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समाजवादी छात्रसभा का ड्रेस कोड बदलने पर सपा सांसद बोले- 'यह समतामूलक समाज बनाने का संदेश'

समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई (छात्रसभा) के ड्रेस कोड का रंग बदलने पर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इसी क्रम में सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह जो ड्रेस कोड राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी पार्टी ने युवाओं को दिया है। यह समतामूलक समाज बनाने का संदेश है।

समाजवादी छात्रसभा का ड्रेस कोड बदलने पर सपा सांसद बोले- यह समतामूलक समाज बनाने का संदेश
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लखनऊ। समाजवादी पार्टी की छात्र इकाई (छात्रसभा) के ड्रेस कोड का रंग बदलने पर राजनीतिक बयानबाजी तेज है। इसी क्रम में सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह जो ड्रेस कोड राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी पार्टी ने युवाओं को दिया है। यह समतामूलक समाज बनाने का संदेश है।

सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, "यह जो ड्रेस कोड राष्ट्रीय अध्यक्ष समाजवादी पार्टी ने युवाओं को दिया है। ये समतामूलक समाज बनाने का संदेश है। बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर, डॉक्टर राम मनोहर लोहिया और नेताजी मुलायम सिंह यादव के सपनों का हिंदुस्तान बनाने का व अन्याय और अत्याचार के खिलाफ लड़ाई लड़ने का एक संकेत है। अन्याय रहित समाज की संरचना बनाने का एक संकेत है।"

सपा के प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने कहा, "यह एक नया दौर है और इसमें नए लोग हैं। बदलाव ही एकमात्र स्थायी चीज है और नए दौर के साथ-साथ यह रंग एक वैचारिक क्रांति का भी प्रतीक है। यह सामाजिक न्याय का रंग है और देश में संविधान व कानून का शासन स्थापित करने का भी प्रतिनिधित्व करता है।"

उन्होंने कहा, "समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने युवाओं को यह रंग दिया है और उन्हें एक जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने लोगों को सकारात्मक राजनीति की ओर आकर्षित किया है और संकेत दिया है कि ये युवा बाहर जाकर लोगों को संविधान, कानून के शासन और सामाजिक न्याय से जोड़ने का काम करेंगे। नीला रंग आसमान का रंग है, जो युवाओं की असीम संभावनाओं को दर्शाता है।"

भाजपा के इस आरोप पर कि समाजवादी पार्टी गिरगिट की तरह रंग बदल रही है, प्रवक्ता उदयवीर सिंह ने कहा, "भाजपा नेताओं को नीले रंग से बहुत दिक्कत है। उन्हें दबे-कुचले, शोषित और वंचित वर्गों, बाबासाहेब और उनकी विचारधारा से गहरी समस्या है। उनकी वैचारिक समझ बाबासाहेब के सामाजिक न्याय और कानून के शासन के सिद्धांतों के बिल्कुल उलट है। तो नीले रंग से उन्हें क्या लेना-देना है? भाजपा नेताओं को इस बात की चिंता क्यों है कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता कौन सी जर्सी पहनेंगे? ऐसा इसलिए है, क्योंकि उन्हें सामाजिक न्याय, कानून के शासन और संविधान से नफरत है।"

वहीं, कांग्रेस पार्टी ने समाजवादी छात्रसभा के ड्रेस कोड पर प्रतिक्रिया दी है। पार्टी के प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा, "अगर इंडिया गठबंधन के लोग अपनी यूनिफॉर्म बनाते हैं, अखिलेश यादव अपने छात्र सभा के लिए यूनिफॉर्म बनाते हैं, तो भारतीय जनता पार्टी और उनके इकोसिस्टम के पेट में दर्द क्यों हो रहा है? वो लोग अपनी यूनिफॉर्म बनाएं, उनको हम कहां रोक रहे हैं?"

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा, "इस हिंदुस्तान में सारे राजनीतिक दलों को अपनी यूनिफॉर्म बनाने का विशेष अधिकार प्राप्त है। उस अधिकार के तहत अगर उन्होंने समानता, समता के लिए एक यूनिफॉर्म बनाई है और नीले रंग की यूनिफॉर्म है, तो भारतीय जनता पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के पेट में दर्द आखिर क्यों हो रहा है? यह समझ से बाहर है।"

उधर, उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और सुभासपा के प्रमुख ओमप्रकाश राजभर ने सपा छात्रसभा की ड्रेस का रंग लाल से नीला करने पर कटाक्ष किया है। उन्होंने कहा, "अखिलेश यादव अपने लोगों को समझा नहीं रहे हैं कि क्या कर रहे हैं। आए दिन घटनाएं इनके लोग कर रहे हैं और ये खाली रंग बदल रहे हैं। ये नहीं बता रहे हैं कि अनुशासन सीखें।"

राजभर ने कहा, "अखिलेश जी कहीं पर निगाहें, कहीं पर इशारा। जो बहुजन समाज पार्टी का झंडा नीला है, उस तरफ उनका इशारा है कि दलित वोट हमको मिल जाएगा।"


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