Top
Begin typing your search above and press return to search.

18 अगस्त तक अल्टीमेटम, समाधान नहीं तो होगी महापंचायत : भारतीय किसान यूनियन

संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में ग्रेटर नोएडा में किसानों ने विशाल बाइक तिरंगा यात्रा निकाली

18 अगस्त तक अल्टीमेटम, समाधान नहीं तो होगी महापंचायत : भारतीय किसान यूनियन
X

ग्रेटर नोएडा में गूंजे नारे - वंदे मातरम् के साथ निकली बाइक यात्रा

  • किसानों की लंबित मांगें - प्रतिकर, रोजगार और कर्ज माफी पर जोर
  • 24 अगस्त को महापंचायत - गांव‑गांव तक आंदोलन ले जाने की चेतावनी

ग्रेटर नोएडा। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर भारतीय किसान यूनियन के नेतृत्व में गुरुवार को ग्रेटर नोएडा में किसानों ने विशाल बाइक तिरंगा यात्रा निकाली। सैकड़ों किसान बाइकों पर राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए। यात्रा यमुना एक्सप्रेस-वे के जीरो प्वाइंट से शुरू होकर परी चौक होते हुए यमुना औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यीडा) के कार्यालय पहुंची। यहां किसानों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा।

भाकियू के राष्ट्रीय महामंत्री एवं प्रदेश प्रवक्ता पवन खटाना के नेतृत्व में निकाली गई इस यात्रा के दौरान किसानों ने राष्ट्रध्वज के सम्मान में वंदे मातरम् के नारे लगाए। जीरो प्वाइंट से शुरू हुई यात्रा के कारण मार्ग पर किसानों की बड़ी संख्या नजर आई। यात्रा का मुख्य उद्देश्य सरकार और प्राधिकरण तक किसानों की लंबे समय से लंबित मांगों को प्रभावी तरीके से पहुंचाना रहा। यमुना प्राधिकरण कार्यालय पहुंचने के बाद किसान नेताओं ने प्राधिकरण के ओएसडी अभिषेक शाही को सरकार के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में गौतमबुद्ध नगर के किसानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों के समाधान की मांग की गई है। किसानों ने स्पष्ट किया कि वे अपनी मांगों को शांतिपूर्ण तरीके से सरकार के सामने रख रहे हैं और अब लंबित समस्याओं के शीघ्र निस्तारण की अपेक्षा है।

ज्ञापन सौंपने के बाद पवन खटाना ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए सरकार और प्राधिकरण को 18 अगस्त 2026 तक का समय दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि इस अवधि तक ज्ञापन में उठाई गई सभी प्रमुख समस्याओं का समाधान कर दिया जाता है तो किसान संगठन प्राधिकरण के अधिकारियों का धन्यवाद करेगा। वहीं, यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 24 अगस्त 2026 को यमुना प्राधिकरण कार्यालय पर विशाल महापंचायत आयोजित की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि इसके बाद आंदोलन को गांव-गांव तक ले जाकर और तेज किया जाएगा।

भाकियू के जिला मीडिया प्रभारी सुनील प्रधान ने बताया कि तिरंगा यात्रा के जरिए सरकार को यह संदेश दिया गया है कि किसान अपनी मांगों को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से उठाना चाहते हैं। किसानों का कहना है कि क्षेत्र के विकास के साथ-साथ प्रभावित किसानों के हितों का भी ध्यान रखा जाना चाहिए और वर्षों से लंबित मामलों का जल्द निस्तारण किया जाना चाहिए। किसानों की ओर से सौंपे गए ज्ञापन में 64.7 प्रतिशत अतिरिक्त प्रतिकर का भुगतान प्रमुख मांगों में शामिल है। इसके अलावा आबादी, लीजबैक और शिफ्टिंग से जुड़े लंबित मामलों के निस्तारण की मांग की गई है।

किसानों ने 10 प्रतिशत आवासीय भूखंड की नीति लागू करने की भी मांग उठाई है। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, क्षेत्र के युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने, न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी और किसानों के कर्ज माफ किए जाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। किसान नेताओं का कहना है कि जमीन अधिग्रहण और क्षेत्र में तेजी से हो रहे औद्योगिक एवं शहरी विकास का सीधा प्रभाव स्थानीय किसानों और उनके परिवारों पर पड़ा है। ऐसे में उनके आर्थिक और सामाजिक हितों की सुरक्षा जरूरी है। किसान नेताओं ने कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा में मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। गांव-गांव जाकर किसानों को आंदोलन से जोड़ने और आगामी महापंचायत को सफल बनाने की रणनीति तैयार की जाएगी।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it