हरिद्वार में बसंत पंचमी स्नान के लिए व्यापक यातायात डायवर्जन, भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित
हरिद्वार में बसंत पंचमी स्नान पर्व (23 जनवरी 2026) के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस व प्रशासन ने शहर में यातायात दबाव कम करने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है

हरिद्वार। हरिद्वार में बसंत पंचमी स्नान पर्व (23 जनवरी 2026) के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए पुलिस व प्रशासन ने शहर में यातायात दबाव कम करने के लिए विशेष ट्रैफिक प्लान लागू किया है। यह प्लान 22 जनवरी की रात्रि 12 बजे से स्नान पर्व की समाप्ति तक प्रभावी रहेगा।
यातायात का दबाव बढ़ने की स्थिति में भारी वाहनों को शहर की सीमाओं पर ही रोक दिया जाएगा। इस अवधि में हरिद्वार शहर क्षेत्र में सभी भारी वाहनों का प्रवेश पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। चीला मार्ग को ऋषिकेश से केवल एक्जिट के रूप में उपयोग किया जाएगा, जबकि चंडी चौक पर दबाव बढ़ने पर 4.2 डायवर्जन से वन-वे व्यवस्था लागू की जाएगी।
प्रशासन द्वारा गुरुकुल कांगड़ी सर्विस लेन, सिंहद्वार, शंकराचार्य चौक, नहर पटरी और मोहंड मार्ग सहित विभिन्न वैकल्पिक रूट तय किए गए हैं। टोल प्लाजा पर अधिक दबाव की स्थिति में वाहनों की एक्जिट नहर पटरी से कराई जाएगी। देहरादून व ऋषिकेश जाने वाली प्राइवेट बसों को आवश्यकता पड़ने पर मोहंड मार्ग से डायवर्ट किया जाएगा।
दिल्ली, मेरठ, मुजफ्फरनगर, पंजाब व हरियाणा से स्नान हेतु आने वाले वाहनों के लिए अलग-अलग रूट और पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। अलकनंदा, दीनदयाल, पंतद्वीप, चमकादड़ टापू और बैरागी कैंप को प्रमुख पार्किंग स्थलों के रूप में चिन्हित किया गया है। अत्यधिक दबाव की स्थिति में लक्सर, फेरूपुर, जगजीतपुर और मातृसदन पुलिया के रास्ते वाहनों को भेजा जाएगा।
देहरादून व ऋषिकेश से हरिद्वार आने वाले श्रद्धालुओं के लिए नेपालीफार्म-रायवाला मार्ग निर्धारित किया गया है। वहीं, चारधाम यात्रा मार्ग से मेरठ-दिल्ली व नजीबाबाद जाने वाले वाहनों के लिए भी अलग डायवर्जन व्यवस्था रहेगी।
स्नान पर्व के दौरान यातायात दबाव बढ़ने पर ऑटो व विक्रम को निर्धारित सीमाओं तक ही संचालन की अनुमति होगी। ललतारा पुल से शिवमूर्ति तक सभी प्रकार के वाहनों, ऑटो, विक्रम व टैक्सी का आवागमन पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।
प्रशासन ने आमजन और श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे निर्धारित रूट व पार्किंग का पालन करें तथा यातायात पुलिस के निर्देशों का सहयोग कर स्नान पर्व को शांतिपूर्ण व सुचारू रूप से संपन्न कराने में मदद करें।


