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'लेडी सिंघम' IPS अंशिका वर्मा और 'दबंग' SP केके बिश्नोई 29 मार्च को जोधपुर में करेंगे शादी, यूपी की चर्चित पुलिस जोड़ी की नई शुरुआत

संभल के एसपी केके बिश्नोई और बरेली के एसपी साउथ अंशिका वर्मा अपने सख्त प्रशासनिक रवैये और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की कार्यशैली के कारण अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। इस बार दोनों की चर्चा उनके निजी जीवन से जुड़ी इस खुशखबरी को लेकर हो रही है।

लेडी सिंघम IPS अंशिका वर्मा और दबंग SP केके बिश्नोई 29 मार्च को जोधपुर में करेंगे शादी, यूपी की चर्चित पुलिस जोड़ी की नई शुरुआत
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लखनऊ/जोधपुर: Anshika Verma KK Bishnoi Marriage: उत्तर प्रदेश की चर्चित आईपीएस जोड़ी अंशिका वर्मा और कृष्ण कुमार (केके) बिश्नोई जल्द ही विवाह बंधन में बंधने जा रहे हैं। दोनों अधिकारी 29 मार्च को राजस्थान के जोधपुर में शादी करेंगे। शादी से जुड़ी रस्मों हल्दी, मेहंदी और संगीत की तारीखें भी तय हो चुकी हैं। संभल के एसपी केके बिश्नोई और बरेली के एसपी साउथ अंशिका वर्मा अपने सख्त प्रशासनिक रवैये और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की कार्यशैली के कारण अक्सर सुर्खियों में रहते हैं। इस बार दोनों की चर्चा उनके निजी जीवन से जुड़ी इस खुशखबरी को लेकर हो रही है। राजस्थान और प्रयागराज से ताल्लुक रखने वाले इन दोनों अधिकारियों ने अपने व्यस्त और सफल करियर के बीच अब जीवन की नई पारी साथ शुरू करने का फैसला किया है।

2018 बैच के आईपीएस हैं केके बिश्नोई

आईपीएस अधिकारी कृष्ण कुमार बिश्नोई 2018 बैच के अधिकारी हैं और मूल रूप से राजस्थान के बाड़मेर जिले के निवासी हैं। वर्तमान में वे उत्तर प्रदेश के संभल जिले में पुलिस अधीक्षक (एसपी) के पद पर तैनात हैं। संभल में उनकी तैनाती के दौरान उन्होंने कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई अहम कदम उठाए। उनके नेतृत्व में पुलिस ने कई बड़े अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की और जिले में अपराध नियंत्रण के लिए विशेष अभियान चलाए।

केके बिश्नोई को उनकी कार्यकुशलता और साहसिक निर्णयों के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्हें वर्ष 2024 में गोरखपुर से संभल स्थानांतरित किया गया था, जहां उन्होंने अपनी सख्त और प्रभावी कार्यशैली से जल्दी ही पहचान बना ली।

‘लेडी सिंघम’ के नाम से मशहूर हैं अंशिका वर्मा

आईपीएस अंशिका वर्मा भी 2018 बैच की अधिकारी हैं और वर्तमान में बरेली में एसपी साउथ के पद पर तैनात हैं। वह मूल रूप से उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं और उनकी शुरुआती शिक्षा भी वहीं हुई है। बरेली में अपनी तैनाती के दौरान अंशिका वर्मा ने कई जटिल मामलों को सुलझाकर खास पहचान बनाई है। एनडीपीएस, हत्या और संगठित अपराध से जुड़े कई मामलों में उन्होंने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को गिरफ्तार कराया। उनकी सख्त कार्यशैली के कारण उन्हें बरेली में ‘लेडी सिंघम’ के नाम से भी जाना जाता है। प्रदेश सरकार भी कई बार उनके कार्यों की सराहना कर चुकी है।

‘वीरांगना यूनिट’ से मिली खास पहचान

अंशिका वर्मा ने वर्ष 2025 में उत्तर प्रदेश की पहली ‘वीरांगना यूनिट’ का गठन किया था। यह यूनिट महिला सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से बनाई गई थी। इस विशेष यूनिट में महिला कमांडो को ताइक्वांडो, आत्मरक्षा और दंगों से निपटने की विशेष ट्रेनिंग दी गई है। इसका उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है।

इसके अलावा अंशिका वर्मा ने बरेली के एक मदरसे में चल रहे कथित लव जिहाद और धर्म परिवर्तन से जुड़े रैकेट का खुलासा कर भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं। अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए उनका रिकॉर्ड काफी मजबूत माना जाता है।

संभल हिंसा पर दो घंटे में पाया था काबू

एसपी केके बिश्नोई ने संभल में 24 नवंबर 2024 को जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की हिंसा पर तेजी से नियंत्रण पाया था। बताया जाता है कि उन्होंने महज दो घंटे के भीतर हालात काबू में कर लिए थे, जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया। इस मामले में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क समेत करीब ढाई हजार अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। इसके अलावा केके बिश्नोई ने संभल में बिजली चोरी के खिलाफ विशेष अभियान भी चलाया। इस अभियान के दौरान एक मस्जिद के भीतर कथित रूप से अवैध पावर हाउस चलने का मामला भी सामने आया था। उनकी इस कार्रवाई का जिक्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपने एक भाषण में किया था।

माफियाओं और घोटालेबाजों पर भी की बड़ी कार्रवाई

केके बिश्नोई ने अपने कार्यकाल में कई बड़े आपराधिक गिरोहों और आर्थिक अपराधों के खिलाफ भी कार्रवाई की है। उन्होंने 100 करोड़ रुपये से अधिक के बीमा घोटाले का पर्दाफाश किया और इस मामले में 69 से अधिक आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा। इसके अलावा उन्होंने संभल हिंसा के कथित मास्टरमाइंड शारिक साठा गैंग के खिलाफ भी बड़ी कार्रवाई की और गिरोह के कई प्रमुख सदस्यों को गिरफ्तार कराया।

अब जोधपुर में शुरू होगी नई पारी

एक ओर जहां केके बिश्नोई संभल में अपराध और अवैध गतिविधियों पर कड़ा शिकंजा कसने के लिए जाने जाते हैं, वहीं अंशिका वर्मा ने भी बरेली और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में कई चुनौतीपूर्ण मामलों को सुलझाकर अपराधियों के बीच सख्त संदेश दिया है। अब यह दोनों अधिकारी अपने व्यस्त और सफल प्रशासनिक जीवन के बीच 29 मार्च को जोधपुर में विवाह कर नई पारी की शुरुआत करने जा रहे हैं। उनकी शादी को लेकर पुलिस महकमे और प्रशासनिक हलकों में भी काफी चर्चा है, क्योंकि दोनों को अपने-अपने क्षेत्रों में कुशल, सख्त और प्रभावी अधिकारी के रूप में जाना जाता है।


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