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'वंदे मातरम' बिल पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का विरोध, बताया- धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 'वंदे मातरम' के अपमान पर सजा का प्रावधान करने वाले प्रस्तावित विधेयक का विरोध करते हुए इसे भारत की धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था के खिलाफ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता से जुड़े अहम मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे विषय सामने ला रही है। इसके साथ ही, उन्होंने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए। वहीं, भगवान कृष्ण पर मौलाना जर्गिस अंसारी की टिप्पणी की निंदा की और कांवड़ यात्रा से पहले शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

वंदे मातरम बिल पर कांग्रेस सांसद इमरान मसूद का विरोध, बताया- धर्मनिरपेक्षता के खिलाफ
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सहारनपुर। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 'वंदे मातरम' के अपमान पर सजा का प्रावधान करने वाले प्रस्तावित विधेयक का विरोध करते हुए इसे भारत की धर्मनिरपेक्ष व्यवस्था के खिलाफ बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता से जुड़े अहम मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ऐसे विषय सामने ला रही है। इसके साथ ही, उन्होंने 'वन नेशन, वन इलेक्शन' के प्रस्ताव पर भी सवाल उठाए। वहीं, भगवान कृष्ण पर मौलाना जर्गिस अंसारी की टिप्पणी की निंदा की और कांवड़ यात्रा से पहले शांति एवं सौहार्द बनाए रखने की अपील की।

'वंदे मातरम' के अपमान पर सजा के प्रावधान वाले प्रस्तावित बिल को लेकर इमरान मसूद ने कहा कि भाजपा के पास जनता से जुड़े वास्तविक मुद्दों पर बात करने के लिए कोई एजेंडा नहीं बचा है। इस तरह के विषय लाकर लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है। भारत एक धर्मनिरपेक्ष देश है, जहां किसी भी व्यक्ति पर किसी विशेष पूजा-पद्धति या धार्मिक आस्था को नहीं थोपा जा सकता। सभी धर्मों और उनकी उपासना पद्धतियों का सम्मान होना चाहिए, लेकिन किसी को अपनी मान्यता दूसरे पर थोपने का अधिकार नहीं है। हर नागरिक को अपने धर्म और आस्था का पालन करने की स्वतंत्रता है और किसी की इबादत के तरीके में हस्तक्षेप करना उचित नहीं है।

उन्होंने कहा कि 'वंदे मातरम' के सम्मान को लेकर पहले से ही सुप्रीम कोर्ट के निर्देश मौजूद हैं और कांग्रेस हमेशा राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करती रही है। कांग्रेस के प्रत्येक राष्ट्रीय अधिवेशन में 'वंदे मातरम' का पाठ किया जाता है और पार्टी ने हमेशा इसका सम्मान किया है। किसी भी कानून में अपमान की परिभाषा स्पष्ट होना आवश्यक है।

'वन नेशन, वन इलेक्शन' के मुद्दे पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि भाजपा के पास अब कोई दूसरा मुद्दा नहीं बचा है। देश की अर्थव्यवस्था मुश्किल दौर से गुजर रही है, छात्र परेशान हैं और विभिन्न मुद्दों पर धरने-प्रदर्शन चल रहे हैं, लेकिन सरकार इन समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय दूसरे मुद्दे उठा रही है। 'वन नेशन, वन इलेक्शन' की व्यवहारिकता पर सवाल उठाते हुए इमरान मसूद ने कहा कि देश के अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग समय पर चुनाव होते हैं। उन्होंने पूछा कि यदि किसी राज्य की सरकार कार्यकाल पूरा होने से पहले गिर जाती है, तो उस स्थिति में एक साथ चुनाव कराने की व्यवस्था कैसे लागू की जाएगी। इस प्रस्ताव के व्यावहारिक पहलुओं पर गंभीर विचार किए जाने की आवश्यकता है।

संसद के आगामी सत्र को लेकर भाजपा द्वारा विपक्ष पर लगाए जाने वाले संभावित आरोपों के सवाल पर मसूद ने कहा कि यदि सरकार सदन में सकारात्मक और जनहित से जुड़े विषय लेकर आएगी तो विपक्ष सहयोग करेगा।

भगवान कृष्ण पर मौलाना जर्गिस अंसारी की टिप्पणी के संबंध में पूछे गए सवाल पर इमरान मसूद ने ऐसी टिप्पणियों की निंदा करते हुए कहा कि किसी भी धर्म या आराध्य के प्रति अपमानजनक भाषा का प्रयोग स्वीकार्य नहीं होना चाहिए और सभी धार्मिक भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए।

वहीं, आगामी कांवड़ यात्रा के मद्देनजर उन्होंने श्रद्धालुओं से शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील की। कांग्रेस सांसद ने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था और भक्ति का पर्व है और इसमें हिंसा या तनाव का कोई स्थान नहीं होना चाहिए। उन्होंने लोगों से भगवान की भक्ति में लीन रहने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने का आग्रह किया।



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