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सपा नेता बोले- 'जारी रहेगा आंदोलन, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा न होने तक कोई बातचीत नहीं'

समाजवादी पार्टी ने सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल खत्म करने और जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होता है, तब तक न बातचीत हो सकती है और न ही आंदोलन खत्म होगा।

सपा नेता बोले- जारी रहेगा आंदोलन, धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा न होने तक कोई बातचीत नहीं
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नई दिल्ली। समाजवादी पार्टी ने सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल खत्म करने और जंतर-मंतर पर जारी प्रदर्शन को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी नेताओं ने कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होता है, तब तक न बातचीत हो सकती है और न ही आंदोलन खत्म होगा।

एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल खत्म करने पर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा, "उन्होंने अनशन खत्म किया है, जो सही है और इसके लिए बधाई देता हूं। ईश्वर से प्रार्थना है कि जल्द उनका स्वास्थ्य ठीक हो।"

सपा सांसद ने आगे कहा, "अखिलेश यादव ने सोनम वांगचुक से पहले ही भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की थी। इस अनुरोध के साथ कि वे अनशन खत्म करें, अखिलेश यादव ने पार्टी सांसदों का प्रतिनिधिमंडल भेजा था। अखिलेश यादव ने बोला था कि जिंदगी बहुत कीमती है।"

अवधेश प्रसाद ने कहा, "जब भाजपा सत्ता में है, भूख हड़ताल का इस सरकार पर बहुत कम असर होता है। हालांकि, विरोध का यह तरीका राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने सत्याग्रह के एक साधन के तौर पर दिया था, लेकिन मौजूदा सरकार पर इसका कोई असर होता नहीं दिखता।"

सीजेपी के प्रतिनिधिमंडल से सरकार की बातचीत पर सपा सांसद ने कहा, "सरकार इस मामले में दखल नहीं देना चाहती। इसी वजह से देश के हर कोने से लोग जंतर-मंतर पर जमा हो रहे हैं। सरकार के कोई ठोस कदम न उठाने की वजह से हालात इस मोड़ पर पहुंच गए हैं।"

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश और फास्ट ट्रैक कोर्ट के गठन की घोषणा पर अवधेश प्रसाद ने कहा, "शिक्षा मंत्री ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया? सबसे पहले प्रधानमंत्री को शिक्षा मंत्री से इस्तीफा मांगना चाहिए। उसके बाद ही उन्हें देश, छात्रों और जनता के सामने आकर इस मुद्दे पर बात करनी चाहिए।"

समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने सोनम वांगचुक के भूख हड़ताल खत्म करने पर कहा, "हमने बार-बार कहा है कि सोनम वांगचुक जैसे व्यक्ति की जान इस वर्तमान सरकार से अधिक कीमती है। उन्हें भी अपनी जान देने की जरूरत नहीं है, क्योंकि ये युवा आंदोलन है। युवाओं के होने से आंदोलन को मजबूती मिलती है।"

आशुतोष वर्मा ने कहा, "हमारी मांग बदली नहीं है। जब तक शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं होता है, तब तक न बातचीत हो सकती है और न ही आंदोलन खत्म होगा।"



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