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'किसी भी कीमत पर मजहबी तालीम पर आंच बर्दाश्त नहीं करेंगे', केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर मौलाना का पलटवार

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा मदरसों को लेकर दिए गए बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। मुस्लिम समाज के नेताओं और मौलानाओं ने इस बयान की निंदा की है।

किसी भी कीमत पर मजहबी तालीम पर आंच बर्दाश्त नहीं करेंगे, केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर मौलाना का पलटवार
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हैदराबाद/मिर्जापुर। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा मदरसों को लेकर दिए गए बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। मुस्लिम समाज के नेताओं और मौलानाओं ने इस बयान की निंदा की है।

मौलाना मुस्ताक मलिक ने कहा कि भाजपा को देश में मुसलमानों की मजहबी तालीम और तहजीब से नफरत हो गई है।

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री के बयान पर उन्होंने कहा कि बांग्लादेश और पाकिस्तान के मदरसों में क्या होता है, उससे हमें कोई मतलब नहीं है, क्योंकि हम हिंदुस्तानी हैं और हिंदुस्तान के नियमों का पालन करते हैं। हम उसी के हिसाब से जिंदगी बिता रहे हैं, लेकिन अगर आप यह कहें कि मदरसों में दहशतगर्दी की तालीम दी जाती है, तो कितने मदरसों के बच्चे दहशतगर्दी में शामिल पाए गए हैं? इसका जवाब देने से भाजपा और आरएसएस बचते नजर आते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि मजहबी तालीम को भी ये लोग निशाना बना रहे हैं। इनका तालीम से कोई लेना-देना नहीं है। इन्होंने तालीम का भी भगवाकरण कर दिया है। देश की शिक्षा व्यवस्था को खराब कर दिया है। ये लोग हिंदू-मुस्लिम के बीच नफरत बोकर समझते हैं कि उनकी गलतियां छिप जाएंगी।

उन्होंने कहा कि मदरसों में अखलाक, तहजीब और तमीज सिखाई जाती है तथा वहां ईमानदारी का पाठ पढ़ाया जाता है। इससे हटकर हम कोई और तालीम नहीं देते हैं। उपमुख्यमंत्री का बयान ही दहशतगर्दी की निशानी है। मदरसों को मिटाने की अगर कोशिश की जाएगी तो देश का मुसलमान इसका विरोध करेगा और जवाब भी देगा। किसी भी कीमत पर हम मजहबी तालीम पर आंच बर्दाश्त नहीं करेंगे।

यूपी के मिर्जापुर शहर के काजी नज्म अली ने कहा कि मैं उपमुख्यमंत्री के बयान की सख्त शब्दों में निंदा करता हूं। वह इतिहास को पढ़ें, दुनिया के हर कोने में हिंदुस्तान का इतिहास मौजूद है। 1847 से लेकर 1947 तक इस हिंदुस्तान पर अंग्रेजों की हुकूमत थी। जब किसी ने आजादी के लिए सोचा भी नहीं था, तब मदरसे से निकलने वाले मौलाना मोहम्मद अली जौहर ने देश को आजाद कराने के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी।

उन्होंने यह भी कहा कि मदरसों से निकले लोगों ने देश की आजादी में बड़ा योगदान दिया है। हमारे देश के पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के बारे में पढ़ेंगे तो पता चलेगा कि वे मदरसे से पढ़े हुए थे। ऐसे कई लोगों ने देश की आजादी में अपना योगदान दिया है, जो मदरसों के पढ़े हुए थे।

बता दें कि उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा था कि मदरसा चाहे बांग्लादेश का हो, भारत का हो या पाकिस्तान का, अगर देखा जाए तो मदरसा अघोषित तौर पर आतंकवादियों को पैदा करने की फैक्ट्री है।


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