हमने एक मस्जिद खोई, अब दूसरी और तीसरी नहीं खो सकते : शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी
ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कथावाचक रामभद्राचार्य के बयान पर पलटवार किया

बरेली। ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के राष्ट्रीय अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कथावाचक रामभद्राचार्य के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा कि हमने एक मस्जिद खोई, अब दूसरी और तीसरी नहीं खो सकते हैं।
बरेली में मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने कहा कि कथावाचक रामभद्राचार्य कह रहे हैं कि हम मथुरा, काशी और संभल लेकर रहेंगे। यह उनका ख्वाब और ख्याल है। ख्वाब-ख्याल जमीन पर नहीं उतरते। मैं स्पष्ट कहना चाहता हूं कि भारत के मुसलमानों ने सीने पर पत्थर रखकर बाबरी मस्जिद राम जन्मभूमि के हवाले कर दी। हमने एक मस्जिद को खोया है, अब दूसरी और तीसरी नहीं खो सकते हैं।
एक वायरल वीडियो पर बरेलवी ने कहा कि सिद्धार्थनगर में एक मुसलमान को भंडारे का खाना खिलाया और यह कहते हुए कि तुम्हें 'जय श्रीराम' का नारा लगाना होगा। फिर खाना देने से पहले 'जय श्रीराम' के नारे लगवाए गए। यह भाईचारा नहीं है। यह कौमी एकता नहीं है। यह नफरत को बढ़ावा देना है और मोहब्बत के पैमाने को तोड़ना है। यह पूरे भारत के लोगों को दिखाने की कोशिश है कि किस तरीके से मुसलमानों को जलील करके उन्हें भंडारा खिलाया जाता है और किस तरीके से उन्हें रुसवा करके 'जय श्रीराम' के नारे लगवाए जाते हैं। इस तरह के लोग फिरकापरस्ती को बढ़ावा देते हैं। उनकी सोच और विचारधारा सांप्रदायिकता वाली है। मैं मुसलमानों से कहूंगा कि इस तरह के आयोजनों में कतई न जाएं।
तमिलनाडु भाजपा के पूर्व नेता के. अन्नामलाई के उत्तर भारतीय प्रवासियों पर दिए गए बयान पर बरेलवी ने कहा कि अपराध, अपराध है, चाहे तमिलनाडु में किया जाए या यूपी-बिहार में किया जाए। जो अपराधी है, चाहे वह हिंदू हो या मुसलमान, उसे अपराधी की श्रेणी में रखा जाना चाहिए। कानून में जो भी सजाएं निर्धारित हैं, वे सभी उसे दी जानी चाहिए, चाहे वह केरल, तमिलनाडु, बिहार, बंगाल या कहीं का रहने वाला हो। अन्नामलाई जो कह रहे हैं, वह उत्तर भारतीयों को टारगेट करके कह रहे हैं। वह कहना चाहते हैं कि उत्तर भारतीय, यानी यूपी, बिहार, बंगाल के लोग अपराधी हैं, बाकि केरल, तमिलनाडु में रहने वाले जो लोग हैं, वह उज्ज्वल हैं। ऐसा नहीं है, वह ऐसा कहकर उत्तर भारतीयों का अपमान कर रहे हैं जिसे उत्तर भारतीय बर्दाश्त नहीं करेंगे।


