Top
Begin typing your search above and press return to search.

विनोद साहनी हत्याकांड पर गरमाई सियासत, चंद्रशेखर आजाद ने संजय निषाद से मांगा इस्तीफा

आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता की हत्या के मामले में उन्हें नैतिक आधार पर पद छोड़ देना चाहिए।

विनोद साहनी हत्याकांड पर गरमाई सियासत, चंद्रशेखर आजाद ने संजय निषाद से मांगा इस्तीफा
X

लखनऊ। आजाद समाज पार्टी (कांशी राम) के अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर आजाद ने शनिवार को उत्तर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के प्रमुख संजय निषाद के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि पार्टी कार्यकर्ता की हत्या के मामले में उन्हें नैतिक आधार पर पद छोड़ देना चाहिए।

आजाद ने मीडिया से बात करते हुए मांग की कि निषाद को ऐसी सरकार से इस्तीफा दे देना चाहिए जो कानून-व्यवस्था बनाए रखने का दावा तो करती है, लेकिन कमजोर वर्गों के लोगों की सुरक्षा करने और उन्हें न्याय दिलाने में नाकाम रही है।

उन्होंने कहा, "मैं कहूंगा कि संजय जी को नैतिक आधार पर ऐसी सरकार से इस्तीफा दे देना चाहिए जो कानून-व्यवस्था बहुत अच्छी होने का झूठा दावा करती है, लेकिन कमजोर वर्गों के लोगों की सुरक्षा करने और उन्हें न्याय दिलाने में असमर्थ है। मुझे नहीं लगता कि उनकी मांगें पूरी होंगी।"

उन्होंने आरोप लगाया कि जब आरोपी मुख्यमंत्री की ही जाति के होते हैं तो सरकार उनका पक्ष लेती है। उन्होंने जाति या धर्म से ऊपर उठकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।

उन्होंने कहा, "क्योंकि जब अपराधी मुख्यमंत्री की ही जाति का होता है तो पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है कि मुख्यमंत्री और सरकार पीड़ितों के बजाय आरोपियों का पक्ष लेते हैं। यह बहुत चिंता का विषय है।"

आजाद ने कहा कि मुख्यमंत्री, चाहे कोई भी इस पद पर हो, उन्हें निष्पक्ष रहना चाहिए और यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कानूनी कार्रवाई जाति या धर्म से प्रभावित न हो।

उन्होंने कहा, "सवाल यह है कि क्या किसी की हत्या को फेसबुक पोस्ट के आधार पर सही ठहराया जा सकता है? अगर किसी ने फेसबुक पोस्ट किया है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है और एफआईआर दर्ज की जा सकती है।"

आजाद की यह टिप्पणी तब आई जब संजय निषाद ने गुरुवार देर शाम लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी की मोर्चरी में पार्टी कार्यकर्ता विनोद साहनी की मौत को लेकर धरना दिया। गोंडा में विनोद साहनी पर गोली और चाकू से हमला किया गया था।

धरने के दौरान समाजवादी पार्टी के विपक्षी नेता भी निषाद के साथ शामिल हुए। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार में एक मंत्री की बात भी नहीं सुनी जा रही है। निषाद ने सभी आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी, न्याय और सुरक्षा सुनिश्चित न कर पाने के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई, और पीड़ित परिवार को सुरक्षा व सरकारी नौकरी देने की मांग की थी।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पहले भी निषाद समुदाय के लोगों को आपराधिक मामलों और एनकाउंटर के नाम पर निशाना बनाया गया है। निषाद ने चेतावनी दी कि अगर आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया गया तो पार्टी अपना आंदोलन तेज करेगी।

हालांकि, अपने विरोध-प्रदर्शन को लेकर चल रही अटकलों के बीच, निषाद ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि उनके धरने का मकसद निषाद समुदाय से जुड़े मुद्दों को उठाना था और इसका मतलब भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार से कोई मतभेद नहीं था।

उन्होंने कहा, "यह समुदाय के हित के लिए है। हम इस मामले में हत्या का केस दर्ज करवा पाए हैं, क्योंकि हम सरकार में हैं। विपक्ष भ्रष्ट है। हम समुदाय की जो भी मदद कर सकते हैं, वह सरकार के माध्यम से ही करते हैं।"



Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it