयोजन से पहले सड़क व्यवस्था का यह हाल बेहद चिंताजनक है। जगह-जगह गड्ढों, धंसान और अधूरे निर्माण कार्यों के कारण यात्रा मार्ग जोखिम भरा बना हुआ है, जिससे न केवल यात्रियों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

हरीश रावत ने आरोप लगाया कि सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की लापरवाही और धीमी कार्यशैली के कारण हर वर्ष यात्रा से पहले सड़कों की स्थिति संतोषजनक नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार को इस दिशा में गंभीरता दिखानी चाहिए थी लेकिन जमीनी हकीकत इसके उलट है। उन्होंने यह भी कहा कि सीमांत क्षेत्रों की उपेक्षा लंबे समय से जारी है और विकास के दावों के बावजूद बुनियादी सुविधाएं अब भी बदहाल हैं।

प्रधानमंत्री के हालिया उत्तराखंड दौरे पर भी पूर्व मुख्यमंत्री ने सवाल उठाते हुए इसे पूरी तरह चुनावी दौरा करार दिया। उन्होंने कहा कि घोषणाओं और भाषणों के जरिए जनता को भ्रमित करने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि वास्तविक समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। रावत ने आरोप लगाया कि चारधाम यात्रा जैसे संवेदनशील विषय को भी राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

दौरे के दौरान रावत ने प्रशासन से मांग की कि यात्रा शुरू होने से पहले सड़क मार्गों की तत्काल मरम्मत कराई जाए और जोखिम वाले क्षेत्रों में विशेष सुरक्षा प्रबंध किए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं की गईं तो इसका खामियाजा श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों दोनों को भुगतना पड़ेगा।

स्थानीय लोगों ने भी पूर्व मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखते हुए बताया कि हर वर्ष यात्रा से पहले सड़क सुधार के दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात जस के तस बने रहते हैं। व्यापारियों ने कहा कि खराब सड़कों के कारण यात्रियों की आवाजाही प्रभावित होती है, जिससे उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ता है।

इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी रावत के साथ विभिन्न स्थानों पर निरीक्षण किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए यात्रा व्यवस्थाओं में सुधार की मांग उठाई। कुल मिलाकर, चारधाम यात्रा से पहले उत्तरकाशी-गंगोत्री मार्ग की स्थिति एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गई है, जहां एक ओर सरकार व्यवस्थाओं को दुरुस्त बताने का दावा कर रही है, वहीं विपक्ष जमीनी हकीकत को सामने लाते हुए सवाल खड़े कर रहा है।


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