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उत्तर प्रदेश: जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, हीट एक्शन प्लान और गो-आश्रय व्यवस्थाओं पर सख्त निर्देश

उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने जनगणना-2027 की तैयारियों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने, हीटवेव से निपटने के लिए जिला स्तर पर एक्शन प्लान बनाने और गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं

उत्तर प्रदेश: जनगणना-2027 की तैयारियां तेज, हीट एक्शन प्लान और गो-आश्रय व्यवस्थाओं पर सख्त निर्देश
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने जनगणना-2027 की तैयारियों को समयबद्ध ढंग से पूरा करने, हीटवेव से निपटने के लिए जिला स्तर पर एक्शन प्लान बनाने और गो-आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों से जनभागीदारी बढ़ाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार पर भी जोर दिया।

मुख्य सचिव एस.पी. गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक में विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। जनगणना-2027 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि प्रथम चरण के तहत हाउस लिस्टिंग एवं हाउसिंग सेन्सस 22 मई से 20 जून 2026 के बीच आयोजित किया जाएगा। इससे पहले सभी एनुमरेटर्स और सुपरवाइजर्स का प्रशिक्षण हर हाल में पूरा कराया जाए और अनुपस्थित रहने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

उन्होंने बताया कि 7 मई से 21 मई के बीच प्रदेश में नागरिक ऑनलाइन स्व-गणना (सेल्फ एनुमरेशन) फार्म भर सकेंगे। इसके लिए व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाते हुए लोगों को ऑनलाइन माध्यम अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए, ताकि समय की बचत के साथ डेटा की शुद्धता सुनिश्चित की जा सके।

मुख्य सचिव ने सीएमएमएस पोर्टल के प्रभावी उपयोग, जिला और मंडल स्तर पर व्हाट्सएप समूहों के गठन तथा सोशल मीडिया के जरिए जनगणना से जुड़ी गतिविधियों के प्रचार-प्रसार पर विशेष बल दिया। गो-आश्रय स्थलों के सुदृढ़ संचालन को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने वर्ष भर के लिए भूसा संग्रहण अभियान चलाने, स्थायी भूसा बैंक स्थापित करने और गोबर से तैयार खाद के बदले भूसा प्राप्त करने जैसे नवाचार अपनाने को कहा। साथ ही चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कर हाइब्रिड नेपियर घास की बुआई कराने के निर्देश दिए।

गर्मी और हीटवेव के मद्देनजर उन्होंने सभी जिलाधिकारियों को शीघ्र ही जिला स्तर पर हीट एक्शन प्लान तैयार करने को कहा। सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ स्थापित करने, गो-आश्रय स्थलों पर स्वच्छ पेयजल और पर्याप्त छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में किसानों से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि गेहूं की सरकारी खरीद के लिए फार्मर आईडी अनिवार्य नहीं होगी, लेकिन किसानों को भविष्य की योजनाओं का लाभ लेने के लिए स्वेच्छा से फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया जाए।

इसके अलावा ओलावृष्टि, अतिवृष्टि और अग्निकांड से प्रभावित फसलों के लिए लंबित क्षतिपूर्ति राशि का शीघ्र वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसानों को समय पर राहत मिल सके। बैठक में निदेशक जनगणना संचालन शीतल वर्मा ने बताया कि प्रदेश में मैपिंग कार्य अधिकांश जिलों में लगभग पूर्ण हो चुका है और 5.27 लाख एन्यूमरेटर्स व सुपरवाइजर्स का प्रशिक्षण निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जा रहा है।

अपर मुख्य सचिव पशुधन मुकेश कुमार मेश्राम ने जानकारी दी कि कई जिलों में भूसा संग्रहण और गो-आश्रय स्थलों पर आधुनिक व्यवस्थाओं को लेकर सराहनीय कार्य किए जा रहे हैं, जिनमें जौनपुर, सहारनपुर, गोरखपुर और हरदोई जैसे जिले अग्रणी हैं।


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