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चैतन्य यादव का दावा, उत्तराखंड में निषाद पार्टी होगी निर्णायक ताकत, बीजेपी के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी

गिरीश चैतन्य यादव ने निषाद पार्टी और बीजेपी के गठबंधन को ऐतिहासिक और पवित्र बताते हुए इसकी तुलना त्रेता युग में भगवान श्रीराम और निषादराज गुह्यराज के मिलन से की। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने का कार्य कर रहा है।

चैतन्य यादव का दावा, उत्तराखंड में निषाद पार्टी  होगी निर्णायक ताकत, बीजेपी के साथ मिलकर चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी
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देहरादून। Uttarakhand Politics: उत्तराखंड की राजनीति में निषाद पार्टी ने अपनी सक्रियता तेज कर दी है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गिरीश चैतन्य यादव ने स्पष्ट किया है कि निषाद पार्टी राज्य में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सहयोगी के रूप में पूरी ताकत के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन सिर्फ राजनीतिक नहीं, बल्कि वैचारिक और सामाजिक आधार पर भी मजबूत है।

बीजेपी के साथ गठबंधन को बताया ‘पवित्र’

गिरीश चैतन्य यादव ने निषाद पार्टी और बीजेपी के गठबंधन को ऐतिहासिक और पवित्र बताते हुए इसकी तुलना त्रेता युग में भगवान श्रीराम और निषादराज गुह्यराज के मिलन से की। उन्होंने कहा कि यह गठबंधन समाज के वंचित और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा में लाने का कार्य कर रहा है। यादव के अनुसार, दोनों दलों का उद्देश्य सामाजिक न्याय और समान अवसर सुनिश्चित करना है।

अन्य राज्यों में भी सक्रिय भूमिका

यादव ने बताया कि निषाद पार्टी केवल उत्तराखंड तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में भी सक्रिय भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि केरल और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में भी पार्टी कार्यकर्ता बीजेपी प्रत्याशियों को जिताने के लिए तन-मन-धन से जुटे हुए हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि पार्टी अपने संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की दिशा में काम कर रही है।

मछुआ समाज के अधिकारों की उठाई मांग

प्रेस वार्ता के दौरान यादव ने मछुआ समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि समाज को उनके पारंपरिक अधिकारों से वंचित किया गया है, जिन्हें वापस दिलाने की आवश्यकता है। इसमें आरक्षण, ताल-घाटों पर अधिकार, खनन और बालू से जुड़े मुद्दे, श्रेणी-तीन की जमीन और क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट के तहत मिलने वाले अधिकार शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इन सभी मांगों को सरकार के सामने मजबूती से रखा गया है।

जसपुर में होगी बड़ी सभा

निषाद पार्टी आगामी मई माह में उत्तराखंड के जसपुर में एक विशाल सभा आयोजित करने जा रही है। यादव ने कहा कि यह सभा पार्टी के लिए शक्ति प्रदर्शन का अवसर होगी, जहां राज्यभर से कार्यकर्ता जुटेंगे। इस कार्यक्रम के माध्यम से पार्टी यह संदेश देना चाहती है कि वह केवल उत्तर प्रदेश तक सीमित नहीं है, बल्कि उत्तराखंड में भी उसका मजबूत जनाधार तैयार हो रहा है।

उत्तराखंड में 42 सीटों पर फोकस

यादव ने बताया कि निषाद/कश्यप समाज की बहुलता वाली 42 विधानसभा सीटों पर पार्टी विशेष रूप से ध्यान दे रही है। इन क्षेत्रों में संगठन को मजबूत करने के लिए तेजी से काम चल रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी विधानसभा चुनाव में निषाद पार्टी इन सीटों पर प्रभावी प्रदर्शन करेगी और राजनीतिक समीकरणों को बदलने की क्षमता रखती है।

अन्य पिछड़ी जातियों का भी मिल रहा समर्थन

निषाद पार्टी को केवल मछुआ समाज ही नहीं, बल्कि अन्य पिछड़ी जातियों का भी समर्थन मिल रहा है। यादव ने कहा कि केवट, मल्लाह, बिंद, कहार, धीवर, कश्यप, तुरैहा और रायकवार जैसी जातियां भी पार्टी के साथ जुड़ रही हैं। उनका मानना है कि ये सभी वर्ग पूर्व की सरकारों से खुद को ठगा हुआ महसूस करते हैं और अब निषाद पार्टी को अपने अधिकारों की आवाज के रूप में देख रहे हैं।

प्रमुख पदाधिकारी उपस्थित

इस अवसर पर पार्टी के कई प्रमुख पदाधिकारी भी मौजूद रहे। प्रदेश उपाध्यक्ष योगेंद्र उपाध्याय, विशाल कश्यप, विपिन कश्यप, नीरज कश्यप और विनीत निषाद सहित अन्य कार्यकर्ता इस प्रेस वार्ता में शामिल हुए। सभी ने एक स्वर में पार्टी की नीतियों और आगामी रणनीति को लेकर समर्थन जताया।

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