Top
Begin typing your search above and press return to search.

शिवा शर्मा हत्याकांड: श्रद्धा दुबे, बहन और चालक से 6.5 घंटे पूछताछ, कोर्ट ने 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

पुलिस टीम गुरुवार सुबह करीब 9:45 बजे तीनों आरोपितों को लेकर हजरतगंज कोतवाली पहुंची। डीसीपी मध्य अर्पित विजयवर्गीय समेत पुलिस अधिकारियों ने उनसे घटना के क्रम, विवाद की वजह और फरार होने के कारणों को लेकर पूछताछ की।

शिवा शर्मा हत्याकांड: श्रद्धा दुबे, बहन और चालक से 6.5 घंटे पूछताछ, कोर्ट ने 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा
X

लखनऊ: कैफे संचालक शिवा शर्मा की मौत के मामले में मुख्य आरोपित श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे और चालक दानिश उर्फ तनवीर को नागपुर से गिरफ्तार करने के बाद गुरुवार सुबह हजरतगंज कोतवाली लाया गया। यहां पुलिस की दस सदस्यीय टीम ने तीनों से करीब साढ़े छह घंटे तक पूछताछ की। इस दौरान अधिकारियों ने आरोपितों से लगभग 120 सवाल पूछे। पुलिस के मुताबिक, तीनों ने घटना को लेकर एक जैसे बयान दिए हैं। पूछताछ के बाद मेडिकल जांच कराकर उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां से तीनों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

पुलिस ने अलग-अलग बैठाकर की पूछताछ

पुलिस टीम गुरुवार सुबह करीब 9:45 बजे तीनों आरोपितों को लेकर हजरतगंज कोतवाली पहुंची। डीसीपी मध्य अर्पित विजयवर्गीय समेत पुलिस अधिकारियों ने उनसे घटना के क्रम, विवाद की वजह और फरार होने के कारणों को लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, श्रद्धा ने वही कहानी दोहराई, जिसे उसने फरारी के दौरान वीडियो के माध्यम से सार्वजनिक किया था। रश्मि और दानिश ने भी पूछताछ में कथित तौर पर इसी तरह के बयान दिए। पुलिस अब तीनों के बयानों का अन्य साक्ष्यों से मिलान कर रही है, ताकि घटना से जुड़े तथ्यों की पुष्टि की जा सके।

श्रद्धा ने पूछताछ में क्या बताया?

पुलिस के मुताबिक, श्रद्धा ने बताया कि वह आठ अक्टूबर की रात शिवा शर्मा के साथ घूमने गई थी। नौ अक्टूबर की सुबह करीब सात बजे दोनों फ्लैट पर लौटे और सो गए। उसके अनुसार, शाम करीब चार बजे रश्मि और दानिश वहां पहुंचे और दोनों को जगाया। श्रद्धा ने दावा किया कि इसके कुछ समय बाद उसके और शिवा के बीच विवाद हुआ। इसके बाद शिवा कमरे से निकलकर बालकनी की तरफ चला गया और आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, उसकी बहन और चालक ने भी घटना के बारे में इसी तरह की कहानी बताई है। घटना की वास्तविक परिस्थितियों और शिवा की मौत के कारणों का निर्धारण जांच तथा उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर किया जाएगा।

फरारी और गायब मोबाइल फोन की जांच

डीसीपी मध्य ने तीनों से अलग-अलग पूछताछ कर फरार होने की वजह भी पूछी। पुलिस के मुताबिक, आरोपितों ने जेल जाने के डर से भागने की बात कही। पूछताछ में दो मोबाइल फोन गायब होने का मामला भी सामने आया। श्रद्धा ने पुलिस को बताया कि नेपाल की ओर भागने के दौरान दोनों फोन गिर गए थे। इनमें एक फोन उसका और दूसरा उसकी बहन का बताया गया है। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से दो मोबाइल फोन और 25 हजार रुपये बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामान को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अब यह भी पता लगा रही है कि फरारी के दौरान आरोपितों को किन लोगों ने मदद पहुंचाई। इसके लिए उनके संपर्कों और यात्रा से जुड़े तथ्यों की जांच की जा रही है।

अदालत ने 10 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा

पूछताछ और मेडिकल जांच के बाद तीनों आरोपितों को कड़ी सुरक्षा के बीच एसीजेएम-7 बलवंत कुमार भारती की अदालत में पेश किया गया। पुलिस ने मामले की आगे की जांच के लिए 14 दिन की रिमांड मांगी थी। हालांकि, अदालत ने तीनों को 10 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेजने का आदेश दिया। अब पुलिस मामले से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच करने के साथ आरोपितों के बयानों की पुष्टि करने में जुटी है।

नौ अक्टूबर को फ्लैट की बालकनी से गिरकर हुई थी मौत

शिवा शर्मा की मौत नौ अक्टूबर को लखनऊ के अवध ग्रीन अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से गिरने के बाद हुई थी। शिवा की मां रंजना ने श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि दुबे, चालक दानिश उर्फ तनवीर और अन्य लोगों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। मामले में पुलिस अब तक सामने आए बयानों, बरामद सामान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। फिलहाल, आरोपितों के बयान और पुलिस की जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे। शिवा की मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां जांच पूरी होने और साक्ष्यों के विश्लेषण के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।


Next Story

Related Stories

All Rights Reserved. Copyright @2019
Share it