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कानपुर में रॉटविलर का कहर: महिला पर 13 जगह हमला

कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत फ्रेंड्स कॉलोनी से दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है

कानपुर में रॉटविलर का कहर: महिला पर 13 जगह हमला
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कांग्रेसी नेता के भाई के कुत्तों ने बनाया शिकार

  • लहूलुहान महिला की हालत गंभीर, हैलट हॉस्पिटल में भर्ती
  • बच्चों और गिग वर्कर ने दिखाया साहस, कुत्तों को खदेड़ा
  • इलाके में दहशत: पहले भी बच्ची पर हमला कर चुके थे यही कुत्ते

कानपुर। कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत फ्रेंड्स कॉलोनी से दिल दहलाने वाली खबर सामने आई है। यहां रविवार शाम तीन रॉटविलर कुत्तों ने एक 55 वर्षीय महिला पर हमला कर दिया। जानकारी के अनुसार, ये कुत्ते एक कांग्रेसी नेता के भाई के बताए जा रहे हैं। इस हमले में महिला के शरीर पर 13 गहरे घाव आए हैं, जिसे डॉक्टरों ने बेहद गंभीर, यानी ग्रेड-3, डॉग बाइट की श्रेणी में रखा है। पीड़िता को प्राथमिक उपचार के बाद हैलट हॉस्पिटल के लिए रेफर किया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार हादसा उस समय हुआ जब गीता पहली बार इस इलाके में खाना बनाने और घरेलू काम के लिए आई थीं। इस दौरान रास्ते में जाते समय ही उन पर यह हमला हो गया। कुत्तों के हमले से महिला बुरी तरह घबरा गई और चीखने-चिल्लाने लगी। तभी महिला की चीख-पुकार सुनकर पास में सामान देने आए एक गिग वर्कर ने साहस दिखाया और कुत्तों पर ईंट-पत्थर फेंककर उन्हें हटाने का प्रयास किया। इसी दौरान पार्क में खेल रहे बच्चे भी क्रिकेट बैट और डंडों के साथ मौके पर पहुंचे और कुत्तों को खदेड़ा।

स्थानीय महिलाओं के अनुसार, अगर समय पर मदद न मिलती तो घटना और अधिक घातक हो सकती थी। हादसे के बाद पीड़िता की बेटियां बॉबी और तेजस्वी उन्हें स्कूटी से अस्पताल ले गईं। गीता के पति ज्योति प्रकाश एक प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। घटना की प्रत्यक्षदर्शी और स्थानीय निवासी सीमा दीक्षित ने बताया कि जब वह मौके पर पहुंचीं, तो पीड़िता लहूलुहान अवस्था में थीं और हमले के कारण उनके कपड़े फट चुके थे।

उन्होंने तुरंत अपने दुपट्टे से पीड़िता के शरीर को ढका और अन्य लोगों के सहयोग से उन्हें तत्काल अस्पताल भिजवाने की व्यवस्था की। स्थानीय निवासी रतन गुप्ता ने बताया कि इन कुत्तों के कारण क्षेत्र में लंबे समय से असुरक्षा का माहौल है और बच्चे पार्क में जाने से डरते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि करीब चार से छह महीने पहले भी इन कुत्तों ने एक पांच वर्षीय बच्ची को अपना शिकार बनाया था। गुप्ता का आरोप है कि मालिकों द्वारा कुत्तों को अक्सर सार्वजनिक स्थानों पर खुला छोड़ दिया जाता है, जिससे राहगीरों के लिए खतरा बना रहता है।


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