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शिवा शर्मा हत्याकांड: ₹50 हजार की इनामी मॉडल श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी में नाकामी, हजरतगंज इंस्पेक्टर व डीसीपी के बाद अब एसीपी पर भी गिरी गाज

यूपी की राजधानी लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में 50 हजार रुपये की इनामी मॉडल श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी नहीं होने के बीच पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई की गई है। मामले में पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विक्रांत वीर को पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, एसीपी रजनीश वर्मा को भी उनके मौजूदा पद से हटाकर एसीपी अपराध की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

शिवा शर्मा हत्याकांड: ₹50 हजार की इनामी मॉडल श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी में नाकामी, हजरतगंज इंस्पेक्टर व डीसीपी के बाद अब एसीपी पर भी गिरी गाज
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लखनऊ। यूपी की राजधानी लखनऊ के चर्चित शिवा शर्मा हत्याकांड में 50 हजार रुपये की इनामी मॉडल श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी नहीं होने के बीच पुलिस महकमे में बड़ी कार्रवाई की गई है। मामले में पुलिस की कार्यशैली पर उठ रहे सवालों के बीच पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) विक्रांत वीर को पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। वहीं, एसीपी रजनीश वर्मा को भी उनके मौजूदा पद से हटाकर एसीपी अपराध की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

इसके अलावा लखनऊ कमिश्नरेट में चार सहायक पुलिस आयुक्तों (एसीपी) के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया गया है। इससे पहले हजरतगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह को लाइन हाजिर किया जा चुका है। शिवा शर्मा की मौत के करीब दस दिन बाद भी श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी नहीं होने से पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। इसी बीच महकमे में वरिष्ठ अधिकारियों से लेकर थाना स्तर तक हुए बदलाव को मामले में जवाबदेही तय करने की दिशा में बड़ी कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।

पिछले 12 घंटे के भीतर पुलिस प्रशासन की ओर से की गई इन कार्रवाइयों के बाद अब सबकी निगाहें फरार आरोपी की गिरफ्तारी पर टिकी हैं। चार एसीपी के कार्यक्षेत्र में फेरबदल पुलिस आयुक्त के निर्देश पर जारी आदेश के अनुसार, एसीपी कैसरबाग अभिषेक कुमार पाण्डेय को एसीपी हजरतगंज बनाया गया है। एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा को एसीपी अपराध की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, एसीपी कार्यालय में तैनात गौरव उपाध्याय को एसीपी कैसरबाग बनाया गया है। एसीपी महानगर अंकित कुमार को महानगर के साथ कार्यालय का अतिरिक्त प्रभार भी दिया गया है।

इससे पहले हजरतगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक विक्रम सिंह को हटाकर लाइन हाजिर किया गया था। अब डीसीपी विक्रांत वीर को पुलिस मुख्यालय से संबद्ध किए जाने और एसीपी स्तर पर हुए बदलाव के बाद पुलिस महकमे में इस मामले को लेकर कार्रवाई तेज हो गई है। हालांकि, प्रशासनिक फेरबदल के बावजूद श्रद्धा दुबे की गिरफ्तारी अब भी पुलिस के सामने बड़ी चुनौती बनी हुई है।

दूसरी ओर, मामले में फरार चल रही श्रद्धा दुबे ने बातचीत में अपनी सफाई देते हुए दावा किया है कि शिवा शर्मा की मौत हत्या नहीं, बल्कि आत्महत्या थी। उसने शिवा के कर्ज में डूबे होने को इसकी वजह बताते हुए कहा कि सीसीटीवी फुटेज की जांच से उसकी बेगुनाही सामने आ जाएगी। श्रद्धा ने घटना में अपनी किसी भी तरह की संलिप्तता से इनकार किया है। हालांकि, उसके इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

श्रद्धा के मुताबिक, शिवा शर्मा दो महीने पहले उसके घर पर रहने आया था। उसने यह भी स्वीकार किया कि इस दौरान उसके घर से आभूषण चोरी होने की बात सामने आई थी लेकिन उसने इसे बहुत बड़ी घटना नहीं बताया। श्रद्धा का कहना है कि पुलिस को सीसीटीवी फुटेज की जांच करनी चाहिए, जिससे घटनाक्रम स्पष्ट हो सके।



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