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उत्तराखंड: आफत की बारिश और भूस्खलन! चारधाम यात्रा पर लगाई गई रोक, सुरक्षित स्थानों पर रोके गए यात्री

उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने चारधाम यात्रा को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बुधवार को भानेरपानी के पास पहाड़ी से भारी मलबा गिरने के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। इससे यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई और प्रशासन को सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा रोकनी पड़ी।

उत्तराखंड: आफत की बारिश और भूस्खलन! चारधाम यात्रा पर लगाई गई रोक, सुरक्षित स्थानों पर रोके गए यात्री
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देहरादून)। उत्तराखंड में लगातार हो रही भारी बारिश और भूस्खलन ने चारधाम यात्रा को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। बुधवार को भानेरपानी के पास पहाड़ी से भारी मलबा गिरने के कारण बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो गया। इससे यात्रियों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हुई और प्रशासन को सुरक्षा के मद्देनजर यात्रा रोकनी पड़ी।

प्रशासन ने मंगलवार को ही चारधाम यात्रा स्थगित कर दी थी और बुधवार को भी यह निर्णय जारी रखा गया। अधिकारियों का कहना है कि लगातार भूस्खलन और भारी बारिश के अलर्ट के कारण कई यात्रा मार्ग असुरक्षित हो गए हैं। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रा फिलहाल बंद रखी गई है।

गढ़वाल मंडलायुक्त ने स्पष्ट किया कि मौसम सामान्य होने, सभी प्रभावित मार्गों से मलबा हटने और उन्हें पूरी तरह सुरक्षित घोषित किए जाने के बाद ही चारधाम यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी।

केदारनाथ हाईवे भी लगातार बारिश के कारण मुंकटिया क्षेत्र में मलबा और चट्टानें गिरने से बंद हो गया। सड़क को जल्द से जल्द खोलने के लिए युद्ध स्तर पर राहत कार्य चलाया जा रहा है। भारी मशीनों की मदद से मलबा हटाकर संपर्क बहाल करने की कोशिश की जा रही है। जिला प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुचारु आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं।

यात्रा कंट्रोल रूम पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है। सेक्टर अधिकारियों, पुलिस और अन्य सुरक्षा एजेंसियों को समय-समय पर निर्देश जारी किए जा रहे हैं।

रुद्रप्रयाग के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने मंगलवार को बताया कि सड़क मार्ग कई जगहों पर बाधित रह सकता है। उन्होंने कहा कि मुंकटिया में पहले भी सड़क बंद हुई थी, जिसे तुरंत खोल दिया गया था, लेकिन यह इलाका अब भी संवेदनशील बना हुआ है। यहां लगातार चट्टानें गिरने का खतरा बना हुआ है। इसलिए प्रभावित हिस्से से श्रद्धालुओं को प्रशासन की निगरानी में सुरक्षित तरीके से पार कराया जा रहा है। सेक्टर अधिकारी और बचाव दल लगातार मार्ग की निगरानी कर रहे हैं और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रुकने की सलाह दी जा रही है।

इस वर्ष लगातार बारिश और बार-बार हो रहे भूस्खलन का असर चारधाम यात्रा पर साफ दिखाई दे रहा है। प्रतिदिन यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं की संख्या में कमी आई है। इसके बावजूद अब तक 45 लाख से अधिक श्रद्धालु चारों धामों के दर्शन कर चुके हैं।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 25 जुलाई तक उत्तराखंड के चारधामों में कुल 45,23,412 श्रद्धालु दर्शन कर चुके थे। वहीं, पिछले 24 घंटे में केवल 8,126 श्रद्धालुओं ने यात्रा की। इनमें 2,778 श्रद्धालु बद्रीनाथ, 2,475 गंगोत्री, 942 केदारनाथ और 895 श्रद्धालु यमुनोत्री पहुंचे।

यात्रा शुरू होने के बाद से सबसे अधिक 15,53,525 श्रद्धालु बद्रीनाथ पहुंचे हैं। इसके बाद 14,14,590 श्रद्धालुओं ने केदारनाथ, 7,09,418 ने गंगोत्री और 6,49,957 श्रद्धालुओं ने यमुनोत्री के दर्शन किए हैं।

पुलिस, जिला प्रशासन और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमें संवेदनशील इलाकों में पूरी तरह सतर्क हैं। सभी एजेंसियां लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं।



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