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UP News: महोबा में भाजपा विधायक ने रोका मंत्री का काफिला, जल जीवन मिशन पर तीखी तकरार, सपा ने कसा तंज

विधायक ने जल जीवन मिशन के तहत अधूरे कार्यों और खराब सड़कों को लेकर मंत्री पर सवाल उठाए। मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि यदि कहीं काम अधूरा है तो उन्हें उन गांवों में ले जाया जाए, और यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाएगा।

UP News: महोबा में भाजपा विधायक ने रोका मंत्री का काफिला, जल जीवन मिशन पर तीखी तकरार, सपा ने कसा तंज
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महोबा/चरखारी। उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में शुक्रवार शाम उस समय सियासी हलचल तेज हो गई, जब चरखारी से भाजपा विधायक डॉ. ब्रजभूषण राजपूत ने करीब 100 प्रधानों और समर्थकों के साथ जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का काफिला बीच सड़क पर रोक लिया। छतरपुर रोड पर कलेक्ट्रेट से लगभग तीन किलोमीटर पहले गाड़ियों को आड़ा लगाकर काफिला रोका गया। इसके बाद मंत्री और विधायक के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जो भाजपा के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान को भी उजागर कर गई। विधायक ने जल जीवन मिशन के तहत अधूरे कार्यों और खराब सड़कों को लेकर मंत्री पर सवाल उठाए। मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि यदि कहीं काम अधूरा है तो उन्हें उन गांवों में ले जाया जाए, और यदि आरोप सही पाए गए तो संबंधित अधिकारियों को निलंबित किया जाएगा।

जल जीवन मिशन पर टकराव

विधायक डॉ. ब्रजभूषण राजपूत का आरोप है कि जल जीवन मिशन के तहत जिले में कई स्थानों पर काम अधूरा पड़ा है। उन्होंने कहा कि 40 से अधिक गांवों में सड़कों को खोदकर छोड़ दिया गया है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उनके अनुसार, ग्रामीण लगातार शिकायत कर रहे हैं, लेकिन अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे। विधायक ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर जमीन कब्जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने मौके पर कहा, “कैसे काम नहीं हुआ? जिन गांवों में समस्या है, वहां चलकर देखते हैं। यदि आपकी बात सही निकली तो संबंधित अधिकारियों को निलंबित करेंगे।”

बीच सड़क पर बढ़ा तनाव

शाम करीब पांच बजे जल शक्ति मंत्री रामश्री महाविद्यालय में आयोजित एबीवीपी के कार्यक्रम से लौट रहे थे। इसी दौरान विधायक और उनके समर्थकों ने काफिला रोक लिया। सदर कोतवाल मनीष पांडेय ने विधायक से गाड़ियों को हटाने का अनुरोध किया, लेकिन विधायक अड़ गए। एसडीएम सदर शिवध्यान पांडेय ने भी गाड़ियां हटाने को कहा, जिस पर विधायक ने साफ शब्दों में कहा, “जब तक मंत्री से मुलाकात नहीं होगी, कोई गाड़ी नहीं हटेगी।” तनाव बढ़ता देख मंत्री कार से बाहर आए। विधायक ने खराब सड़कों और ग्रामीण समस्याओं का मुद्दा उठाया। दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच भी नोकझोंक होने लगी। स्थिति को संभालने के लिए पुलिस बल सक्रिय हुआ। कुछ देर बाद मंत्री भीड़ को हटाते हुए कार में बैठ गए। विधायक भी उनकी कार में जा बैठे और समर्थकों को कलेक्ट्रेट पहुंचने के निर्देश दिए।

