राष्ट्र और समाज की सुरक्षा करने वाले अभिभावक चाहिए: संजय निषाद
उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य पालन मंत्री संजय निषाद ने महाराष्ट्र में टेंपो ड्राइवरों के लिए मराठी बोलना अनिवार्य करने पर कहा कि जहां लोग रहें वहां की भाषा भी सीखने की कोशिश करनी चाहिए

जौनपुर। उत्तर प्रदेश सरकार में मत्स्य पालन मंत्री संजय निषाद ने महाराष्ट्र में टेंपो ड्राइवरों के लिए मराठी बोलना अनिवार्य करने पर कहा कि जहां लोग रहें वहां की भाषा भी सीखने की कोशिश करनी चाहिए। इसको लेकर कोई लड़ाई नहीं है।
उन्होंने कहा कि जहां रह रहे हैं अगर लोग वहां की भाषा जानेंगे तो व्यापार अच्छा होगा। हर प्रदेश की अपनी भाषा है। लोगों को लोकल भाषा बोलनी चाहिए। जिनको बोलना नहीं आता वे बोलना सीख लें।
मिर्जापुर में एक बच्ची की गोली मारकर हत्या करने के मामले पर संजय निषाद ने कहा कि जीरो-टॉलरेंस नीति पर देश चल रहा है। प्रदेश से सारे माफिया खत्म हो गए। आपसी रंजिश में ऐसी घटनाएं होती हैं, जिनकी जांच की जाएगी। जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
आगामी विधानसभा चुनाव की तैयारी को लेकर उन्होंने कहा कि हमने चार बड़ी रैलियों के लिए कहा था। गोरखपुर, प्रयागराज, मेरठ और वाराणसी में चार बड़ी रैलियां प्रस्तावित थीं। वाराणसी मंडल में 26 तारीख को गंगापुत्र (निषाद), गंगा के किनारे रैली का आयोजन करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 1911 में गंगापुत्र एकत्रित हुए थे और ऐलान किया था कि देश को लूटने वाले अंग्रेजों को भगाना है और देश को आजाद कराना है। निषादों ने इकठ्ठा होकर आजादी का बिगुल फूंका था तो और जातियां आ गईं। सबने मिलकर अंग्रेजों को भगाया।
उन्होंने कहा कि आज लोकतंत्र राजनीति का अभिभाव है। अंग्रेजों को देश से भगाया गया, मुगलों से भी लड़ाई लड़ी गई। कांग्रेस ने लोगों से बेइमानी की तो उसको भी हटा दिया गया। अब प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और गृह मंत्री अमित शाह अभिभावक हैं। इसी वजह से जनता के हितों की बात हो रही है। राष्ट्र और समाज की सुरक्षा करने वाला अभिभावक चाहिए।
उन्होंने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि ये सब तो हिंदुओं और मुसलमानों को लड़ाने वाले लोग हैं। ये न तो पिछड़ों के और न तो मुसलमानों के हितैषी हैं। उन्होंने कहा कि सभी जाति, सभी वर्ग और सभी धर्म के लोग एक समान सुरक्षा में हों, इसी को राम राज्य कहते हैं।


