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माघ मेला में 48 घंटे में तीसरी आग, टेंट जलकर राख

उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित माघ मेला में एक बार फिर आग लगने की घटना हुई। पुरानी रेलवे लाइन के पास एक कैंप में 48 घंटे में तीसरी बार आग लग गई

अखंड ज्योति से लगी आग, युवक गंभीर रूप से झुलसा

  • फायर ब्रिगेड की तत्परता से बड़ा हादसा टला
  • तीसरी बार आग से मेला में दहशत का माहौल
  • प्रयागराज माघ मेला में सुरक्षा इंतज़ामों पर उठे सवाल

प्रयागराज। उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में आयोजित माघ मेला में एक बार फिर आग लगने की घटना हुई। पुरानी रेलवे लाइन के पास एक कैंप में 48 घंटे में तीसरी बार आग लग गई। फायर ब्रिगेड के आग बुझाने से पहले टेंट पूरी तरह जल गया। इस घटना में एक व्यक्ति गंभीर रूप से झुलस गया और उसे एसआरएन अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

माघ मेला के प्रमुख फायर ऑफिसर अनिमेष मिश्रा ने बताया कि रात 11:08 बजे हमें जानकारी मिली कि गणपति और अन्नपूर्णा मार्ग के चौराहे पर पुराने रेलवे पुल के पास एक कैंप में आग लग गई है। हमारी गाड़ियां दो मिनट के अंदर मौके पर पहुंच गईं और आठ फायर टेंडर भी आ गए। आग पर तुरंत काबू पा लिया गया।

उन्होंने जानकारी दी कि एक घटना में एक युवक झुलस गया है, जिसे इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। अधिकारी ने कहा कि प्रथम दृष्टया यह पता लगा है कि अखंड ज्योति जलने के कारण यह आग लगी। हालांकि, सही वजह का पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

कैंप इंचार्ज योगेश मिश्रा ने भी कहा कि वहां एक अखंड ज्योति जल रही थी। ऐसा लगता है कि जो कुछ भी हुआ, वह उसी वजह से हुआ होगा। उस समय मेरा भतीजा सो रहा था। जब तक आस-पास के लोगों ने देखा, तब तक टेंट में आग लग चुकी थी। लोगों ने उसे बचाया और उसके बाद अस्पताल भेजा गया।

कल्पवासी शिव देवी मिश्रा ने कहा कि आग लगने के कारणों का नहीं पता है। किसी ने पुलिस को बताया कि सेक्टर नंबर पांच में आग लग गई है। जब पुलिस आई और दरवाजा तोड़ा, तो हमारी आंखें अचानक खुल गईं। उस समय हमारी बहन और हमारे परिवार के लोग सो रहे थे।

उन्होंने बताया कि बाहर निकलने पर देखा तो बाहर आग के कारण उजाला हो रहा था। मैंने सभी को जगाया और जल्दी से बाहर निकलने के लिए बोला। हम समय रहते ही वहां से निकल गए, लेकिन बाद में देखा तो वहां सब जल चुका था।


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