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यूपी एमएलसी चुनाव की मतगणना में गड़बड़ी के आरोपों से गरमाई सियासत, अखिलेश ने चुनाव आयोग से मांगा हस्तक्षेप

उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों के लिए जारी मतगणना के बीच कई जगहों पर अनियमितताओं के आरोपों ने सियासी माहौल गरमा दिया है। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतपेटी से दर्ज मतदान से 50 अधिक मतपत्र निकलने का आरोप लगा है, वहीं लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में बिना मुड़े मतपत्र मिलने को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सवाल उठाए हैं।

यूपी एमएलसी चुनाव की मतगणना में गड़बड़ी के आरोपों से गरमाई सियासत, अखिलेश ने चुनाव आयोग से मांगा हस्तक्षेप
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लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधान परिषद की 11 स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की सीटों के लिए जारी मतगणना के बीच कई जगहों पर अनियमितताओं के आरोपों ने सियासी माहौल गरमा दिया है। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतपेटी से दर्ज मतदान से 50 अधिक मतपत्र निकलने का आरोप लगा है, वहीं लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में बिना मुड़े मतपत्र मिलने को लेकर समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सवाल उठाए हैं।

आगरा में मतगणना रोके जाने को लेकर भी सपा ने आपत्ति जताई है। दूसरी ओर, वाराणसी में संदिग्ध मतपत्रों की दोबारा जांच की जा रही है। विभिन्न सीटों पर प्रत्याशियों की बढ़त और मतगणना की प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मऊ स्थित एक मतदान केंद्र पर मतों की संख्या में अंतर का आरोप सामने आया है।

निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह एडवोकेट के मुताबिक, नगर पालिका मऊ के संबंधित बूथ पर 623 मतदाताओं ने मतदान किया था, लेकिन मतगणना के दौरान मतपेटी से 673 मतपत्र निकले। उन्होंने इस मामले में लिखित आपत्ति दर्ज कराई है। इसी निर्वाचन क्षेत्र से अजय सिंह ने अयोध्या मंडल के अपर आयुक्त अजय सैनी को मतगणना ड्यूटी से हटाने की मांग भी की है। उन्होंने निर्वाचन आयोग को भेजी शिकायत में अधिकारी की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि वह पिछले चुनाव में भी इसी निर्वाचन क्षेत्र में तैनात थे और भाजपा प्रत्याशी ध्रुव त्रिपाठी की पैरवी करते हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि उन्हें सूचना मिली है कि बूथ संख्या 97, जो सपा प्रत्याशी कांति सिंह से संबंधित है, वहां बिना मुड़े हुए मतपत्र मिले हैं। अखिलेश ने तंज कसते हुए कहा, “मतलब चोरी भी करो, तो चोरी भी ये भाजपा वाले ईमानदारी से नहीं कर पा रहे हैं।” उन्होंने भाजपा, चुनाव आयोग और प्रशासन के बीच गठजोड़ का आरोप लगाते हुए चुनावी प्रक्रिया में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया।

अखिलेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर भी चुनाव में कथित अनियमितताओं को लेकर टिप्पणी की और भाजपा को 'चुनावी गिरोह' करार दिया। आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना रुकने को लेकर भी विवाद सामने आया। सपा प्रत्याशी डॉ. आकाश अग्रवाल ने दावा किया कि वह मतगणना में बढ़त बनाए हुए थे, लेकिन पहले दौर का परिणाम घोषित नहीं किया गया। उन्होंने करीब आधे घंटे तक गिनती रुके रहने की बात कहते हुए रिटर्निंग ऑफिसर और चुनाव पर्यवेक्षक से निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करने की मांग की। इससे पहले उन्होंने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि पश्चिम बंगाल से भी बुरे हालात हैं।

अखिलेश यादव ने भी एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आगरा में सपा प्रत्याशी के आगे होने के बावजूद मतगणना रोके जाने की सूचना है। उन्होंने चुनाव आयोग से मामले का संज्ञान लेकर निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करने की अपील की। वाराणसी खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पहले दौर की मतगणना में सपा प्रत्याशी और निवर्तमान एमएलसी लाल बिहारी यादव ने बढ़त बनाई। वाराणसी में पहले दौर के दौरान करीब 14 हजार मतपत्रों में लगभग 200 संदिग्ध मतपत्र भी सामने आए। इन पर सही का निशान, बिंदी या अन्य चिह्न होने के कारण इन्हें अलग रखा गया था। बाद में इन मतपत्रों को रिटर्निंग ऑफिसर की मेज पर लाकर दोबारा जांच की गई। प्रत्याशियों की मौजूदगी में नियमानुसार मतपत्रों की वैधता तय करने की प्रक्रिया अपनाई गई।

गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शुरुआती रुझानों के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी राजीव यादव आगे बताए गए, जबकि भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी और सपा के डॉ. संजयन त्रिपाठी पीछे चल रहे थे। इस सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी अजय सिंह भी मुकाबले में हैं। मतगणना स्थल पर डॉ. संजयन त्रिपाठी और राजीव यादव के बीच बातचीत भी देखने को मिली। हालांकि, शुरुआती रुझानों को अंतिम परिणाम नहीं माना जा सकता। मेरठ में सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय परिसर में मतगणना के दौरान भाजपा प्रत्याशी श्रीचंद शर्मा के समर्थकों में उत्साह दिखाई दिया।

शुरुआती रुझानों में बढ़त की खबर के बाद कुछ कार्यकर्ता फूल-मालाएं लेकर मतगणना स्थल के बाहर पहुंचे और उनके समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान एमएलसी धर्मेंद्र भारद्वाज भी मौजूद रहे। भाजपा समर्थकों ने जीत का भरोसा जताया, लेकिन अंतिम परिणाम की घोषणा मतगणना पूरी होने के बाद ही की जानी है। बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में मतगणना दोपहर दो बजे शुरू हुई। इससे पहले मतपत्रों के बंडल बनाने की प्रक्रिया पूरी की गई। यहां आठ मतगणना टेबल और एक रिटर्निंग ऑफिसर की टेबल पर मतों की गिनती की जा रही है।

उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों के लिए पांच स्नातक और छह शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान हुआ था। मतपत्रों के जरिए हुए मतदान के कारण मतगणना में समय लग रहा है। प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में मतगणना की प्रक्रिया चल रही है। शुरुआती रुझानों के बीच जहां कुछ प्रत्याशियों ने बढ़त बनाई है, वहीं मतपत्रों की वैधता, गिनती में देरी और कथित अनियमितताओं को लेकर शिकायतें भी सामने आई हैं। अंतिम नतीजे मतगणना पूरी होने और निर्वाचन प्रक्रिया के निर्धारित औपचारिक चरण पूरे होने के बाद घोषित किए जाएंगे।



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