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श्रावण मास में पीएम मोदी को भेंट किया गया जीआई क्राफ्ट से निर्मित शिवलिंग : डॉ रजनीकांत

श्रावण मास के पावन महीने में काशी आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जीआई टैग प्राप्त काशी शिल्प की अनुपम कलाकृति अभिनंदन स्वरूप भेंट दी गई

श्रावण मास में पीएम मोदी को भेंट किया गया जीआई क्राफ्ट से निर्मित शिवलिंग : डॉ रजनीकांत
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काशी। श्रावण मास के पावन महीने में काशी आगमन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जीआई टैग प्राप्त काशी शिल्प की अनुपम कलाकृति अभिनंदन स्वरूप भेंट दी गई। इस भव्य शिल्प में अरघे में विराजमान शिवलिंग, पांच फन वाला नाग, नंदी, त्रिशूल, कलश में गंगा जल, चंदन-भस्म और बाबा विश्वनाथ का प्रसाद शामिल है।

जीआई विशेषज्ञ एवं पद्मश्री सम्मानित डॉ रजनीकांत ने आईएएनएस से खास बातचीत में कहा कि पीएम मोदी का काशी आना हमेशा फलदायी होता है। इस बार भी उन्होंने काशी को ढेर सारी सौगातें दी हैं। पीएम मोदी जब भी काशी आते हैं तो उन्हें जीआई टैग प्राप्त काशी शिल्प की कुछ ना कुछ अनुपम कलाकृति अभिनंदन स्वरूप भेंट की जाती है। सीएम योगी की इच्छा थी कि श्रावण मास के पावन अवसर पर काशी में पीएम मोदी का आगमन हो रहा है, ऐसे में पीएम मोदी को जीआई टैग प्राप्त काशी शिल्प से तैयार कोई विग्रह दिया जाए। ऐसे में पीएम मोदी को भव्य शिल्प में अरघे में विराजमान शिवलिंग भेंट किया गया। इसमें पांच फन वाला नाग और सामने नंदी विराजमान हैं।

उन्होंने आगे कहा कि रुद्राक्ष से भगवान शिव को सजाया गया है। यह संपूर्ण विग्रह अपने आप में काफी मनोरम है। हमारे कारीगरों ने इसे काफी मेहनत से तैयार किया है। जब सीएम योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी को यह भेंट किया तो यह क्षण काफी सुखदायी था। ये क्षण सनातनियों के साथ पूरी दुनिया के लिए गौरव का क्षण बना। पीएम मोदी के दौरे को लेकर प्रशासन और इससे जुड़े हुए लोगों की हमेशा कोशिश रहती है कि कार्यक्रम के अनुरूप उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया जाए।

जीआई विशेषज्ञ एवं पद्मश्री सम्मानित डॉ रजनीकांत ने जानकारी दी कि यह विशेष उपहार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से प्रधानमंत्री मोदी को सभा स्थल पर भेंट किया गया। 18 इंच ऊंचाई और 15 इंच चौड़ाई वाली यह अनोखी कलाकृति ‘बनारस मेटल रिपौसी क्राफ्ट’, ‘मीनाकारी’ और ‘मेटल कास्टिंग’ तीनों जीआई टैग प्राप्त शिल्पों का समन्वय है।

आपको बता दें, इस कलाकृति को डॉ. रजनीकांत के मार्गदर्शन में तैयार किया गया। समस्त शिल्पी समाज इस गौरवपूर्ण क्षण को लेकर उत्साहित और सम्मानित महसूस कर रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर काशी की सिल्क, भदोही के कालीन और पारंपरिक हस्तशिल्पों को बढ़ावा देते हुए 'लोकल से ग्लोबल' का संदेश दोहराया।


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