कलेक्ट्रेट में बंद कमरे में बैठक

घटनाक्रम के बाद जिले के सभी थानों की पुलिस कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर तैनात कर दी गई। अंदर मंत्री, विधायक, प्रधानों, एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर, एडीएम नमामि गंगे मोइनुल इस्लाम और डीएम गजल भारद्वाज के बीच बंद कमरे में बैठक हुई। बैठक के दौरान भी माहौल गर्म रहा। प्रधानों ने गांवों में अधूरे कार्य और सड़कों की दुर्दशा का मुद्दा उठाया। डीएम गजल भारद्वाज ने एक माह के भीतर सभी खोदी गई सड़कों को ठीक कराने का आश्वासन दिया। मंत्री ने अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट मांगी और कहा कि निरीक्षण के बाद जहां भी लापरवाही पाई जाएगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक के बाद मंत्री सुरक्षा घेरे में महोबकंठ के अमानपुरा गांव में आयोजित कार्यक्रम के लिए रवाना हो गए।

“जरूरत पड़ी तो फिर रोकेंगे”

घटना के बाद विधायक डॉ. ब्रजभूषण राजपूत ने कहा, “प्रधानों के साथ मंत्री का काफिला रोका था। काम कराने के लिए जिसका भी काफिला रोकना पड़ेगा, रोकेंगे। समस्याओं का हर हाल में निराकरण कराएंगे।” उन्होंने दोहराया कि ग्रामीणों की समस्याएं गंभीर हैं और उन्हें नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।

मंत्री बोले, कमी मिली तो निलंबन

जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा, “जिन गांवों में समस्या है, उनकी रिपोर्ट मांगी है। यदि निरीक्षण में कहीं कमी या अधूरा काम मिला तो संबंधित अधिकारियों को निलंबित करेंगे।” उन्होंने कहा कि सरकार जल जीवन मिशन को गंभीरता से लागू कर रही है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

जल जीवन मिशन की स्थिति पर सवाल

बुंदेलखंड क्षेत्र में हर घर नल से जल पहुंचाने की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन के तहत बड़े पैमाने पर पाइपलाइन बिछाने और टंकियों के निर्माण का कार्य चल रहा है। लेकिन कई स्थानों पर सड़कों की खुदाई के बाद मरम्मत में देरी की शिकायतें सामने आती रही हैं। विधायक द्वारा सार्वजनिक रूप से काफिला रोकने की घटना ने योजना के क्रियान्वयन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अधूरे कार्यों के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है।

भाजपा में अंदरूनी खींचतान?

इस घटनाक्रम ने भाजपा के भीतर संभावित असहमति को भी उजागर किया है। विपक्ष ने इसे लेकर सरकार पर निशाना साधा है। सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर तंज कसते हुए लिखा, “हमने तो पहले ही कहा था कि भाजपा के डबल इंजन ही नहीं, डिब्बे भी आपस में टकरा रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के मंत्री और विधायक जनता व विकास के बजाय अन्य गतिविधियों में लगे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि “भाजपा विधायक द्वारा अपनी ही सरकार के मंत्री को बंधक बनाना दर्शाता है कि भाजपा सरकार के विधायक आगामी चुनाव में हार की आशंका से घिरे हैं।”

प्रशासनिक चुनौती और राजनीतिक संदेश

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सत्ता पक्ष के भीतर इस तरह का सार्वजनिक टकराव प्रशासनिक तंत्र पर दबाव बढ़ाता है। हालांकि इसे स्थानीय स्तर पर जनप्रतिनिधि द्वारा जनता की समस्याओं को उठाने की कोशिश के रूप में भी देखा जा सकता है। वहीं, मंत्री द्वारा कार्रवाई का आश्वासन देना संकेत है कि सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से ले रही है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एक माह में सड़कों की मरम्मत और अधूरे कार्यों को पूरा करने का वादा कितना प्रभावी ढंग से लागू होता है।

सियासत में चर्चा का केंद्र बना


चरखारी की यह घटना बुंदेलखंड में विकास कार्यों की स्थिति और राजनीतिक समीकरणों दोनों को रेखांकित करती है। जल जीवन मिशन जैसी महत्वाकांक्षी योजना की सफलता स्थानीय स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। यदि प्रशासन तय समय सीमा में समस्याओं का समाधान करता है, तो स्थिति सामान्य हो सकती है। अन्यथा यह मुद्दा आने वाले समय में राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बन सकता है। फिलहाल, चरखारी की सड़क पर हुआ यह टकराव प्रदेश की सियासत में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।


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