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सपा की समानता भाईचारा रैली: अखिलेश का BJP पर हमला, कल भी एक रैली हुई, उसमें लोग आए नहीं थे, उन्हें लाया गया

अखिलेश यादव ने अपने संबोधन की शुरुआत रैली स्थल पर मौजूद भीड़ की सराहना से की। उन्होंने कहा कि पंडाल पूरी तरह भरा हुआ है और इसकी सजावट भी ऐसी है कि हर तरफ समाजवादी पार्टी का लाल रंग नजर आ रहा है।

सपा की समानता भाईचारा रैली: अखिलेश का BJP पर हमला, कल भी एक रैली हुई, उसमें लोग आए नहीं थे, उन्हें लाया गया
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नोएडा/दादरी: Samajavadi Samanata Bhaichara Rally: उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बाद अब समाजवादी पार्टी (सपा) ने भी अपने चुनावी अभियान का औपचारिक आगाज कर दिया है। रविवार को गौतमबुद्ध नगर के दादरी में आयोजित ‘समाजवादी समानता भाईचारा’ रैली के जरिए सपा ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। इस रैली में पार्टी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने शिरकत की और मंच से भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने रैली में उमड़ी भीड़ को सपा के बढ़ते जनसमर्थन का संकेत बताया।

रैली में उमड़ी भीड़ पर अखिलेश का उत्साह

अखिलेश यादव ने अपने संबोधन की शुरुआत रैली स्थल पर मौजूद भीड़ की सराहना से की। उन्होंने कहा कि पंडाल पूरी तरह भरा हुआ है और इसकी सजावट भी ऐसी है कि हर तरफ समाजवादी पार्टी का लाल रंग नजर आ रहा है। उन्होंने रैली के आयोजन के लिए स्थानीय नेता राजकुमार भाटी की तारीफ करते हुए कहा कि यह आयोजन पार्टी के कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के समर्थन का परिणाम है।

भाजपा पर साधा निशाना

अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सपा की रैली की चर्चा से विरोधी दलों के ‘होश उड़ गए’ हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा की रैली से पहले भाजपा को मजबूरी में अपनी रैली करनी पड़ी। अखिलेश ने कहा, “कल जो रैली हुई, उसकी सच्चाई हमारे लोगों ने सामने रख दी है। यह नया जमाना है, अब कोई कैमरों से नहीं बच सकता।” उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि भाजपा की रैली में लोग स्वेच्छा से नहीं आए थे, बल्कि उन्हें लाया गया था।

सरकारी संसाधनों के इस्तेमाल का आरोप

सपा प्रमुख ने भाजपा पर रैली के लिए सरकारी कर्मचारियों और संसाधनों के इस्तेमाल का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा, “जो पार्टी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बताती है, उसे रैली के लिए सरकारी कर्मचारियों का सहारा लेना पड़ा। यहां तक कि छात्रों को भी बुलाया गया और उन्हें रैली के बाद छुट्टी देने का लालच दिया गया।” अखिलेश ने दावा किया कि इस संबंध में जानकारी जुटाई जा सकती है और यह साबित किया जा सकता है कि छात्रों को रैली में शामिल होने के लिए प्रेरित किया गया।

एयरपोर्ट उद्घाटन पर भी उठाए सवाल

अखिलेश यादव ने हाल ही में हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पहले भी इस सरकार ने कई एयरपोर्ट का उद्घाटन किया, लेकिन उनमें से अधिकांश बाद में बंद हो गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, सात एयरपोर्ट में से छह बंद हो चुके हैं। कम से कम इस नए एयरपोर्ट के उद्घाटन के समय यह वादा किया जाना चाहिए था कि इसे बेचा नहीं जाएगा। ऐसा लगता है कि उद्घाटन ही बेचने के लिए किया गया है।

आरोप-प्रत्यारोप का दौर

गौरतलब है कि एक दिन पहले शनिवार को प्रधानमंत्री ने नोएडा एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद एक जनसभा को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने समाजवादी पार्टी पर हमला करते हुए आरोप लगाया था कि सपा सरकार के समय नोएडा को ‘एटीएम’ की तरह इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार पर रोक लगाकर विकास को आगे बढ़ाया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने भी 2002 से 2017 के बीच राज्य में विकास न होने का आरोप लगाते हुए सपा और कांग्रेस को घेरा था।

चुनावी माहौल में बढ़ी बयानबाजी

दादरी की रैली और उससे पहले हुई भाजपा की सभा ने यह साफ कर दिया है कि उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल पूरी तरह गर्म हो चुका है। दोनों प्रमुख दल एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं और अपनी-अपनी उपलब्धियों और जनसमर्थन को जनता के सामने रखने की कोशिश कर रहे हैं। सपा जहां सामाजिक न्याय और भाईचारे के मुद्दे को लेकर मैदान में उतर रही है, वहीं भाजपा विकास और बुनियादी ढांचे के कामों को अपनी ताकत बता रही है।

अहम है दादरी रैली

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, दादरी क्षेत्र पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आता है, जहां जातीय और सामाजिक समीकरण चुनावी नतीजों को प्रभावित करते हैं। ऐसे में ‘समाजवादी समानता भाईचारा’ रैली के जरिए सपा ने एक व्यापक सामाजिक गठजोड़ का संदेश देने की कोशिश की है। यह रैली पार्टी के लिए कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने और चुनावी रणनीति को जमीन पर उतारने का भी एक अहम मंच रही।

चुनावी जंग का औपचारिक आगाज

दादरी में आयोजित इस रैली के साथ समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि वह आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार है। अखिलेश यादव के भाषण में जहां भाजपा पर तीखे हमले देखने को मिले, वहीं उन्होंने अपनी पार्टी के जनाधार को मजबूत दिखाने की भी कोशिश की।आने वाले दिनों में जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आएंगे, वैसे-वैसे राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना है। उत्तर प्रदेश की सियासत में अब हर रैली और हर बयान चुनावी दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।


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